Hana-Rāwhiti Maipi-Clarke: न्यूजीलैंड की संसद में एक बार फिर बड़ा हंगामा देखने को मिला, जब 14 नवंबर को ‘स्वदेशी संधि बिल’ (Indigenous Treaty Bill) पेश किया जा रहा था. विपक्षी पार्टी की सांसद हाना रावहिती मापी क्लार्क ने इस बिल का विरोध करते हुए माओरी समुदाय का पारंपरिक ‘हाका डांस’ किया और बिल की कॉपी फाड़ दी. हाना के साथ उनके साथी माओरी सांसद भी इस विरोध में शामिल हो गए. संसद में यह घटनाक्रम इतना उग्र हो गया कि स्पीकर को कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी. इस हंगामे का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया.
बीबीसी के मुताबिक, न्यूजीलैंड की संसद में पेश किया गया यह ‘स्वदेशी संधि बिल’ 1840 में ब्रिटिश क्राउन और माओरी नेताओं के बीच हुए वेटांगी संधि से जुड़ा हुआ है. इस संधि के तहत माओरी जनजाति ने ब्रिटिशों को शासन सौंपा था, लेकिन बदले में उन्हें अपनी ज़मीन और अधिकारों की सुरक्षा का वादा किया गया था. आज भी माओरी समुदाय के अधिकार उसी संधि के आधार पर तय होते हैं.
हाल के वर्षों में माओरी अधिकारों में वृद्धि हुई है, लेकिन कई गैर-माओरी नागरिकों का आरोप है कि इससे उनके साथ भेदभाव हो रहा है. इसी कारण सत्तारूढ़ दक्षिणपंथी गठबंधन सरकार की सहयोगी ACT न्यूज़ीलैंड पार्टी ने इस संधि के अधिकारों को कानून में शामिल करने के लिए नया बिल पेश किया. इस बिल में यह कहा गया कि ये विशेष अधिकार अब सभी न्यूज़ीलैंडवासियों पर लागू होने चाहिए, जिसे हाना रावहिती और उनके समर्थकों ने विरोध किया. उनका मानना था कि इस बिल से माओरी समुदाय के अधिकारों का उल्लंघन हो रहा है.
हाना रावहिती मापी क्लार्क और उनके साथी सांसदों का विरोध पारंपरिक माओरी ‘हाका डांस’ के रूप में सामने आया. हाका एक युद्ध-नृत्य है, जिसे माओरी समुदाय अपनी संस्कृति और ताकत को दिखाने के लिए करते हैं. इसे पूरी ताकत और भावनाओं के साथ किया जाता है और यह सामूहिक एकता और शक्ति का प्रतीक है. हाना ने बिल का विरोध करते हुए यह डांस किया और बिल की कॉपी फाड़ दी, जिससे संसद में हंगामा मच गया. इस विरोध के साथ, सदन की गैलरी में बैठे दर्शकों ने भी हाना का समर्थन किया.
इस बिल का मुख्य उद्देश्य वेटांगी संधि के अधिकारों को व्यापक रूप से लागू करना था, लेकिन माओरी समुदाय के सदस्य इसे उनके अधिकारों के लिए खतरा मानते हैं. उनका कहना है कि इस बिल से उनकी विशिष्टता और संधि से मिले अधिकारों का हनन होगा, जो न्यूजीलैंड की जनसंख्या का लगभग 20% हैं.
हाना रावहिती मापी क्लार्क न्यूजीलैंड की संसद की सबसे कम उम्र की सांसद हैं. महज 22 साल की उम्र में उन्होंने संसद में अपनी जगह बनाई. हाना, माओरी समुदाय के अधिकारों के लिए लगातार संघर्ष करती रही हैं. वे न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन और उनकी सरकार की मुखर आलोचक रही हैं, जिन्हें माओरी अधिकारों को नष्ट करने का दोषी ठहराया जाता है.
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हाना पहले भी चर्चा में रही थीं जब उन्होंने अपनी पहली संसदीय भाषण के दौरान हाका डांस किया था. हाना और उनके साथी माओरी सांसदों ने इस बिल के विरोध में देशभर में आंदोलन तेज कर दिया है, और हज़ारों लोग इस बिल के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं. न्यूजीलैंड की संसद में इस बिल के विरोध ने माओरी समुदाय की चिंताओं को उजागर किया है. हाना रावहिती और उनके समर्थक इसे माओरी अधिकारों के लिए खतरे के रूप में देख रहे हैं, और उनका विरोध जारी रहेगा.
-भारत एक्सप्रेस
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