देश

आजादी के 79 साल बाद…लाल आतंक के अंधेरे को चीरकर पहुंचा उजाला, छत्तीसगढ़ के इन 10 गांवों में पहली बार जला बल्ब

छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित इलाकों से आज एक ऐसी ऐतिहासिक और रोंगटे खड़े कर देने वाली खबर (Chhattisgarh Naxal villages get electricity) सामने आई है, जिसने पूरे देश का सीना गर्व से चौड़ा कर दिया है. छत्तीसगढ़ के नवगठित जिले खैरागढ़-छुईखदान-गंडई (KCG) के साल्हेवारा संभाग के कई सुदूर जंगलों और पहाड़ों में बसे गांवों ने साल 1947 में मिली देश की आजादी के बाद पहली बार बिजली का दीदार किया है.

बता दें कि दशकों से माओवादी (नक्सली) उग्रवाद और लाल आतंक के साए में गुमनाम और पूरी तरह कटे हुए इन गांवों में जैसे ही पावर ग्रिड के जरिए करंट दौड़ा और पहला बल्ब जगमगाया, वैसे ही वहां के बूढ़े-बुजुर्गों की आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े.

 

खत्म हुआ सदियों का अंधेरा(Chhattisgarh Naxal villages get electricity)

प्रशासनिक अधिकारियों के मुताबिक, साल्हेवारा क्षेत्र के बेहद संवेदनशील और घने जंगलों में बसे गांव-जिनमें ग्वालगुंडी अमाटोला (Gwalgundi Amatola) और लाखनझिरिया (Lakhanjiriya) शामिल हैं-भौगोलिक विषमताओं और नक्सलियों के खौफ के कारण हमेशा से बुनियादी विकास से महरुम थे.

बता दें कि नक्सली यहां अक्सर विकास कार्यों को रोक देते थे और सड़कों व बिजली के खंभों को निशाना बनाते थे. लेकिन अब जैसे ही यह पूरा इलाका नक्सलवाद के दंश से मुक्त (लिबरेट) हुआ है, बिजली विभाग और सुरक्षा बलों ने अपनी जान जोखिम में डालकर करीब 10 ऐसे गांवों तक बिजली की कड़क लाइन पहुंचा दी है, जहां पहुंचना पहले नामुमकिन माना जाता था.

रात में महफूज महसूस कर रहे ग्रामीण

पहली बार घर में रोशनी (Chhattisgarh Naxal villages get electricity) देखने के बाद स्थानीय निवासियों का कहना है कि भरोसेमंद बिजली मिलने से उनके जीवन स्तर में एक क्रांतिकारी बदलाव आया है. पहले जहां सूरज ढलते ही पूरे इलाके में नक्सलियों और जंगली जानवरों का खौफ पसर जाता था और लोग अपने घरों में कैद होने को मजबूर थे, वहीं अब सड़कों और घरों में रोशनी होने से सुरक्षा और दैनिक सुविधा दोनों में भारी सुधार हुआ है. बच्चे अब रात में पढ़ाई कर पा रहे हैं और ग्रामीणों का जीवन स्तर सीधे तौर पर मुख्यधारा से जुड़ गया है.

यह भी पढ़ें:  दुनिया की सबसे ग्लैमरस फुटबॉलर ने रचाई सगाई, समंदर किनारे घुटनों के बल बैठकर BF ने किया प्रपोज

‘लाल गलियारे’ पर भारी पड़ा ‘विकास का पावर ग्रिड’

खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिला प्रशासन ने इस बड़ी कामयाबी की पुष्टि करते हुए कहा है कि यह सिर्फ बिजली के खंभे गाड़ना नहीं है, बल्कि यह उन हजारों आदिवासियों और ग्रामीणों के अधिकारों की जीत है जिन्हें नक्सलियों ने दशकों तक बंधक बनाकर रखा था. सुरक्षा बलों के कड़े पहरे और सरकार की आक्रामक विकास नीति के चलते अब इन दुर्गम क्षेत्रों में मोबाइल टावर, पक्की सड़कें और स्कूल पहुंचाने का काम भी मिशन मोड में शुरू कर दिया गया है.

Also Follow Bharat Express on Youtube

-भारत एक्सप्रेस

Rohit Agrawal

Recent Posts

दो नाल वाली बंदूक…’ आखिर कैसे पेरियार से बगावत कर अन्नादुरै ने बनाई तमिलनाडु की सबसे ताकतवर पार्टी DMK

पेरियार और अन्नादुरै के बीच आजादी के दिन और व्यक्तिगत फैसलों पर हुए मतभेदों ने…

6 minutes ago

18 सितंबर को वोटिंग, 19 को नतीजे! डूसू चुनाव के लिए ABVP और NSUI ने उतारे सूरमा, कैंपस में सियासी पारा हाई

DUSU Election 2026: DUSU चुनाव में सबसे दिलचस्प मुकाबला अध्यक्ष पद पर देखने को मिलेगा,…

9 minutes ago

‘हिंदी और उर्दू में सिर्फ लिपि का फर्क…’, Bharat Express के कॉन्क्लेव ‘बज्म-ए-सहाफ़त’ में ग्रुप मैनेजिंग एडिटर राधेश्याम राय की स्पीच

दिल्ली में भारत एक्सप्रेस के 'बज्म-ए-सहाफ़त' कॉन्क्लेव में ग्रुप मैनेजिंग एडिटर राधेश्याम राय ने भाषा…

23 minutes ago

SONIPAT : 6 महीने के बच्चे को गोद से छीनकर नोंचता रहा पिटबुल कुत्‍ता, बचाने आई बुआ को भी कर डाला लहूलुहान

SONIPAT PITBULL ATTACK: हरियाणा के सोनीपत की सिक्का कॉलोनी में पिटबुल के हमले का रोंगटे…

53 minutes ago

पाइप उठाते ही कैसे दौड़ गया करंट? मथूरा में करंट लगने से 3 मजदूरों की दर्दनाक मौत

मथुरा के शेरगढ़ में बोरिंग के दौरान लोहे का पाइप 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन…

58 minutes ago

अभिषेक शर्मा का तांडव! 30 गेंदों में ठोका सबसे तेज शतक, तीसरे T20 में भारत ने बनाए 221 रन

Abhishek Sharma: भारत और अफगानिस्तान के बीच तीसरा टी20 इंटरनेशनल मुकाबला अरुण जेटली क्रिकेट स्टेडियम…

1 hour ago