अजब-गजब

इस विवादित फोटो को खींचने के बाद फोटोग्राफर ने अजीब तरीके से कर ली थी आत्महत्या! कहानी ऐसी कि कांप जाए रूह

The Vulture And The Little Girl: ये तो सभी जानते हैं कि कभी-कभी जो हम शब्दों में नहीं बता पाते उनका वर्णन बहुत ही खुबसूरती के साथ तस्वीरें कर जाती हैं. इसीलिए तो तस्वीरों के लिए कहा गया है कि तस्वीरें भी बोलती हैं. ठीक इसी तरह सोशल मीडिया पर एक तस्वीर तेजी से वायरल हो रही है, जिसकी कहानी रूह कंपा देने वाली है. इस तस्वीर को सुडान में फेमस फोटोग्राफर केविन कार्टर ने साल 1993 में खींची थी. बताया जाता है कि इस फोटो को खींचने के बाद उन्होंने भी मौत को गले लगा लिया था यानी आत्महत्या कर ली थी. केविन के लिए ये कहा जाता है कि उन्होंने अपने करियर में कई ऐसी फोटो खींची जो इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गई. हालांकि इस विवादित फोटो के लिए केविन को विश्व विख्यात पुलित्जर पुरस्कार भी मिला था. तो वहीं इस फोटो ने साउथ अफ्रीका में फैली भुखमरी का भी खुलासा पूरी दुनिया में कर दिया था.

साउथ अफ्रीका के इस युवा फोटोग्राफर को उनकी तस्वीरों ने उन्हें तमाम पुरस्कार और सम्मान भी दिलवाए थे. उनकी खींची हुई तस्वीरों में से एक तस्वीर ऐसी थी जो दुनिया की सबसे विवादित फोटो बनने के साथ ही केविन को भी दुनिया के महान फोटोग्राफर्स की लिस्ट में शामिल करवा दिया था. इस तस्वीर की वजह से उनको बहुत से पुरस्कार भी मिले लेकिन यही तस्वीर उनकी मौत की वजह भी बनी और तो और ये फोटो दुनिया में विवाद का एक बड़ा कारण भी बनी. कहा जाता है कि इस तस्वीर को देखकर लोग केविन को दूसरा गिद्ध कहने लगे थे, जिससे वह बहुत ही परेशान हो गए थे. इस फोटो के बाद केविन की बहुत आलोचना हुई थी, जिससे केविन अंदर तक टूट गए थे.

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घनघनाने लगे थे अखबार के दफ्तर के फोन

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक एक लेख के साथ ये फोटो फेमस अखबार न्यूयॉर्क टाइम्स में 26 मार्च 1993 में प्रकाशित हुई थी. कहा जाता है कि इस फोटो ने लोगों को इतना परेशान कर दिया था कि लोग न्यूजपेपर के ऑफिस में फोन करके ये पूछने लगे थे कि बच्ची की मौत हो गई या फिर वह जिंदा है.

जानें क्या था इस तस्वीर में?

ये फोटो सुडान में खींची गई थी. इस फोटो का नाम The Vulture And The Little Girl रखा गया था. इस तस्वीर में साफ दिखाई दे रहा है कि एक बच्ची भूख से बेहाल होकर जमीन पर गिरी पड़ी है और उसके पीछे घात लगाकर उसे नोचने के लिए गिद्ध बैठा हुआ है. तस्वीर में बच्ची हड्डियों का कंकाल नजर आ रही है. इस फोटो को देखकर अंदाजा ये कहा जा सकता है मानो गिद्ध उसके मरने का इंतजार कर रहा हो. हालांकि इस फोटो के खींचने के कुछ समय बाद केविन को पता चला था कि वो लड़की नहीं बल्कि लड़का है और उसका नाम कॉन्ग न्यॉन्ग है.

इस तरह केविन ने की थी आत्महत्या

साउथ अफ्रीका में फैली भुखमरी का खुलासा करने वाली इस फोटो को लेकर पूरी दुनिया में विवाद हो ही रहा था कि साउथ अफ्रीका में हिंसा हो गई. इसको कवर करने के लिए केविन अपने दोस्त केन औस्टरब्रोक के साथ गए थे. यहां पर केन की मौत हो गई थी. इसके बाद केविन को और भी धक्का लगा. कहा जाता है कि एक साथ लगातार हुई दो घटनाओं ने केविन को अंदर तक तोड़ कर रख दिया था. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक 27 जुलाई 1994 को केविन ने साउथ अफ्रीका में एक नदी किनारे गए. यहां पर उन्होंने अपनी कार पार्क की और फिर गाड़ी के एग्जॉस्ट पाइप में एक दूसरा पाइप लगाकर उसमें से निकलने वाली जहरीली कार्बन मोनोऑक्साइड गैस को अपने मुंह में ले लिया था. इससे उनकी मौत हो गई थी.

भुखमरी से नहीं हुई थी बच्चे की मौत

केविन ने जिस बच्चे की फोटो खींची थी उसकी मौत को लेकर बाद में खुलासा हुआ कि वह भुखमरी से नहीं मरा था बल्कि बच गया था. उस बच्चे की मौत साल 2008 में किसी बुखार की वजह से हुई थी. तो वहीं आत्महत्या करने से पहले केविन ने एक सुसाइड नोट भी छोड़ा था.

-भारत एक्सप्रेस

 

Archana Sharma

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