मोबियस इमर्जिंग ऑपर्च्यूनिटीज फंड के चेयरमैन मार्क मोबियस
मोबियस इमर्जिंग ऑपर्च्यूनिटीज फंड के चेयरमैन मार्क मोबियस (Mark Mobius) का मानना है कि भारत आगामी 12 से 18 महीनों में 20% की रिटर्न की उम्मीदों के साथ China से बेहतर प्रदर्शन करेगा. उनका कहना है कि भारत अब तेजी से सुधार रहा है और यहां China के मुकाबले उच्च ग्रोथ रेट देखी जाएगी. उन्होंने इसे एक सुधार के रूप में देखा और बताया कि भारत का बाजार अपने हालिया गिरावट के बाद अच्छा प्रदर्शन करेगा.
मार्क मोबियस का कहना है कि China अब पहले जैसा विकास नहीं दिखा पाएगा. उनका मानना है कि China का सकल घरेलू उत्पाद (GDP) पहले जितनी तेजी से नहीं बढ़ सकता क्योंकि यह अब एक बड़ा देश बन चुका है. इसके अलावा, China में निजी क्षेत्र पर दबाव भी इसकी वृद्धि दर को प्रभावित कर रहा है. हालांकि, मोबियस का कहना है कि China के इलेक्ट्रॉनिक्स और सॉफ़्टवेयर सेक्टर में कुछ अच्छे अवसर हो सकते हैं, लेकिन बाकी क्षेत्रों में वह तेजी नहीं देखी जाएगी जो पहले थी.
मार्क मोबियस ने हाल ही में यह पुष्टि की कि उन्होंने अपने व्यक्तिगत इन्वेस्टमेंट के लिए भारत में बड़े पैमाने पर इन्वेस्टमेंट किया है. उनका कहना है कि उनका भारत में पहले से ही खूब सारा इन्वेस्टमेंट था और वह इसे बनाए रखेंगे. वे भारत के भविष्य के बारे में बहुत सकारात्मक हैं और उनका मानना है कि आने वाले समय में भारत अच्छी वापसी कर सकता है.
मार्क मोबियस के अनुसार, भारत से आने वाले 12 से 18 महीनों में लगभग 20% रिटर्न की उम्मीद की जा सकती है. यह अनुमान भारतीय बाजार के मजबूती से वापसी की ओर इशारा करता है. उन्होंने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था की गति में तेजी आएगी और यह China से बेहतर प्रदर्शन करेगा.
मार्क मोबियस का मानना है कि डोनाल्ड ट्रम्प के उच्च टैरिफ भारत के लिए फायदेमंद हो सकते हैं. उन्होंने कहा कि China से भारत में मैन्युफैक्चरिंग शिफ्ट हो रही है और इस प्रक्रिया में उच्च टैरिफ मददगार साबित होंगे. China में कामकाजी उम्र की घटती जनसंख्या और ग्रोथ रेट के कारण मैन्युफैक्चरिंग को भारत और अन्य देशों में स्थानांतरित किया जा रहा है. यह भारत के लिए एक बड़ा अवसर होगा.
मार्क मोबियस का कहना है कि उनकी इन्वेस्टमेंट रणनीति में प्रौद्योगिकी क्षेत्र का बहुत बड़ा हिस्सा है, जो कुल पोर्टफोलियो का लगभग 50% है. उनका मानना है कि प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में वृद्धि के बड़े अवसर हैं, खासकर उन कंपनियों में जो तकनीकी समाधान प्रदान कर रही हैं, जैसे कि सॉफ़्टवेयर और बैक-रूम प्रोसेसिंग से जुड़ी कंपनियाँ. उन्होंने यह भी बताया कि, चाहे वह कागज संबंधित काम हो या कम्प्यूटरीकृत प्रोसेसिंग, प्रौद्योगिकी के जरिए इन कार्यों में काफी सुधार हो सकता है.
भारत के लिए दीर्घकालिक इन्वेस्टमेंट की योजना
मार्क मोबियस ने यह भी कहा कि वे अपनी दीर्घकालिक इन्वेस्टमेंट स्ट्रेटजी को जारी रखेंगे और उन कंपनियों में इन्वेस्टमेंट करते रहेंगे जिन्हें वे भविष्य में अच्छा प्रदर्शन करते हुए देखते हैं. वे भारतीय एयरोस्पेस क्षेत्र को भी एक दिलचस्प इन्वेस्टमेंट क्षेत्र मानते हैं और कंपनियों जैसे भारत इलेक्ट्रॉनिक्स को भविष्य में महत्वपूर्ण मानते हैं. इसके अलावा, वे भारत में सॉफ़्टवेयर कंपनियों में भी इन्वेस्टमेंट के अवसर तलाश रहे हैं.
यह भी पढ़िए: भारत में इलेक्ट्रिक वाहन (EV) बाजार में जबरदस्त उछाल, PM E-DRIVE योजना का असर
WhatsApp Android यूजर्स के लिए एक नए फीचर पर काम कर रहा है. इस अपडेट…
UP News: गोरखपुर के गुलरिहा क्षेत्र में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान ट्रैक्टर-ट्रॉली हाईटेंशन तार…
Kidney Disease and Heart Disease: क्रोनिक किडनी डिजीज (CKD) के कारण हाई ब्लड प्रेशर, शरीर…
CJP Leaders Released: CJP नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका को SEM कोर्ट से बड़ी…
Retirement Planning Emergency Fund: रिटायरमेंट प्लानिंग में इमरजेंसी फंड बनाना बेहद जरूरी है. अचानक बीमारी…
उज्जैन से अयोध्या तक दिग्विजय सिंह की करीब 900 किलोमीटर लंबी ‘सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा’…