US Iran Ceasefire: मध्य पूर्व में छह हफ्तों से जारी भीषण रक्तपात के बाद आखिरकार बंदूकों की गूँज शांत हुई है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा अचानक किए गए ‘डबल-साइडेड सीजफायर’ के ऐलान ने दुनिया को राहत तो दी है, लेकिन इस शांति समझौते के पीछे छिपे आर्थिक पेंच ने नई बहस छेड़ दी है. सबसे बड़ा सवाल रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) को लेकर है क्या ईरान अब यहां से गुजरने वाले वैश्विक जहाजों से ‘युद्ध हर्जाना’ के नाम पर टोल वसूलेगा?
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने सोशल मीडिया के जरिए घोषणा की है कि होर्मुज स्ट्रेट को अगले दो हफ्तों के लिए ‘सुरक्षित आवाजाही’ के लिए खोल दिया गया है. राष्ट्रपति ट्रंप के सीजफायर प्रस्ताव के बाद ईरान का यह कदम तनाव कम करने की दिशा में बड़ा संकेत माना जा रहा है. हालांकि, अराघची ने साफ किया कि यह आवाजाही ‘तकनीकी समन्वय’ के साथ होगी, जिसका मतलब है कि रूट पर अभी भी ईरान का कड़ा नियंत्रण बना रहेगा.
सीजफायर के बीच सबसे विवादास्पद मुद्दा ईरान का 10 सूत्रीय शांति प्रस्ताव है. इस प्रस्ताव में ईरान ने स्पष्ट रूप से कहा है कि वह होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों पर ‘टोल’ वसूलेगा. ईरान का तर्क है कि इस टोल से होने वाली आय का इस्तेमाल युद्ध में हुए बुनियादी ढांचे के नुकसान और 1600 से ज्यादा नागरिकों की मौत के हर्जाने के रूप में किया जाएगा. फिलहाल, अमेरिका और वैश्विक शक्तियों ने इस ‘टोल’ वसूली पर अपनी स्थिति स्पष्ट नहीं की है.
होर्मुज स्ट्रेट दुनिया का वह ‘गला’ है जहाँ से वैश्विक तेल व्यापार का 20 प्रतिशत हिस्सा गुजरता है. युद्ध के कारण इस मार्ग के बंद होने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल और गैस की कीमतों में आग लग गई थी. मंदी के मंडराते खतरे के बीच ट्रंप ने दावा किया है कि अमेरिका ने अपने सैन्य लक्ष्य हासिल कर लिए हैं और अब एक ‘लॉन्ग टर्म’ शांति समझौते की ओर बढ़ रहा है. यदि ईरान टोल वसूलने पर अड़ा रहता है, तो वैश्विक शिपिंग लागत में भारी बढ़ोतरी होना तय है.
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इस ऐतिहासिक सीजफायर की पटकथा में पाकिस्तान की भूमिका निर्णायक रही है. राष्ट्रपति ट्रंप ने स्वयं स्वीकार किया कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर के साथ गहन बातचीत के बाद यह युद्धविराम संभव हुआ है. अब अमेरिका और ईरान के प्रतिनिधि मंडल इस्लामाबाद में आमने-सामने बैठेंगे, जहाँ होर्मुज स्ट्रेट के प्रबंधन और टोल के मुद्दे पर अंतिम मुहर लग सकती है.
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