(प्रतीकात्मक तस्वीर).
अडानी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन लिमिटेड (APSEZ) को 2024 के S&P ग्लोबल कॉरपोरेट सस्टेनेबिलिटी असेसमेंट (CSA) में 68 (100 में से) स्कोर के साथ शीर्ष-10 ग्लोबल ट्रांसपोर्टेशन और ट्रांसपोर्टेशन इन्फ्रास्ट्रक्चर कंपनियों कंपनियों में शामिल किया गया है, जो पिछले साल की तुलना में तीन अंकों का सुधार है. APSEZ अब सेक्टर में 97वें पर्सेंटाइल पर है, जो 2023 के 96वें पर्सेंटाइल से बेहतर है.
लगातार दूसरे साल APSEZ ने पर्यावरण आयाम में पहला स्थान हासिल किया. इसने सामाजिक, शासन और आर्थिक आयामों में कई मानदंडों पर उच्चतम स्कोर भी हासिल किया, जिसमें पारदर्शिता और रिपोर्टिंग, भौतिकता, आपूर्ति श्रृंखला प्रबंधन, सूचना सुरक्षा/साइबर सुरक्षा और सिस्टम उपलब्धता, और ग्राहक संबंध शामिल हैं. 31 दिसंबर 2024 तक, परिवहन और परिवहन अवसंरचना क्षेत्र की 318 कंपनियों में से 60% का मूल्यांकन CSA 2024 के लिए किया गया था.
APSEZ के पूर्णकालिक निदेशक और सीईओ अश्विनी गुप्ता ने कहा, “हमारा दृढ़ विश्वास है कि जिम्मेदार व्यावसायिक व्यवहार नवाचार और दीर्घकालिक सफलता को बढ़ावा देते हैं.यह मान्यता स्थिरता और कॉर्पोरेट जिम्मेदारी के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाती है. हमारे सभी ऑपरेशनों में स्थिरता को एकीकृत करने के लिए हमारी टीम का समर्पण इस उपलब्धि के लिए महत्वपूर्ण रहा है. हम 2040 तक अपने नेट जीरो लक्ष्य के लिए प्रतिबद्ध हैं.”
अदानी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन लिमिटेड ( APSEZ), विश्व भर में फैले अदानी समूह का एक हिस्सा है, जो अपने बंदरगाह से ग्राहक तक एंड-टू-एंड समाधान प्रदान करता है. यह भारत में सबसे बड़ा बंदरगाह विकासकर्ता और संचालक है जिसके पश्चिमी तट पर 7 रणनीतिक रूप से स्थित बंदरगाह और टर्मिनल हैं, जिसमें गुजरात में मुंद्रा, टूना टेकरा और कांडला, दहेज और हजीरा में बर्थ 13, गोवा में मोरमुगांव, महाराष्ट्र में दिघी और केरल में विझिंजम शामिल हैं.
वहीं पूर्वी तट पर 8 बंदरगाह और टर्मिनल हैं, जिसमें पश्चिम बंगाल में हल्दिया, ओडिशा में धामरा और गोपालपुर, आंध्र प्रदेश में गंगावरम और कृष्णापटनम, तमिलनाडु में कट्टुपल्ली और एन्नोर और पुडुचेरी में कराईकल शामिल हैं.
ये देश के कुल बंदरगाहों का 27% प्रतिनिधित्व करते हैं. ये सभी बंदरगाहें तटीय क्षेत्रों और भीतरी इलाकों दोनों से विशाल मात्रा में कार्गो को संभालने की क्षमता प्रदान करते हैं. इसके अलावा कंपनी श्रीलंका के कोलंबो में एक ट्रांसशिपमेंट पोर्ट भी विकसित कर रही है और इजराइल में हाइफा पोर्ट और तंजानिया के दार एस सलाम पोर्ट में कंटेनर टर्मिनल 2 का संचालन करती है.
पोर्ट टू लॉजिस्टिक्स प्लेटफॉर्म में पोर्ट सुविधाएं, मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क, ग्रेड ए वेयरहाउस और औद्योगिक आर्थिक क्षेत्र सहित एकीकृत लॉजिस्टिक्स क्षमताएं शामिल हैं, जो इसे एक लाभप्रद स्थिति में रखता है क्योंकि भारत जल्द ही वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं में से लाभान्वित होने वाला है. कंपनी का विजन अगले दशक में दुनिया का सबसे बड़ा बंदरगाह और लॉजिस्टिक्स प्लेटफ़ॉर्म बनना है.
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-भारत एक्सप्रेस
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