राम मंदिर
Ayodhya Ram Mandir: अयोध्या में राम मंदिर का उद्घाटन हो चुका है और 22 जनवरी को रामलला अपने गर्भ गृह में विराजमान हो चुके हैं. तो वहीं 23 जनवरी से राम मंदिर का पट भी भक्तों के लिए खोल दिया गया है. इसी के बाद से लगातार मंदिर में भक्त उमड़ रहे हैं और लाखों भक्त रोज मंदिर पहुंच रहे हैं. इसी बीच राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा का बयान सामने आया है और उन्होने कहा है कि राम मंदिर का फिर से निर्माण कार्य शुरू होगा और प्रथम व द्वितीय तल पर राजा राम का दरबार बनेगा.
न्यूज एजेंसी एएनआई से बात करते हुए नृपेंद्र मिश्रा ने कहा, “मंदिर में अब निर्माण कार्य पुन: शुरू होना है. जो परिक्रमा की दीवार है उस कार्य को भी पूरा किया जाएगा. प्रथम और द्वितीय तल पर राजा राम का दरबार होगा. उस कार्य को तत्काल प्रारंभ किया जाएगा जो वर्ष 2024 में दिसंबर तक पूर्ण होगा.” दूसरी ओर अयोध्या में लगातार भक्तों और पर्यटकों की संख्या बढ़ते देखते हुए सरकार यहां पर सुविधाओं की व्यवस्था कर रही है. आवागमन के लिए रेल-बस से लेकर हवाई यात्रा की भी सुविधा का बंदोबस्त किया जा रहा है तो वहीं ठहरने के लिए होटलों का भी बंदोबस्त किया जा रहा है. सरकार अयोध्या को अध्यात्मिक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित कर रही है. इसीलिए पर्यटन विभाग ने विभिन्न संस्थानों के साथ एमओयू कर इस साल के अंत तक अयोध्या में 142 होटल, रिसॉर्ट व गेस्ट हाउस के निर्माण का लक्ष्य रखा है. मीडिया खबरों के मुताबिक, इन होटलों के लिए प्रस्तावित भूमि पर फरवरी में पूजन समारोह होगा. इन होटलों के लिए जमीन आदि की औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं. करीब 3,500 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इन होटलों में अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त करीब 7,500 कमरे होंगे. इन होटलों के निर्माण और इससे जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में 10 हजार से अधिक लोगों को रोजगार मिलेगा.
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अयोध्या राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा उत्तर प्रदेश कैडर के आईएएस ऑफिसर रहे हैं. उन्होंने यूपी के दो-दो सीएम के साथ काम किया है. वह पीएम के प्रधान सचिव थे. इसी के साथ ही यूपी बोर्ड ऑफ रेवेन्यू के चेयरपर्सन और ग्रेटर नोएडा के सीईओ का पद भी संभाला है. इसके अलावा केंद्र में डेप्यूटेशन के दौरान उन्होंने टेलिकॉम सचिव की जिम्मेदारी निभाई. वह साल 2006-2009 के बीच ट्राई के चैयरमैन भी रहे. तो इसी के साथ ही 2002 से 2004 तक फर्टिलाइजर सचिव भी रहे. वह कई थिंकटैंक का हिस्सा भी रह चुके हैं. 1985 से 1988 तक वह अमेरिका में भारतीय एंबेसी में मंत्री रहे थे. इसी के साथ ही वह वर्ल्ड बैंक के कंसलटेंट और एशियन डेवलेपमेंट बैंक, इंटरनेशनल फंड फॉर एग्रिकल्चर डेवलपमेंट और नेपाल सरकार के सलाहाकार भी रह चुके हैं. हार्वर्ड यूनिवर्सिटी से मास्टर ऑफ पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन की उन्होंने पढ़ाई की है.
-भारत एक्सप्रेस
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