प्रवर्तन निदेशालय का PFI पर एक्शन.
प्रवर्तन निदेशालय ने प्रतिबंधित संगठन पीएफआई (PFI) पर बड़ी कार्रवाई करते हुए उसकी 57 करोड़ रुपये की 35 संपत्तियों को जब्त किया है. सीज की गई प्रॉपर्टी में कई ट्रस्ट, कंपनियों के अलावा निजी संपत्ति भी शामिल है. ईडी ने एनआईए और दिल्ली पुलिस की ओर से दर्ज की गई FIR के आधार पर PMLA के तहत मामला दर्ज किया था.
ईडी की जांच में सामने आया है कि PFI के 29 बैंक खातों में देश-विदेश से फंडिंग की गई है. ये फंड डमी फर्मों के जरिए भेजा गया था. इस मामले में ईडी साल 2021 से लेकर मई 2024 तक 26 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है. इतना ही नहीं, ईडी ने PFI के अवैध तरीके से अर्जित किए 94 करोड़ रुपये का भी पता लगाया है.
मिली जानकारी के अनुसार, ईडी ने PMLA के तहत ये कार्रवाई की है. एजेंसी ने बुधवार (16 अक्टूबर) को इन संपत्तियों को सीज किया था. इससे पहले ईडी ने इसी साल 16 अप्रैल को 21.13 करोड़ रुपये की संपत्ति को भी जब्त किया था.
ईडी ने दावा किया है कि पीएफआई से जुड़े सिंगापुर, कुवैत, ओमान, कतर, सऊदी अरब और यूएई में करीब 13 हजार एक्टिव मेंबर हैं. ये सदस्य पीएफआई के लिए फंड इकट्ठा करते हैं. इसके लिए बाकायदा खाड़ी देशों में रहने वाले अनिवासी मुस्लिम प्रवासियों के लिए डिस्ट्रिक्ट एक्जीक्यूटिव कमेटियां गठित की गई हैं.
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ईडी का ये भी कहना है कि पीएफआई का मकसद जिहाद के जरिए भारत में इस्लामिक मूवमेंट चलाने के लिए संगठन बनाना है. हालांकि ये अलग बात है कि पीएफआई खुद को एक सामाजिक संगठन होने का दावा करता है.
-भारत एक्सप्रेस
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