सांकेतिक फोटो
Pulses Prices Increased: अगर घर में सब्जी नहीं है तो दाल से ही काम चल जाता है लेकिन पिछले कुछ महीनों से दाल के दामों में आई तेजी ने घर का बजट बिगाड़ कर रख दिया है. जहां एक ओर सब्जियों के दाम आसमान छू रहे हैं तो दूसरी ओर दालों के दाम ने भी आम जनता की नाक में दम कर रखा है, लेकिन इससे जुड़ी राहत भरी खबर सामने आ रही है.
केंद्र सरकार ने दालों के दाम में बढ़ोत्तरी के बीच सप्ताह से विभिन्न दालों की कीमतों में आ रही तेजी को देखते हुए सभी राज्यों को निर्देश जारी करते हुए कहा है कि वे ट्रेडर्स के द्वारा विभिन्न दालों के भंडार का साप्ताहिक आधार पर खुलासा सुनिश्चित करें और इसे सत्यापित करें.
दालों की कीमतों में उस वक्त तेजी देखने को मिल रही है जब देश में लोक सभा चुनाव होने वाले हैं. ऐसे में केंद्र सरकार ने तुरंत एक्शन लिया है. मालूम हो कि इसी महीने से लोकसभा चुनाव को लेकर मतदान शुरू हो जाएगा जो कि जून के पहले वीक तक चलने वाला है.
दालों की बढ़ती कीमतों पर अगर आधिकारिक आंकड़ों की मानें तो जनवरी महीने में दालों की थोक महंगाई दर 16.06 प्रतिशत पर थी और फरवरी महीने में यह दर 18.48 प्रतिशत पर पहुंच गई. तो वहीं केंद्र सरकार ने दालों की कीमतों को लेकर ऐसे समय में ये कदम उठाया है, जब अरहर की दाल, पीली मटर और उड़द की दाल की कीमतों में हाल ही में भारी उछाल देखा गया.
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केंद्र सरकार की ओर से एक बयान जारी किया गया है. इसके मुताबिक कंज्युमर अफेयर्स डिपार्टमेंट की सेक्रेटरी निधि खरे ने दालों की बढ़ती कीमतों पर रोक लगाने के लिए राज्यों के प्रधान सचिवों व उपभोक्ता मामले के विभाग के सचिवों से मुलाकात की है. इसके आलावा उन्होंने दाल के आयातकों समेत इंडस्ट्री के प्रतिनिधियों के साथ भी इस मुद्दे पर मुलाकात की. उन्होंने सभी राज्य सचिवों को स्टॉकहोल्डिंग एंटिटीज के द्वारा स्टॉक डिस्क्लोजर सुनिश्चित करने के लिए कहा.
बुधवार को केंद्र सरकार की ओर से एक आधिकारिक बयान जारी किया गया है जिसमें सरकार ने अरहर दाल, उड़द दाल, चना दाल, मसूर दाल और मूंग दाल के स्टॉक को लेकर खुलासे का प्रावधान किया है. इसके साथ ही आयातित पीली मटर दाल के स्टॉक पर भी बराबर नजर रखने के लिए कहा गया है. मालूम हो कि पिछले साल ही पीली मटर दाल के आयात को मंजूरी दी गई थी जो कि 8 दिसंबर से 30 जून तक के लिए है.
बता दें कि अमूमन लोगों को सबसे अधिक अरहर की दाल ही पसंद होती है और इसी के दाम लगातार बढ़ रहे हैं. अप्रैल की शुरुआत में ही अरहर दाल की कीमतों में भारी उछाल देखा गया. एक महीने पहले की तुलना में 100 रुपये तक इसके दाम बढ़ गए हैं. अन्य दालों की तुलना में अरहर दाल के रेट सबसे अधिक हैं. मौजूदा समय में अरहर दाल की कीमत 160 और 170 रुपये किलो है. इसी के साथ ही मूंग और मसूर की दाल की कीमतों में भी हाल ही में उछाल देखा गया है.
-भारत एक्सप्रेस
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