देश

कल है ‘लाल आतंक’ का आखिरी दिन! अमित शाह की वो 3 तारीखें, जिन्होंने तोड़ दी नक्सलवाद की कमर

Amit Shah On Naxalism: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने सोमवार (30 मार्च) को लोकसभा में कहा कि देश में नक्सलवाद अब खत्म होने की कगार पर है. उन्होंने बताया कि 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) ने साफ कर दिया था कि देश के किसी भी हिस्से, चाहे जम्मू-कश्मीर हो या झारखंड-छत्तीसगढ़ में आतंकवाद और चरमपंथ को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

सरकार का ऑल-एजेंसी अप्रोच

सरकार ने सभी एजेंसियों को साथ लेकर काम किया. सुरक्षाबलों के बीच बेहतर समन्वय बनाया गया और सरेंडर नीति लागू की गई. इसके साथ ही विकास कार्यों और प्रशासन को उन इलाकों तक पहुंचाया गया, जहां पहले सरकार की मौजूदगी नहीं थी. अब हर क्षेत्र में शासन की पकड़ मजबूत हुई है, जो नक्सलवाद के कमजोर होने की बड़ी वजह है.

20 अगस्त 2019: रणनीति की शुरुआत

गृह मंत्री ने बताया कि 20 अगस्त 2019 को प्रधानमंत्री ने सुरक्षाबलों के अधिकारियों के साथ एक अहम बैठक की. इसमें नक्सलवाद के खिलाफ पूरी रणनीति पर चर्चा हुई. हालांकि, इस योजना को लागू करने में समय लगा, जिसका एक कारण कुछ राज्यों में उस समय की सरकारें थीं.

राज्यों की भूमिका पर सवाल

गृह मंत्री ने कहा कि बिहार, ओडिशा और झारखंड जैसे राज्यों में 2024 से पहले ही नक्सलवाद काफी हद तक खत्म हो चुका था. लेकिन छत्तीसगढ़ में कांग्रेस सरकार के कारण यह समस्या बनी रही. उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर आरोप लगाया कि उनकी सरकार ने नक्सलवाद को खत्म करने में सहयोग नहीं किया.

24 अगस्त 2024: बड़ा ऐलान

2024 में छत्तीसगढ़ में सरकार बदलने के बाद केंद्र और राज्य के बीच बेहतर तालमेल बना. 24 अगस्त 2024 को अमित शाह ने ऐलान किया कि देश से नक्सलवाद पूरी तरह खत्म कर दिया जाएगा. इसके बाद सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया.

सरकार ने 406 नए सीएपीएफ कैंप बनाए, 400 बुलेटप्रूफ गाड़ियां दीं और जवानों के लिए पांच अस्पताल तैयार किए. संचार व्यवस्था भी बेहतर की गई. आज नक्सल प्रभावित जिले सिर्फ 2 रह गए हैं और अति प्रभावित क्षेत्र शून्य हो चुके हैं.

आंकड़े क्या कहते हैं

2024 के बाद अब तक 706 नक्सली मारे गए, 2218 गिरफ्तार हुए और 4449 ने आत्मसमर्पण किया. पुलिस स्टेशनों की संख्या, जहां नक्सल घटनाएं दर्ज होती थीं, 350 से घटकर सिर्फ 7 रह गई है.


ये भी पढ़ें: ‘वामपंथी विचारधारा की उपज…’, नक्सलवाद पर बोले अमित शाह; कांग्रेस से भी पूछे तीखे सवाल


सरकार की नीति: बातचीत भी, कार्रवाई भी

अमित शाह ने कहा कि जो लोग बातचीत करना चाहते हैं, उनसे संवाद होना चाहिए. लेकिन जो निर्दोष लोगों और सुरक्षाबलों पर हमला करते हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई जरूरी है. यही नीति नक्सलवाद को खत्म करने में कारगर साबित हो रही है.

-भारत एक्सप्रेस

Sahil Singh

पढ़ने-लिखने से शुरू हुआ सफर खबरों तक ले गया. पत्रकारिता को करियर बनाने का एक मात्र उद्देश्य—पढ़ना, साथ ही नई-नई चीज़ों को जानने की जिज्ञासा रखना था. आज से पहले ‘आज तक’ चैनल, उसके बाद दायित्व वेबसाइट, और अब भारत एक्सप्रेस में बतौर सब-एडिटर की भूमिका निभा रहा हूं.

Recent Posts

टिक-टिक-टिक इंतजार खत्म..! 21 अक्टूबर को खुलेगा ‘जाणता राजा’ का पूरा रोडमैप, साक्षी बनेगा भारत एक्सप्रेस

Jaanta Raja Ghaziabad 2026: गाजियाबाद के सनसिटी में 22 से 28 अक्टूबर तक 'जाणता राजा'…

9 minutes ago

गोरखपुर से योगी आदित्यनाथ का विपक्ष पर निशाना, बोले- समाज को बांटने वालों में रावण जैसी सोच

UP News: गोरखपुर में विजयदशमी कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाज को बांटने…

13 minutes ago

“कल तक लापता, आज मिला शव; मासूम रतन की मौत के पीछे कौन?”

Child Death News: लखीमपुर खीरी के फरधान थाना क्षेत्र के रुकंदीपुर गांव में लापता पांच…

26 minutes ago

पंजाब में ड्रग्स पर अमित शाह का हमला, AAP सरकार से पूछा सवाल, बोले- आखिर इन मौतों का जिम्मेदार कौन?

Amit Shah Punjab Visit: पंजाब दौरे पर पहुंचे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने नशे…

26 minutes ago

दिवाली की छुट्टी पर कॉकरोच! CJP के फेस्टिवल वेकेशन पर क्या बोले अभिजीत दीपके?

Abhijeet Dipke On CJP Protest Break: चुनाव आयोग के खिलाफ चल रहे कॉकरोच जनता पार्टी…

1 hour ago