देश

विदेशी कृषि अर्थशास्त्रियों ने की भारत के योगदान की सराहना

भारत में 65 साल बाद राष्ट्रीय कृषि विज्ञान केंद्र (NASC) परिसर में कृषि अर्थशास्त्रियों के अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन (ICAE) के 32वें संस्करण का आयोजन हो रहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसका उद्घाटन किया. सम्मेलन में आए विदेशी मेहमानों ने भारतीय कृषि के योगदान की जमकर तारीफ की.

बांग्लादेश के एक प्रतिभागी हास्मीन ने वैश्विक कृषि में भारत की स्थिति की सराहना की. यह देखते हुए कि देश कई कृषि वस्तुओं के उत्पादन में अग्रणी है. उन्होंने कहा, “भारत सिर्फ दूध और मसालों के लिए ही नहीं, बल्कि कई उत्पादों के लिए दुनिया में सबसे बड़ा उत्पादक है. यह उपलब्धि भारतीय किसानों की कड़ी मेहनत का प्रमाण है.”

केन्या के डोडो मकवाल ने प्रधानमंत्री मोदी के संबोधन की सराहना की और कृषि क्षेत्र में भारत की महत्वपूर्ण प्रगति को स्वीकार किया. उन्होंने कहा, “भारत कृषि के क्षेत्र में तेजी से विकास कर रहा है और यहां किया जा रहा शोध सराहनीय है.” मकवाल ने अपने पारंपरिक कृषि विकास के माध्यम से अन्य देशों को भोजन की आपूर्ति करने में भारत की भूमिका पर प्रकाश डाला.

एक अन्य प्रतिभागी सोब्रेन ने विभिन्न प्रकार के कृषि उत्पादों का उत्पादन और निर्यात करने की भारत की क्षमता की प्रशंसा की. उन्होंने कहा, “भारत की आबादी बड़ी है और इस सम्मेलन से पैदा होने वाले अवसर अपार हैं. हमारा लक्ष्य न केवल कंपनियों के लिए बल्कि किसानों के लिए भी कृषि को बढ़ावा देना है.” सोब्रेन ने पारंपरिक प्रणालियों और आधुनिक प्रौद्योगिकियों का लाभ उठाने के लिए भारत और अन्य देशों के बीच सहयोग के महत्व पर जोर दिया. उन्होंने भारत की सांस्कृतिक और धार्मिक परंपराओं की भी प्रशंसा की और देश की ताकत पर उनके सकारात्मक प्रभाव को ध्यान में रखा.”

सोब्रेन ने निष्कर्ष निकाला, “जापान में मेरे विश्वविद्यालय में भारतीय सहकर्मी हैं; वे स्मार्ट हैं और अपने ज्ञान को लागू करने के लिए भारत लौटेंगे. आपके प्रधान मंत्री एक अच्छे व्यक्ति हैं, और आज उन्हें सीधे देखकर मुझे खुशी हुई है.”

प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछली बार 65 साल पहले जब आईसीएई का सम्मेलन यहां हुआ था तो भारत को उस समय नई-नई आज़ादी मिली थी। वह भारत की खाद्य सुरक्षा को लेकर, भारत की कृषि को लेकर एक चुनौती भरा समय था। आज भारत, एक फूड सरप्लस देश है। आज भारत, दूध, दाल और मसालों का सबसे बड़ा उत्पादक है। भारत अनाज, फल, सब्जी, कपास, चीनी, चाय, मछलियों का दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक है। एक वह समय था, जब भारत की खाद्य सुरक्षा दुनिया की चिंता का विषय था। एक आज का समय है, जब भारत वैश्विक खाद्य सुरक्षा, वैश्विक पोषण सुरक्षा के समाधान देने में जुटा है.

ये भी पढ़ें- विश्व बैंक की नई रिपोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा…भारत को अमेरिकी प्रति व्यक्ति आय की एक चौथाई सैलरी होने में लग जाएंगे 75 साल!

-भारत एक्सप्रेस

Vikash Jha

Recent Posts

‘मुझे क्यों नहीं..’ भारी दर्द में हैं डोनाल्ड ट्रंप! नोबेल कमेटी को क्या-क्या ताने मारे?

Donald Trump On Nobel Peace Prize: नोबेल शांति पुरस्कार 2026 के ऐलान से पहले डोनाल्ड…

8 minutes ago

पटना में सीईसी के खिलाफ आंदोलन पर सांसद मनोज झा बोले- ‘लोकतंत्र के लिए यह मुश्किल समय, अब निरंतरता में होंगे प्रदर्शन’

राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के राज्यसभा सांसद मनोज झा ने मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश…

9 minutes ago

जब चंद्रशेखर संग हेलिकॉप्टर से लगाया गांव का चक्कर, जानिए जेपी के सिताब दियारा से आखिरी सफर की कहानी

Jayaprakash Narayan Death Anniversary: संपूर्ण क्रांति के नायक जेपी की आज पुण्यतिथि है. 1978 में…

20 minutes ago

करोड़ों के इलाज से दम तोड़ रहीं सांसें! SMA मरीजों के लिए सुप्रीम कोर्ट ने की परमानेंट फंड की मांग

सुप्रीम कोर्ट ने स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी (SMA) से जूझ रहे आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों…

25 minutes ago

सिर्फ चेतावनी नहीं, अब एक्शन चाहिए; दक्षिण एशिया में जानलेवा बनती गर्मी से निपटने के लिए भारत समेत 4 देश आए साथ

दक्षिण एशिया में बढ़ती गर्मी के बीच भारत, नेपाल, बांग्लादेश और भूटान ने हीटवेव और…

31 minutes ago