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वाल्मीकिनगर बराज से गंडक में छूटा 5 लाख क्यूसेक पानी, गोपालगंज के दियारा में घुसा सैलाब

Gopalganj Gandak River Water Level: अटल/गोपालगंज: गोपालंगज के वाल्मीकिनगर बराज से गंडक नदी में 5 लाख क्यूसेक से अधिक पानी छोड़े जाने के बाद दियारा क्षेत्रों में भीषण बाढ़ की स्थिति पैदा हो गई है. निचले और तटीय इलाकों में गंडक का पानी तेजी से प्रवेश कर रहा है, जिससे हजारों लोगों की जिंदगी पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गई है. मुख्य रास्तों पर पांच फीट से भी अधिक पानी बहने के कारण दियारांचल का संपर्क जिला मुख्यालय से पूरी तरह कट चुका है.

बांधों पर पलायन करने को मजबूर ग्रामीण

सदर प्रखंड के कटघरवा पंचायत स्थित जगीरी टोला और खाप मकसूदपुर जाने वाली मुख्य सड़कें जलमग्न हो चुकी हैं. गांवों के सरकारी स्कूलों और घरों में कमर तक पानी भर गया है. स्थिति को बिगड़ता देख ग्रामीण अपने जरूरी सामान और मवेशियों के साथ सुरक्षित स्थानों व तटबंधों (बांधों) की ओर पलायन करने लगे हैं.

सदर प्रखंड के अलावा मांझागढ़, बरौली, सिधवलिया और बैकुंठपुर प्रखंड के कई गांव भी चारों तरफ से बाढ़ के पानी से घिर गए हैं. मवेशियों के लिए चारे और खुद के लिए पीने के साफ पानी की गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई है.

राहत कार्यों में देरी पर ग्रामीणों में नाराजगी

बाढ़ की विभीषिका झेल रहे ग्रामीणों ने राहत व्यवस्था में सुस्ती को लेकर नाराजगी जताई है. पीड़ितों का कहना है कि जलस्तर बढ़ने के बावजूद अभी तक पर्याप्त नावें और तिरपाल उपलब्ध नहीं कराए गए हैं, जिससे उन्हें जान जोखिम में डालकर पानी से गुजरना पड़ रहा है.

दूसरी ओर, स्थिति की गंभीरता को देखते हुए गोपालगंज के जिलाधिकारी (DM) समीर सौरभ ने बताया कि प्रशासन पूरी तरह सतर्क है. उन्होंने कहा कि बाढ़ में फंसे लोगों को बाहर निकालने के लिए वैकल्पिक नावों का प्रबंध किया जा रहा है और पीड़ितों को तटबंधों तक पहुंचाया जा रहा है.

डीएम ने आश्वासन दिया कि गंडक के तटबंध पूरी तरह सुरक्षित हैं, फिर भी पानी के बढ़ते दबाव को देखते हुए अधिकारियों की टीम को चौबीसों घंटे निगरानी और मॉनिटरिंग के काम में लगा दिया गया है ताकि किसी भी तरह के खतरे से तुरंत निपटा जा सके.

यह भी पढ़ें: लो जी! युवक ने इंद्रदेव पर करा दी शिकायत, बारिश से तंग आकर DM से बोला- दिव्य संपर्क से रोक लगवाओ

-भारत एक्सप्रेस

Vaibhav Gupta

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