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कल है ‘लाल आतंक’ का आखिरी दिन! अमित शाह की वो 3 तारीखें, जिन्होंने तोड़ दी नक्सलवाद की कमर

Amit Shah On Naxalism: अमित शाह ने लोकसभा में कहा कि नक्सलवाद अब खत्म होने की कगार पर है. उन्होंने 20 अगस्त 2019, 24 अगस्त 2024 और 31 मार्च 2026 की अहम तारीखों के जरिए पूरी रणनीति समझाई.

Amit Shah On Naxalism

Amit Shah On Naxalism: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने सोमवार (30 मार्च) को लोकसभा में कहा कि देश में नक्सलवाद अब खत्म होने की कगार पर है. उन्होंने बताया कि 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) ने साफ कर दिया था कि देश के किसी भी हिस्से, चाहे जम्मू-कश्मीर हो या झारखंड-छत्तीसगढ़ में आतंकवाद और चरमपंथ को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

सरकार का ऑल-एजेंसी अप्रोच

सरकार ने सभी एजेंसियों को साथ लेकर काम किया. सुरक्षाबलों के बीच बेहतर समन्वय बनाया गया और सरेंडर नीति लागू की गई. इसके साथ ही विकास कार्यों और प्रशासन को उन इलाकों तक पहुंचाया गया, जहां पहले सरकार की मौजूदगी नहीं थी. अब हर क्षेत्र में शासन की पकड़ मजबूत हुई है, जो नक्सलवाद के कमजोर होने की बड़ी वजह है.

20 अगस्त 2019: रणनीति की शुरुआत

गृह मंत्री ने बताया कि 20 अगस्त 2019 को प्रधानमंत्री ने सुरक्षाबलों के अधिकारियों के साथ एक अहम बैठक की. इसमें नक्सलवाद के खिलाफ पूरी रणनीति पर चर्चा हुई. हालांकि, इस योजना को लागू करने में समय लगा, जिसका एक कारण कुछ राज्यों में उस समय की सरकारें थीं.

राज्यों की भूमिका पर सवाल

गृह मंत्री ने कहा कि बिहार, ओडिशा और झारखंड जैसे राज्यों में 2024 से पहले ही नक्सलवाद काफी हद तक खत्म हो चुका था. लेकिन छत्तीसगढ़ में कांग्रेस सरकार के कारण यह समस्या बनी रही. उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर आरोप लगाया कि उनकी सरकार ने नक्सलवाद को खत्म करने में सहयोग नहीं किया.

24 अगस्त 2024: बड़ा ऐलान

2024 में छत्तीसगढ़ में सरकार बदलने के बाद केंद्र और राज्य के बीच बेहतर तालमेल बना. 24 अगस्त 2024 को अमित शाह ने ऐलान किया कि देश से नक्सलवाद पूरी तरह खत्म कर दिया जाएगा. इसके बाद सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया.

सरकार ने 406 नए सीएपीएफ कैंप बनाए, 400 बुलेटप्रूफ गाड़ियां दीं और जवानों के लिए पांच अस्पताल तैयार किए. संचार व्यवस्था भी बेहतर की गई. आज नक्सल प्रभावित जिले सिर्फ 2 रह गए हैं और अति प्रभावित क्षेत्र शून्य हो चुके हैं.

आंकड़े क्या कहते हैं

2024 के बाद अब तक 706 नक्सली मारे गए, 2218 गिरफ्तार हुए और 4449 ने आत्मसमर्पण किया. पुलिस स्टेशनों की संख्या, जहां नक्सल घटनाएं दर्ज होती थीं, 350 से घटकर सिर्फ 7 रह गई है.


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सरकार की नीति: बातचीत भी, कार्रवाई भी

अमित शाह ने कहा कि जो लोग बातचीत करना चाहते हैं, उनसे संवाद होना चाहिए. लेकिन जो निर्दोष लोगों और सुरक्षाबलों पर हमला करते हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई जरूरी है. यही नीति नक्सलवाद को खत्म करने में कारगर साबित हो रही है.

-भारत एक्सप्रेस



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