(प्रतीकात्मक तस्वीर: Pixabay)
Mutual Fund SIP: कैलेंडर वर्ष 2024 में, SIP (व्यवस्थित निवेश योजना) के माध्यम से म्यूचुअल फंड निवेशकों का निवेश 2,89,227 करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जिसमें दिसंबर में सबसे अधिक 26,459 करोड़ रुपये का योगदान था.
दिलचस्प बात यह है कि दिसंबर 2024 सकारात्मक इक्विटी प्रवाह का 46वां महीना भी रहा, जिसमें पहला निवेश मार्च 2021 में हुआ था. दिसंबर 2024 तक म्यूचुअल फंड उद्योग का शुद्ध AUM 66.93 लाख करोड़ रुपये था. म्यूचुअल फंड फोलियो ने 22.50 करोड़ रुपये का सर्वकालिक उच्च स्तर हासिल किया.
विशेषज्ञों का कहना है कि SIP की लोकप्रियता का श्रेय रुपया लागत औसत को दिया जा सकता है, जो अलग-अलग कीमतों पर म्यूचुअल फंड यूनिट खरीदकर अधिकतम लाभ कमाने की अवधारणा है. जब आप अलग-अलग कीमतों पर म्यूचुअल फंड यूनिट खरीदते हैं, तो औसत खरीद मूल्य उसी के अनुसार समायोजित किया जाता है. नतीजतन, लाभ को अधिकतम करने की संभावना अधिक होती है.
अपना धन फाइनेंशियल सर्विसेज की संस्थापक प्रीति ज़ेंडे ने कहा, ‘एसआईपी एक ऐसा तंत्र है जिसके जरिये आप अपने दीर्घकालिक वित्तीय लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए बाजार के स्तर की चिंता किए बिना ज्यादातर सक्रिय आय से नियमित रूप से निवेश कर सकते हैं. एसआईपी रुपया लागत औसत विधि पर काम करता है. इसका मतलब है कि लंबी अवधि में आपकी खरीद की लागत मंदी और तेजी के बाजार के कारण औसत हो जाती है और आपके निवेश एकमुश्त निवेश की तुलना में कम अस्थिर हो जाते हैं. और इसी वजह से एसआईपी को सभी तरह की बाजार स्थितियों – तेजी या उतार-चढ़ाव – में चलाया जाना चाहिए.’
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खुदरा एमएफ फोलियो (जिसमें इक्विटी, हाइब्रिड और समाधान-उन्मुख योजनाएं शामिल हैं) ने दिसंबर 2024 में 17,89,93,911 का सर्वकालिक उच्च स्तर हासिल किया, जबकि नवंबर 2024 में यह 17,54,84,468 था. दिसंबर 2024 में खुदरा एयूएम 39,91,313 करोड़ रुपये रहा, जबकि नवंबर 2024 में यह 39,70,220 करोड़ रुपये था. दिसंबर 2024 में एसआईपी एकाउंट की संख्या 10,32,02,796 पर पहुंच गई, जो नवंबर 2024 में 10,22,66,590 थी.
एएमएफआई के मुख्य कार्यकारी अधिकारी वेंकट चालसानी ने कहा, ‘बाजार की अस्थिर स्थितियों के बावजूद इक्विटी-उन्मुख योजनाओं में मजबूत प्रवाह जारी रहा, जो निवेशकों के आत्मविश्वास और लंबी अवधि के लिए निवेशित रहने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है. यह व्यवहार निवेशकों की बढ़ती परिपक्वता को दर्शाता है. एसआईपी योगदान दिसंबर 2024 में 26,459.49 करोड़ रुपये के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गया, जो निवेशकों की अपने वित्तीय लक्ष्यों के प्रति दृढ़ प्रतिबद्धता को दर्शाता है.’
-भारत एक्सप्रेस
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