हमास के आतंकियों ने परिवार को बनाया बंधक
Hamas History: इज़रायल के शहरों पर बड़े पैमाने पर आतंकी हमले और उसके बाद क्रूर जवाबी हमले ने हमास को एक बार फिर सुर्खियों में ला दिया है. फ़िलिस्तीनी आतंकी समूह ने शनिवार को इज़राइल पर 5,000 से अधिक रॉकेट दागकर और उसकी एयर सिक्योरिटी सिस्टम आयरन डोम को नाकाम करके खूब सुर्खियां बटोरीं. बता दें कि हमास के हमले और इजराइल की जवाबी कार्रवाई में 500 से ज्यादा लोग मारे गए हैं. आइये यहां जानते हैं कि ये हमास क्या है, जिसने इजरायल के नाक में दम करके रख दिया है? जिसके आगे दुनिया के सबसे बेहतरीन खुफिया एजेंसी मोसाद भी फेल हो गई है.
हमास का मतलब हरकत अल-मुकावामा अल-इस्लामिया है. इसकी शुरुआत 1987 में हुई थी. हमास का लक्ष्य फिलिस्तीन को आजाद कराना और इज़रायल, वेस्ट बैंक और गाजा पट्टी तक फैले क्षेत्र में एक इस्लामिक राज्य स्थापित करना है. हमास का कहना है कि अगर इजरायल 1967 से पहले की सीमाओं पर पीछे हट जाता है, मुआवज़ा देता है और फ़िलिस्तीनी शरणार्थियों को लौटने की अनुमति देता है तो वह युद्धविराम को स्वीकार कर लेगा. उसने यह भी कहा है कि वह मुस्लिम ब्रदरहुड के साथ अपने संबंध खत्म कर देगा. हालांकि, इज़राइल ने हमास के दावों को खारिज कर दिया है और उस पर “दुनिया को बेवकूफ बनाने” की कोशिश करने का आरोप लगाया है.
हमास एक फिलिस्तीनी इस्लामी आतंकवादी समूह है जो गाजा पट्टी पर शासन करता है. हमास ने इजराइल के विनाश की शपथ ली है और 2007 में गाजा में सत्ता संभालने के बाद से उसने इजराइल के साथ कई युद्ध लड़े हैं. हमास ने कई दफा इजरायल पर ताबड़तोड़ रॉकेट दागे हैं. इज़राइल ने भी हमास पर बार-बार हवाई हमले किए हैं. हमास को इज़राइल, संयुक्त राज्य अमेरिका, यूरोपीय संघ और ब्रिटेन के साथ-साथ अन्य शक्तियों द्वारा एक आतंकवादी समूह नामित किया गया है. हमास को ईरान का समर्थन प्राप्त है जो उसे धन मुहैया कराता है और हथियार मुहैया कराता है.
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बता दें कि गाजा पट्टी इज़रायल, मिस्र के बीच 41 किमी लंबा और 10 किमी चौड़ा एक क्षेत्र है. यहां हमास का कब्जा है. इस जगह पर करीब 2.3 मिलियन लोग रहते हैं. इज़रायल गाजा और इसकी तटरेखा पर हवाई क्षेत्र को नियंत्रित करता है और इसकी सीमा पार से किसके और किस सामान को अंदर और बाहर जाने की अनुमति देता है, इसे प्रतिबंधित करता है.
हमास के प्रवक्ता खालिद कादोमी ने एक समाचार चैनल को कहा है कि समूह का सैन्य अभियान उन सभी अत्याचारों के जवाब में है जो फिलिस्तीनियों ने दशकों से झेले हैं. उन्होंने कहा, “हम चाहते हैं कि अंतर्राष्ट्रीय समुदाय गाजा में, फिलिस्तीनी लोगों और अल-अक्सा जैसे हमारे पवित्र स्थलों के खिलाफ अत्याचार रोके. ये सभी चीजें इस लड़ाई को शुरू करने के पीछे का कारण हैं.”
बता दें कि इजरायल और फिलिस्तीन के बीच विवाद कोई नया नहीं है. सबसे पहले हम इसकी भूगोलीय स्थिति के बारे में समझते हैं. दरअसल, इजरायल के पूर्वी और दक्षिण-पश्चिम हिस्से में दो अलग-अलग क्षेत्र मौजूद हैं. पूर्वी हिस्से में वेस्ट बैंक और दक्षिण-पश्चिम हिस्से में एक पट्टी है, जिसे गाजा पट्टी के तौर पर जाना जाता है. वेस्ट बैंक और गाजा पट्टी को ही फिलिस्तीन माना जाता है. हालांकि, वेस्ट बैंक में फिलिस्तीन नेशनल अथॉरिटी सरकार चलाती है और गाजा पट्टी पर हमास का कब्जा है, जो इजरायल विरोधी एक चरमपंथी संगठन है.
-भारत एक्सप्रेस
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