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रांची की बात नहीं, दिल्ली पर हमला…; JPSC-JSSC पेपर लीक से सीएम हेमंत सोरेन ने कैसे झाड़ा पल्ला?

Hemant Soren statement on JPSC JSSC protest: झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं में हुई भारी धांधली और पेपर लीक को लेकर हजारों छात्र रांची की सड़कों पर लाठियां खा रहे हैं. विपक्ष विधानसभा में सरकार से जवाब मांग रहा था. उम्मीद थी कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन (Hemant Soren) इस धांधली पर अपनी सरकार की जिम्मेदारी तय करेंगे और कोई ठोस समाधान देंगे. लेकिन, सदन में जो हुआ उसने सबको चौंका दिया. सीएम सोरेन ने ‘रांची’ (अपनी सरकार के तंत्र) की नाकामी पर बात करने के बजाय सीधा ‘दिल्ली’ पर हमला बोल दिया और पेपर लीक से अपना पल्ला झाड़ लिया.

पल्ला झाड़ने का गजब ‘प्लान’ (Hemant Soren paper leak controversy Jharkhand)

सदन में जब विपक्ष के नेता बाबूलाल मरांडी ने सरकार को घेरा, तो सोरेन ने बड़े ही सधे हुए सियासी अंदाज में इस पूरी धांधली का ठीकरा बाहरी लोगों पर फोड़ दिया. उन्होंने कहा कि झारखंड की परीक्षाओं में गड़बड़ी करने वाली कंपनी लखनऊ (TDPL) की थी और इसमें शामिल लोग उत्तर प्रदेश और बिहार के थे. यानी, सीधा संदेश यह था कि राज्य की प्रशासनिक मशीनरी में कोई खोट नहीं है, जो भी किया है बाहरी लोगों ने किया है.

रांची के सवालों पर ‘दिल्ली’ पर हमला (Hemant Soren attacks BJP over Ranchi student protest)

जब सवाल रांची में सिस्टम के फेल होने का था, तो हेमंत सोरेन ने इसे दिल्ली की ओर मोड़ दिया. उन्होंने बीजेपी पर हमला बोलते हुए कहा कि ये (बीजेपी) वही लोग हैं जो गरीबों और युवाओं की जेब से पैसा निकाल रहे हैं. जो लोग पहले गेरुआ पहनकर गुमराह करते थे, आज वही छात्रों के भेष में राजनीति कर रहे हैं. सोरेन ने तर्क दिया कि केंद्र सरकार की नीतियों के कारण नौकरियां जा रही हैं और बीजेपी उनके राज्य में आकर माहौल बिगाड़ रही है.

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बयान दिया और सत्र ही कर दिया खत्म (Babulal Marandi vs Hemant Soren)

इस पूरी सियासी कहानी का सबसे दिलचस्प और विवादित हिस्सा अंत में आया. हेमंत सोरेन ने विपक्ष पर ताबड़तोड़ आरोप लगाए, पेपर लीक का दोष यूपी-बिहार पर मढ़ा, और खुद को ‘क्लीन चिट’ देते हुए अपना भाषण खत्म किया. लेकिन, विपक्ष को इस पर सवाल पूछने या पलटवार करने का मौका ही नहीं दिया गया. सोरेन के संबोधन के तुरंत बाद ही भारी हंगामे के बीच विधानसभा की कार्यवाही तय समय (12 अगस्त) से एक दिन पहले ही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई. सियासी जानकारों का मानना है कि सोरेन ने बड़ी ही चालाकी से बिना जवाबदेही तय किए, खुद को इस पूरे विवाद से निकाल लिया है.

Shyamdatt Chaturvedi

श्यामदत्त चतुर्वेदी एक अनुभवी मीडिया पेशेवर हैं. वर्तमान में नोएडा 'भारत एक्सप्रेस' में पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में सात वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले श्यामदत्त ने हिंदी डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के लिए कंटेंट राइटिंग, रिपोर्टिंग, एडिटिंग और डेटा एनालिसिस में गहरी विशेषज्ञता हासिल की है. इससे पहले उन्होंने जी न्यूज, ईटीवी भारत, टीएफआई मीडिया, वे2न्यूज और सैफायर मीडिया लिमिटेड (इंडिया डेली लाइव) जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं. उन्होंने स्थानीय पंचायत से लेकर विधानसभा, लोकसभा तक की व्यापक कवरेज की. उन्होंने इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय (IGNTU), अमरकंटक से पत्रकारिता और जनसंचार में स्नातक (BJMC) करने के बाद, प्रतिष्ठित माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में मास्टर डिग्री (M.A.) हासिल की है.

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