Ujjain Shahi Masjid Update: मनोज भटनागर-अजय भटनागर/उज्जैन-भोपाल: उज्जैन में शाही मस्जिद के प्रभावित हिस्से को हटाने का कार्य मंगलवार, 29 सितंबर 2026 को दूसरे दिन भी सघन सुरक्षा घेरे में जारी रहा. पूरे क्षेत्र को भारी पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया है. मस्जिद के निचले हिस्से में मौजूद सभी दुकानों को देर रात ही पूरी तरह खाली करा लिया गया था, जिसके बाद आज सुबह से ही हथौड़ों की गूंज के साथ निर्माण हटाने की प्रक्रिया आगे बढ़ी.
मस्जिद के दो हिस्सों और आसपास के पूरे इलाके में ग्रीन नेट लगाई गई है. निर्माण को व्यवस्थित ढंग से हटाने के लिए लोहे के पाइपों का एक मजबूत स्ट्रक्चर तैयार किया गया है. इलाके में किसी भी बाहरी आवाजाही और मीडिया के प्रवेश पर रोक लगाते हुए 500 मीटर के दायरे को बैरिकेडिंग से सील कर दिया गया है. मौके पर संभागायुक्त, कलेक्टर रोशन कुमार सिंह, एडीजी, डीआईजी, एसपी और एडिशनल एसपी गुरुप्रसाद पाराशर सहित आला अधिकारी खुद मोर्चा संभालकर स्थिति पर पैनी नजर रखे हुए हैं.
प्रशासनिक कार्रवाई के बीच नुमाइंदा कमेटी के सदस्य फहीम सिकंदर ने पूरे घटनाक्रम पर स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि मुस्लिम समाज और मस्जिद कमेटी विकास और सड़क चौड़ीकरण का पूरा सम्मान करती है. उन्होंने बताया:
“शहर काजी और कमेटी के पदाधिकारियों की प्रशासनिक अधिकारियों के साथ हुई सहमति के बाद ही यह कदम उठाया गया है. शुरुआत में प्रशासन की ओर से कोई जेसीबी या पोकलेन नहीं बुलाई गई. मस्जिद कमेटी और समाज के लोगों ने खुद अपने हाथों से बाधक दीवार को हटाने की शुरुआत की है. पहले दिन फैसले की जानकारी सभी लोगों तक समय पर न पहुंच पाने की वजह से भ्रम फैला और कुछ पथराव की नौबत आई थी, लेकिन वरिष्ठ लोगों की समझाइश और स्वेच्छा से कार्य करने की बात सामने आते ही शांति कायम हो गई.”
फहीम सिकंदर ने आगे बताया कि मस्जिद का करीब 3 से 8 फीट का हिस्सा हटाने को लेकर चर्चा अंतिम चरण में है. इस पूरे ढांचे को सुरक्षित तरीके से हटाने में लगभग 7 से 8 दिन का वक्त लग सकता है और आगे जरूरत पड़ने पर ही तकनीकी मशीनों का इस्तेमाल किया जाएगा.
मंगलवार तड़के से शुरू हुए इस ‘मेगा ऑपरेशन‘ के दौरान प्रशासन ने किसी भी संभावित विरोध या अव्यवस्था को रोकने के लिए पुख्ता रणनीति अपनाई. मस्जिद के बेसमेंट और निचले हिस्से में संचालित सभी व्यावसायिक दुकानों को देर रात खाली कराकर सील कर दिया गया.
बीते दिन सोशल मीडिया पर भ्रामक वीडियो और भड़काऊ पोस्ट साझा कर माहौल बिगाड़ने वाले स्थानीय इन्फ्लुएंसर्स और कंटेंट क्रिएटर्स पर पुलिस ने शिकंजा कस दिया है. कई लोगों पर नामजद एफआईआर दर्ज की गई है. संवेदनशील इलाकों में ड्रोन कैमरों और चौराहों पर लगे सीसीटीवी के जरिए हर संदिग्ध गतिविधि पर नजर रखी जा रही है.
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कलेक्टर रोशन कुमार सिंह और एडिशनल एसपी गुरुप्रसाद पाराशर ने स्पष्ट किया कि शहर में कानून और शांति व्यवस्था बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है. भ्रामक खबरों या अफवाहों (Ujjain Tension Shahi Masjid Latest News) पर ध्यान देने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
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