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“इसे दोबारा न बुलाएं”- पाकिस्तान के लिए सिरदर्द बना जाकिर नाइक, विवादास्पद बयानों से पाकिस्तानी नाराज

Zakir Naik: भारत के भगोड़े जाकिर नाइक को पाकिस्तान में अपने विवादास्पद बयानों के कारण भारी आलोचना का सामना करना पड़ रहा है. वह शहबाज शरीफ सरकार के निमंत्रण पर पाकिस्तान दौरे पर आया हुआ है. नाइक के विवादास्पद बयानों की वजह से उसके कुछ कट्टर अनुयायी भी यह कहने लगे हैं कि इस्लामाबाद ने उसे देश में आमंत्रित करके ‘बड़ी गलती’ की है, वह भी एक ‘राज्य अतिथि’ के रूप में.

PIA का उड़ाया मजाक

मंगलवार को नाइक का एक वीडियो पाकिस्तानी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ. इसमें वह पाकिस्तान की राष्ट्रीय एयरलाइन PIA का मजाक उड़ा रहा है क्योंकि PIA ने उस पर और उसके साथ आए लोगों पर अतिरिक्त सामान के लिए शुल्क लगाया.

कराची में अपने एक लेक्चर के दौरान नाइक ने कहा, “मैं पाकिस्तान आ रहा था. हमारा सामान 1000 किलोग्राम था. मैंने PIA के CEO से बात की. स्टेशन मैनेजर ने मुझसे कहा कि वह मेरे लिए कुछ भी करने को तैयार है. मैंने जवाब दिया, मेरे पास 500 से 600 किलोग्राम अतिरिक्त सामान है. उन्होंने मुझे 50 प्रतिशत छूट की पेशकश की. मैंने उनसे साफ कह दिया कि या तो सामान मुफ्त में जाने दें या रहने दें.”

नाइक ने आगे कहा, “भारत में मुझे मुफ्त में छोड़ दिया जाता है. वे मुझे देखते ही 1000-2000 किलो के लिए भी छूट दे देते हैं. और यहां, पाकिस्तान में, मैं सरकार का मेहमान हूं, मेरे वीजा पर ‘राज्य अतिथि’ की मुहर लगी है लेकिन सीईओ मुझे 50 प्रतिशत की छूट दे रहे हैं. मुझे बहुत निराशा हुई. मैंने उनसे कहा कि मुझे आपकी छूट नहीं चाहिए. मुझे बुरा लग रहा है लेकिन यह सच है, पाकिस्तान में यही स्थिति है.”

सोशल मीडिया पर हुई आलोचना

नाइक की यह टिप्पणी पाकिस्तानियों को पसंद नहीं आई और उन्होंने सोशल मीडिया पर इसकी जमकर आलोचना की. एक पाकिस्तानी कंटेंट क्रिएटर, साद कैसर, ने एक्स पर लिखा, ‘जिसने भी जाकिर नाइक को आमंत्रित किया है, वह कृपया इसे दोबारा न बुलाएं! हालांकि, PIA को पूरी कीमत मांगनी चाहिए थी. कोई भी वास्तविक इस्लामी उपदेशक कभी भी विशेष व्यवहार की मांग नहीं करेगा – या कम से कम, यह नहीं मिलने पर सार्वजनिक रूप से इसके बारे में शिकायत नहीं करेगा!”

एक पाकिस्तानी पत्रकार ने पूछा, “क्या यह वही व्यक्ति है जिसे सरकार ने राजकीय अतिथि के रूप में आमंत्रित किया है? देखिए वह पाकिस्तान और उसकी नेशनल एयरलाइन की बुराई कर रहा है. सरकार को उसे मेजबानी करने की सलाह किसने दी?’

कुछ लोगों ने नाइक, को ‘स्पेशल ट्रीटमेंट’ न देने के लिए PIA की तारीफ भी की.

इस्लामाबाद में अनाथ बच्चों के लिए आयोजित एक कार्यक्रम में मंच छोड़कर जाने और युवा लड़कियों को पुरस्कार देने से मना करने के कारण वह तुरंत विवादों में आ गए.

ये भी पढ़ें- Pakistan की धरती पर Zakir Naik ने उसकी बखिया उधेड़ते हुए भारत की जमकर की तारीफ, जानें क्या कहा | Viral Video

एक प्रमुख पाकिस्तानी मीडिया हाउस की पत्रकार अबसा कोमल ने मंगलवार को एक्स पर इस मुद्दे पर एक पोस्ट किया. उन्होंने लिखा, “यह आदमी जाकिर नाइक सोचता है कि 13-14 साल की अनाथ लड़कियां ‘ख्वातीन’ (सम्माननीय) हैं और वह उनके साथ मंच साझा नहीं कर सकता. वह सार्वजनिक रूप से राष्ट्रीय एयरलाइन की सामान शुल्क माफ नहीं करने को लेकर आलोचना करता है. वह यह भी कहता है कि जो महिलाएं किसी की दूसरी पत्नी बनने के बजाय अविवाहित रहना चुनती हैं, वे सार्वजनिक संपत्ति (बाजारू) हैं.”

अबसा कोमल आगे लिखती हैं, “वह एक पख्तून लड़की को पीडोफीलिया (Pedophilia- बाल यौन शोषण) के बारे में एक वैध सवाल पूछने के लिए भी डांटता है. इन सबके बावजूद, उसने कुछ फॉलोअर्स भी हासिल कर लिए हैं, और कुछ दिमागी रूप से मृत लोग उसका बचाव कर रहे हैं, स्पष्ट रूप से हम एक राष्ट्र के रूप में घमंडी लोगों और महिला-द्वेषियों के लिए चुंबक हैं. राज्य को समझदार लोगों को आमंत्रित करना चाहिए, हमारे पास पहले से ही सड़कों पर घूमने वाले ऐसे बहुत से लोग हैं. ये गलत नंबर है!”

Zakir Naik भारत में है वांछित

मालूम हो कि 2016 में बांग्लादेश (Bangladesh) की राजधानी ढाका में हुए आतंकी हमलों के बाद राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) द्वारा केस दर्ज किए जाने के बाद जाकिर नाइक भारत से भाग गया था. आतंकवाद निरोधी एजेंसी की यह कार्रवाई तब हुई, जब हमलावरों में से एक ने कबूल किया था कि वह Youtube पर नाइक के उपदेशों से प्रभावित था. केंद्र सरकार ने उसे भगोड़ा (Fugitive) घोषित कर दिया है, उसके इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन (Islamic Research Foundation) पर प्रतिबंध लगा दिया है और उसका पासपोर्ट (Passport) रद्द कर दिया है.

भारत से भागने के बाद नाइक मलेशिया में रह रहा है, जहां वह धर्मोपदेश और व्याख्यान देता रहता है. भारत ने मलेशिया से उसके प्रत्यर्पण (Extradition) का अनुरोध किया है. मलेशिया में महाथिर मोहम्मद के नेतृत्व वाली पिछली सरकार ने उसे स्थायी निवास की अनुमति दी थी. भारत ने बीते अगस्त महीने में मलेशियाई प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम (Anwar Ibrahim) की नई दिल्ली यात्रा के दौरान इस मुद्दे को उठाया था. तब प्रधानमंत्री इब्राहिम ने कहा था कि वे नाइक के प्रत्यर्पण के लिए भारत के अनुरोध के संबंध में ‘किसी भी सबूत के लिए तैयार हैं’.

-भारत एक्सप्रेस

Prashant Rai

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