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अंकित शर्मा हत्याकांड के तीन आरोपियों को मिली जमानत, कोर्ट ने कहा- हिंदुओ को निशाना बनाने के लिए किया गया था दंगा

दिल्ली हाई कोर्ट ने 2020 के दिल्ली दंगों के दौरान आईबी कर्मचारी अंकित शर्मा की हत्या के मामले में तीन आरोपियों (शोएब आलम, गुलफाम और जावेद) को जमानत दे दी है. हालांकि जस्टिस नवीन चावला ने एक अन्य आरोपी नाजिम को जमानत देने से इनकार कर दिया.

ताहिर हुसैन दंगे का मास्टरमाइंड

बता दें कि कड़कड़डुमा कोर्ट ने दिल्ली दंगो के दौरान आईबी कॉन्स्टेबल अंकित शर्मा की मौत के मामले में आप के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन सहित 11 लोगों के खिलाफ आरोप तय किए थे. कोर्ट ने इस हत्या में ताहिर हुसैन की भूमिका को अहम माना था. कोर्ट ने आरोप तय करते हुए कहा था कि ताहिर हुसैन, भीड़ की निगरानी और उसे भड़काने के मामले में लगातार काम के रहे थे और ये सब हिंदुओ को निशाना बनाने के लिए किया गया था.

हिंदुओं को निशाना बनाने की थी साजिश

कोर्ट ने कहा कि भीड़ का हर सदस्य हिंदुओं को निशाना बनाने में शामिल था. जस्टिस नवीन चावला ने आगे कहा कहा था, “भीड़ लोगों और उनकी संपत्ति पर हमला करने के लिए पूरी तरह तैयार की गई थी.” कोर्ट ने इस मामले में शामिल हसीन, नाजिम, कासिम, समीर खान, अनस, फिरोज, जावेद, गुलफाम, शोएब आलम और मुंतजिम पर आईपीसी की धारा 147, 148, 153 A, 302 और 120B के तहत आरोप तय किया था. इसके साथ ही ताहिर हुसैन पर आईपीसी की धारा 505, 109 और 114 के तहत अतिरिक्त आरोप भी लगाए गए हैं.

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अंकित शर्मा की हत्या कर शव नाले में फेंका गया

गौरतलब है कि अंकित के पिता रविंद्र कुमार की शिकायत पर मुकदमा दर्ज किया किया गया था. उनके मुताबिक 25 फरवरी 2020 को अंकित शर्मा लापता हुआ था. उस दिन वह ऑफिस से घर लौटने के बाद कुछ घरेलू सामान लेने के लिए बाहर निकला था. काफी देर बाद भी जब वह घर नहीं लौटा तो पुलिस को शिकायत की गई थी. अगले दिन कुछ लड़कों से रविंद्र को मालूम हुआ कि हत्या कर किसी व्यक्ति के शव को चांद बाग पुलिया मस्जिद के पास खजूरी खास नाले में फेंका गया है. इसपर नाले में छानबीन करने पर अंकित का शव वहां से बरामद किया गया था.

-भारत एक्सप्रेस

Shailendra Verma

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