देश

Bihar के बाबा गरीबनाथ मंदिर में इस बात को लेकर पुजारी दे रहे हैं धरना, जानें क्या है विवाद

बिहार के मुजफ्फरपुर स्थित बाबा गरीबनाथ धाम को बिहार का ‘देवघर’ कहा जाता है. यहां दूर-दूर से श्रद्धालु पूजा-अर्चना करने आते हैं, लेकिन यहां के पुजारी पिछले एक हफ्ते से मंदिर न्यास समिति के निर्णय के विरोध में धरने पर बैठे हैं. इसके चलते आने वाले भक्तों को काफी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है.

फूल बेचने वालों के भी इस आंदोलन में शामिल होने के बाद मंदिर के आसपास फूल भी नहीं मिल रहा.

श्रद्धालुओं की परेशानी

दरअसल, न्यास समिति ने करीब एक सप्ताह पहले मंदिर के दो पुजारियों पर मंदिर के प्रवेश पर पाबंदी लगा दी थी, इसके बाद पुजारी धरने पर बैठ गए. धरना बुधवार (12 जून) को आठवें दिन भी जारी है.

मंदिर में प्रतिदिन सैकड़ों श्रद्धालु जलाभिषेक के लिए पहुंच रहे हैं, लेकिन दुकानें बंद रहने के कारण उन्हें न तो जलपात्र मिल रहा है और न ही फूल-माला. ऐसे में उन्हें बाबा का जलाभिषेक किए बगैर ही मंदिर से निराश होकर लौटना पड़ रहा है.

काफी संख्या में श्रद्धालु सत्यनारायण भगवान की पूजा के लिए भी आ रहे हैं, लेकिन पंडितों ने पूजा कराने से इनकार कर दिया है.

पुजारियों के खिलार्फ कार्रवाई

बताया जा रहा है कि 22 जुलाई से सावन की शुरुआत होने वाली है. इसमें लाखों श्रद्धालु बाबा गरीबनाथ मंदिर में जलाभिषेक के लिए पहुंचते हैं, लेकिन मंदिर में तैयारी के नाम पर अब तक कुछ भी नहीं है. धरना-प्रदर्शन से मंदिर की व्यवस्था लचर है.

श्री गरीबनाथ मंदिर न्यास समिति का कहना है कि बाबा गरीबनाथ मंदिर के सामने धरना-प्रदर्शन किया जा रहा है. बीते 26 मई को बाबा गरीबनाथ मंदिर न्यास समिति में लिए गए निर्णय के अनुसार अभिषेक पाठक और शिबू पाठक को मंदिर परिसर में दो वर्ष के लिए प्रवेश निषेध कर दिया गया है. इनके विरुद्ध लगातार शिकायत मिल रही थी कि ये मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं से नाजायज तरीके से पैसे की वसूली करते हैं और श्रद्धालुओं को परेशान करते हैं.

पुजारियों ने लगाया ये आरोप

इधर, धरना दे रहे लोगों का कहना है कि मंदिर में पुजारी नहीं जाएंगे तो कौन जाएगा. मंदिर वर्षों से चल रहा है. ये लोग न्यास समिति के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सचिव को हटाने की मांग पर अड़े हैं.

इनका आरोप है कि अध्यक्ष मिहिर कुमार सिंह पुजारियों को गालियां देते हैं. पुजारियों ने कहा कि आज से अब अनशन शुरू किया जा रहा है.

अभिषेक पाठक ने समाचार एजेंसी आईएएनएस को बताया कि दान पात्र में मिली राशि भी मंदिर के उपयोग में नहीं आती है. दान पात्र महीनों में खोला जाता है तो अधिकांश रुपए सड़े गले निकलते हैं.

-भारत एक्सप्रेस

Bharat Express Desk

Recent Posts

पाइप बिछाने से आगे की कहानी: कैसे स्वतंत्र देव सिंह ने बुंदेलखंड में पानी की किल्लत को दी चुनौती?

UP Politics: बुंदेलखंड में स्वतंत्र देव सिंह के पानी अभियान का मुख्य फोकस घर-घर नल…

12 minutes ago

मायके वालों को कमरे में बंद कर पीटा, फिर रेलवे ट्रैक पर पत्थरबाजी; दहेज विवाद में मचा बवाल

Amroha Dowry Case: अमरोहा में दहेज उत्पीड़न की शिकायत करने बहन की ससुराल पहुंचे मायके…

16 minutes ago

पल्लवी पटेल की सियासत: सामाजिक न्याय, जातिगत प्रतिनिधित्व और सरकारी योजनाओं की पहुंच की पूरी कहानी

Pallavi Patel Social Justice Politics: पल्लवी पटेल की राजनीति उत्तर प्रदेश में पिछड़े वर्गों के…

31 minutes ago

7 जीत, अपनी पार्टी और सीबीआई से राहत: कुंडा में कैसे चलता है राजा भैया का एकछत्र राज?

UP Politics; लगातार 7 जीत, निर्दलीय से अपनी पार्टी का सफर और सीबीआई कोर्ट से…

37 minutes ago

द ट्रेजरी के रखवाले: सुरेश खन्ना ने कैसे तैयार किया यूपी का ट्रिलियन-डॉलर इकोनॉमिक ब्लूप्रिंट?

उत्तर प्रदेश को 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने की रणनीति में इंफ्रास्ट्रक्चर, निवेश, MSME,…

56 minutes ago

अस्पतालों के औचक निरीक्षण से सख्त फैसलों तक: जानिए बृजेश पाठक के ‘हेल्थ मॉडल’ के 5 बड़े बदलाव

UP Budget 2026-27: उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक के स्वास्थ्य सुधारों का ध्यान अस्पतालों के निरीक्षण, बुनियादी…

59 minutes ago