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कोलकाता ट्रेनी डॉक्टर रेप-मर्डर मामला: सुप्रीम कोर्ट ने कहा- यह चिंताजनक है कि पीडिता के नाम और तस्वीरें सोशल मीडिया पर अब भी हैं

Kolkata Trainee Doctor Rape-Murder Case: कोलकता आरजी कर ट्रेनी डॉक्टर से रेप और हत्या के मामले में अगली सुनवाई में कोर्ट ने नेशनल टास्क फोर्स से रिपोर्ट देने को कहा है. कोर्ट 14 अक्टूबर को अगली सुनवाई करेगा. मामले की सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के वकील ने कहा कि यह बहुत चिंताजनक है कि सोशल मीडिया पर अभी भी पीड़िता के नाम और तस्वीरों का खुलासा करने वाले बहुत सारे पोस्ट हैं. सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा कि हमने आदेश पारित कर दिया है. अब आदेश लागू करना सरकार पर निर्भर करता है.

पीड़िता की तस्वीरों, वीडियो के इस्तेमाल पर प्रतिबंध

वहीं पीड़िता के माता-पिता ने कहा कि सोशल मीडिया पर AI के जरिए वीडियो का उपयोग किया जा रहा है. सीजेआई डीवाई चंद्रचुड़, जस्टिस जे बी पारदीवाला और जस्टिस मनोज मिश्रा की बेंच ने कहा कि विकिपीडिया ही नही बल्कि सभी प्लैटफॉर्म पर पीड़िता की तस्वीरों, वीडियो के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाया है. वही सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने आश्वासन दिया कि ऐसे प्रकाशनों को हटाने के लिए सोशल मीडिया की निगरानी के लिए एक नोडल अधिकारी को नियुक्त किया जाएगा. कोर्ट ने एक बार फिर कहा कि मामले में किसी भी मध्यस्थ को पीड़िता का नाम और फोटो प्रकाशित करने की अनुमति नहीं है.

संदीप घोष और अभिजीत मंडल से पूछताछ करेगा CBI

वहीं मामले की सुनवाई के दौरान सीबीआई ने कहा कि आरजी कर मेडिकल कॉलेज के पूर्व प्रिंसिपल संदीप घोष और ताला पुलिस स्टेशन के थाना प्रभारी अभिजीत मंडल से पूछताछ की जाएगी. सीबीआई को ताला पुलिस स्टेशन की सीसीटीवी फुटेज और आरजी कर मेडिकल कॉलेज के पूर्व प्रिंसिपल संदीप घोष और ताला पुलिस स्टेशन के पूर्व प्रभारी अधिकारी अभिजीत मंडल के मोबाइल फोन की फॉरेंसिक रिपोर्ट मिली है. इस रिपोर्ट में सीबीआई को कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिली हैं. इन्हीं जानकारियों के आधार पर संदीप घोष और अभिजीत मंडल से पूछताछ होनी है.

ये भी पढ़ें- Land for Job Case: लालू यादव के करीबी अमित कात्याल को दिल्ली हाईकोर्ट से राहत, जमानत की शर्तों में किया बदलाव

मामले की सुनवाई के दौरान सीजेआई ने कहा कि हमने सीबीआई की रिपोर्ट को देखा है. उसमें कुछ अहम सुराग मिले हैं. लिहाजा सीबीआई जांच आगे जारी रहेगी. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि पश्चिम बंगाल सरकार सीसीटीवी लगाने, शौचालय और अलग रेस्ट रूम बनाने का काम बहुत धीरे कर रही है. कोर्ट ने 15 अक्टूबर तक काम को पूरा करने को कहा है. वहीं पश्चिम बंगाल सरकार ने कहा कि रेसिडेंट डॉक्टर इनपेशेंट डिपार्टमेंट और आउटपेशेंट डिपार्टमेंट के काम नही कर रहे है. डॉक्टरों की ओर से पेश वरिष्ठ वकील इंदिरा जयसिंह ने इसका विरोध किया और कहा कि वह सभी आपातकालीन और आवश्यक सेवाएं कर रहे है.

-भारत एक्सप्रेस

गोपाल कृष्ण

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