विधानसभा में अखिलेश यादव (फोटो ट्विटर)
UP Assembly Monsoon Session: सोमवार को यूपी विधानमंडल का मानसून सत्र शुरू हुआ और इस दौरान सत्ता पक्ष को घेरने के लिए विपक्ष खासतौर से सपा प्रमुख अखिलेश यादव पूरी तैयारी के साथ पहुंचे. उन्होंने मणिपुर हिंसा मामले को लेकर योगी सरकार को घेरने की कोशिश की और फिर सपा सदस्यों द्वारा यूपी विधानसभा में जोरदार हंगामा किया गया. एक ओर मणिपुर हिंसा और दो महिलाओं के साथ हुई बर्बरता को लेकर अखिलेश ने विधानसभा में चर्चा कराने की अपील की. वहीं नियमों का हवाला देकर विधानसभा स्पीकर सतीश महाना ने इस पर चर्चा से इनकार कर दिया.
अखिलेश यादव ने कहा कि देश का सबसे बड़ा राज्य यूपी है. यहां की विधानसभा में देश के एक और राज्य में हुई घटना पर चर्चा होनी चाहिए. उनकी इस मांग पर विधानसभा अध्यक्ष ने नियम की जानकारी देते हुए कहा कि किसी अन्य राज्य के बारे में यहां चर्चा नहीं हो सकती. इसका प्रदेश से कोई जुड़ाव नहीं है. इस पर अखिलेश ने अपनी बात को जारी रखते हुए कहा कि सीएम योगी आदित्यनाथ तो हर प्रदेश में वोट मांगने जाते हैं. उनकी मांग राष्ट्रीय स्तर पर होने वाले चुनावों में होती है. अखिलेश ने मुख्यमंत्री पर तंज कसा और कहा कि मणिपुर चुनाव में भी वह वोट मांगने गए थे. इसलिए मणिपुर के मुद्दे पर चर्चा कर लोगों के बीच बनी डर की भावना को दूर किया जाना चाहिए.
अखिलेश ने सीएम योगी को सुझाव तक दे डाला और कहा, “मणिपुर मुद्दे पर बोलकर उन्हें देश की आवाज बन जाना चाहिए. हम तो चाहते हैं कि मुख्यमंत्री देश की आवाज बनें.” इस पर भाजपा विधायकों ने अखिलेश की चुटकी ली. एक बीजेपी विधायक ने कहा, “चलिए आपने मान लिया, सीएम योगी आदित्यनाथ राष्ट्रीय स्तर के नेता हैं.” दूसरी ओर विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि मणिपुर में जो कुछ हुआ, वह गलत है, लेकिन हम इस पर विधानसभा में चर्चा नहीं करेंगे.
-भारत एक्सप्रेस
RSS के प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर ने यूजीसी के समानता विनियम-2026 को असंतुलित बताया. संघ…
Prayagraj Film Festival 2026: इंटरनेशनल प्रयागराज फिल्म फेस्टिवल 2026 का भव्य समापन एमएनआईटी ऑडिटोरियम में…
चंडीगढ़ में अमित शाह ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए 1984 सिख…
चौरी-चौरा में 288 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं के उद्घाटन और शिलान्यास कार्यक्रम में मुख्यमंत्री…
अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (AIIA) के इनक्यूबेशन सेंटर AIIA-iCAINE ने अपने छठे स्थापना दिवस पर…
महात्मा ज्योतिबा फूले रूहेलखंड विश्वविद्यालय ने कई बड़े फैसले लिए हैं. अब विश्वविद्यालय की डिग्री…