Khawaja Asif Controversial Statement: पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने एक ऐसा बयान दिया है जिसने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में खलबली मचा दी है. पाकिस्तान का यह सुझाव न केवल हैरान करने वाला है, बल्कि बेहद विवादित भी है. आखिर पाकिस्तान किसे किडनैप कराना चाहता है? और तुर्किये को लेकर ख्वाजा आसिफ ने ऐसा क्या कह दिया जो अब चर्चा का विषय बन गया है? आइए इस पूरे मामले को विस्तार से समझते हैं.
एक तरफ दुनिया भर में युद्ध और कूटनीति की बातें हो रही हैं, तो दूसरी तरफ पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने एक निजी चैनल (जियो न्यूज) को दिए इंटरव्यू में सीधे-सीधे इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को “किडनैप” करने की अपील कर डाली है.
आसिफ ने कहा कि अमेरिका को चाहिए कि वह नेतन्याहू को अगवा करके कोर्ट के सामने पेश करे. सिर्फ इतना ही नहीं, उन्होंने इस काम के लिए तुर्किये का नाम भी लिया और कहा कि तुर्किये नेतन्याहू को अगवा कर सकता है, और पूरा पाकिस्तान इसके लिए दुआएं मांग रहा है.
ख्वाजा आसिफ ने अपनी बातों को सही ठहराने के लिए ICC के उस गिरफ्तारी वारंट का हवाला दिया, जो नवंबर 2024 में नेतन्याहू और उनके पूर्व रक्षा मंत्री योव गैलेंट के खिलाफ जारी हुआ था. आसिफ ने नेतन्याहू को ‘मानवता का सबसे बड़ा अपराधी’ करार देते हुए कहा कि दुनिया को अब उन्हें न्याय के कठघरे में खड़ा करना चाहिए. हालांकि, इजराइल शुरू से ही इन वारंटों को अवैध और राजनीति से प्रेरित बताता रहा है.
पाकिस्तानी मंत्री का यह बयान अचानक नहीं आया. दरअसल, इसके पीछे 3 जनवरी की वह घटना है जिसने पूरी दुनिया को सन्न कर दिया था. अमेरिकी सेना ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निवास पर हमला कर राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को न सिर्फ पकड़ा, बल्कि उन्हें सुरक्षित देश से बाहर निकालकर अमेरिका ले गए. मादुरो पर ‘नार्को टेररिज्म’ के आरोप हैं. ख्वाजा आसिफ इसी घटना का उदाहरण देते हुए कह रहे हैं कि अगर अमेरिका मादुरो को पकड़ सकता है, तो वह नेतन्याहू को क्यों नहीं पकड़ता?
हैरानी की बात यह है कि ख्वाजा आसिफ ने तुर्किये को एक तरह से उकसाने वाला सुझाव दिया है. उन्होंने तुर्किये की ताकत का जिक्र करते हुए कहा कि वह नेतन्याहू को अगवा करने की क्षमता रखता है. उनके इस बयान को कूटनीतिक हलकों में काफी गंभीर माना जा रहा है, क्योंकि यह सीधे तौर पर एक संप्रभु राष्ट्र के प्रमुख के खिलाफ हिंसा या अपहरण को बढ़ावा देने जैसा है.
जानकारों का मानना है कि पाकिस्तान इस तरह के बयानों से मुस्लिम देशों के बीच खुद को फिलिस्तीन का सबसे बड़ा हिमायती दिखाना चाहता है. लेकिन जिस तरह से एक जिम्मेदार पद पर बैठा व्यक्ति सरेआम अपहरण की बात कर रहा है, उससे पाकिस्तान की अंतरराष्ट्रीय छवि पर भी सवाल उठ रहे हैं.
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-भारत एक्सप्रेस
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