Sanae Takaichi Japan: जापान की केंद्रीय राजनीति में भारी उथल-पुथल के बाद साने ताकाइची को जापान का प्रधानमंत्री चुन लिया गया है. दक्षिणपंथी विचारधारा से आने वाली ताकाइची जापान की पहली महिला प्रधानमंत्री बन गई हैं. उन्होंने पूर्व जापानी प्रधानमंत्री शिगेरू इशिबा की जगह ली है. इशिबा ने मंगलवार की सुबह अपने मंत्रिमंडल के साथ इस्तीफा दे दिया था. वो केवल 1 साल तक जापान के प्रधानमंत्री के पद पर टिके रह पाये.
ताकाइची के प्रधानमंत्री बनने के बाद LDP के साथ 26 सालों से गठबंधन में रह रही कोमेतो पार्टी ने सत्तारूढ़ लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी (LDP) के साथ अपना गठबंधन तोड़ दिया है. कोमोतो पार्टी को मध्यमार्गी पार्टी माना जाता है. जिसे बौधों का समर्थन प्राप्त है.
कुछ दिनों पहले ही जापान के पूर्व प्रधानमंत्री शिगेरू इशिबा की जगह LDP ने अपना नेता साने ताकाइची को चुन लिया था. जिसके बाद ही कोमोतो पार्टी ने LDP के साथ अपना गठबंधन तोड़ लिया था. जिसकी वजह से LDP को नए सहयोगी की तलाश करनी पड़ी.
कोमोतो पार्टी का कहना है कि ताकाइची की राजनीति बहुत ज्यादा कट्टर है और वो भ्रष्टाचार जैसे मामलों पर नरम रुख अपनाती हैं. जिसकी वजह से ही LDP लगातार चुनावों में शिकस्त का सामना कर रही है.
दरअसल लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी और कोमोतो पार्टी मिलकर सरकार चला रहे थे. कोमोतो पार्टी के द्वारा गठबंधन तोड़े जाने से लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी अल्पमत में आ गई, लेकिन जापान का विपक्ष एकजुट होकर LDP को सत्ता से बेदखल करने में नाकाम रहा. मौके का फायदा उठाते हुए ताकाइची ने ‘इशिन नो काई’ (जापान इनोवेशन पार्टी) के साथ हाथ मिला लिया. जिसे धूर दक्षिणपंथी पार्टी माना जाता है. दोनों पार्टियों ने सोमवार को गठबंधन के समझौते पर हस्ताक्षर किये. जिसमें दोनों ने कई प्रमुख मुद्दों पर अपने लक्ष्य निर्धारित किये.
प्रधानमंत्री बनने के बाद ताकाइची को बड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा. जिसमें अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के साथ व्यापार वार्ता से लेकर, बढ़ती महंगाई भी शामिल है. जनता में इसको लेकर भारी असंतोष है. उन्हें जल्द ही इसका समाधान निकालना होगा.
वहीं विदेश स्तर पर ताकाइची की नीतियां जापान को मुश्किलों में डाल सकती हैं. ताकाइची चीन के साथ रिश्ते को लेकर काफी कठोर रुख अपनाने की वकालत करती रही हैं. जिसकी वजह से जापान और चीन के रिश्तों में और खटास आ सकता है.
ताकाइची को एक ‘रंगीन मिजाज’ का नेता कहा जाता है. उनकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर धूम मचा देती हैं. खासकर उनकी बाइक्स के प्रति दिवानगी युवाओं में उनकी लोकप्रियता बढ़ा देती है. वे तनाव दूर करने के लिए ड्रम बजाती हैं. ताकाइची को हेवी मेटल म्यूजिक बेहद पसंद है.
हालांकि ताकाइची को बेहद रूढ़िवादी विचारधारा का नेता माना जाता है. ताकाइची जापान के शांतिवादी संविधान में संसोधन करना चाहती हैं. वे अक्सर युद्ध स्मारक (यासुकुनी श्राइन) का दौरा करती रहती हैं. जो काफी विवादास्पद है. इस जगह पर युद्ध अपराधों में दोषी ठहराये गए सैनिकों के नाम लिखे गए हैं.
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पीएम मोदी ने मंगलवार को जापान की प्रधानमंत्री चुने जाने पर साने ताकाइची को बधाई दी. उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने के लिए साथ मिलकर काम करने की उम्मीद है.
उन्होंने ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा,”जापान की प्रधानमंत्री चुने जाने पर साने ताकाइची को हार्दिक बधाई. मैं आपके साथ मिलकर भारत-जापान की विशेष रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी को और गहरा करने की आशा करता हूं. हमारे मजबूत होते संबंध इंडो-पैसिफिक क्षेत्र और उससे आगे तक शांति, स्थिरता और समृद्धि के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं.’
-भारत एक्सप्रेस
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