पुष्कर सिंह धामी.
उत्तराखंड में यूसीसी (UCC) की नियमावली का ड्राफ्ट तैयार हो गया है. ड्राफ्ट बनाने वाली समिति के अध्यक्ष पूर्व मुख्य सचिव शत्रुघ्न सिंह ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को शुक्रवार को सचिवालय में यह ड्राफ्ट सौंपा. सीएम पुष्कर सिंह धामी कहा कि हमने चुनाव से पहले वादा किया था की सरकार बनाने के बाद हम यूसीसी लाएंगे. विधानसभा से पास होने और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मंजूरी मिलने के बाद इसे अब राज्य में लागू किया जाएगा. उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता के क्रियान्वयन के लिए नियमावली का ड्राफ्ट मिल चुका है.
समान संहिता के क्रियान्वयन की तिथि के लिए मंत्रिमंडल की बैठक जल्द होगी, इसमें तय होगा कि कब इसको लागू किया जाएगा. मैंने शुरुआत में ही कहा है कि यह किसी के भी खिलाफ नहीं है. किसी को टारगेट करके नहीं लाया गया है और यह सब की समानता के लिए है.
सीएम धामी ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड में चार धाम है. हर स्थान पर देवस्थान है. यह सैनिक बाहुल्य प्रदेश है. देवभूमि के साथ साथ वीरभूमि भी है. प्रत्येक परिवार से कोई न कोई देश की सीमाओं की रक्षा में अपना योगदान दे रहा है. हमने पहले ही कहा था कि देवभूमि में हम सबके लिए एक समान कानून लाएंगे. कोई किसी पंथ का होगा, किसी वर्ग का होगा, किसी भी समुदाय का होगा. लेकिन मैं साफ कर दे रहा हूं कि ये कानून समानता पर आधारित है. जल्द ही कैबिनेट बैठक बुला कर हम इस पर फैसला लेंगे. यह कानून सबके लिए हैं. उत्तराखंड देश का पहला राज्य बन जाएगा, जहां यूसीसी होगा.
सीएम धामी के अनुसार 9 नवंबर यानी राज्य स्थापना दिवस तक उत्तराखंड में यूसीसी लागू हो सकता है. राज्य सरकार द्वारा वर्ष 2022 में उत्तराखंड समान नागरिक संहिता का ड्राफ्ट तैयार करने के लिए विशेषज्ञ समिति का गठन किया गया था.
विशेषज्ञ समिति द्वारा तैयार ड्राफ्ट को 7 फरवरी, 2024 को राज्य विधानसभा में पास किया गया. उसके बाद उत्तराखंड समान नागरिक संहिता विधेयक (Uttrakhand UCC) 2024 को 12 मार्च, 2024 को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की सहमति के बाद पारित किया गया था.
उत्तराखंड समान नागरिक संहिता विधेयक 2024 के नियमावली एवं क्रियान्वयन बनाए जाने की आवश्यकता को देखते हुए Retired IAS शत्रुघ्न सिंह की अध्यक्षता में नियमावली एवं क्रियान्वयन समिति गठित की गई है. राज्य सरकार द्वारा समान नागरिक संहिता अधिनियम को राज्य में प्रभावी रूप से लागू किया जाना प्रस्तावित है.
यूसीसी नियम एवं कार्यान्वयन समिति के अध्यक्ष ने शुक्रवार को देहरादून में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को अंतिम रिपोर्ट सौंप दिया. इस नियमावली में मुख्य रूप से चार भाग है. इसमें विवाह एवं विवाह-विच्छेद, लिव-इन-रिलेशनशिप (Live-in Relationship), जन्म एवं मृत्य पंजीकरण तथा उत्तराधिकार नियमों के पंजीकरण संबंधी प्रक्रियाएं शामिल है. जन सामान्य की सुलभता को देखते हुए इसके लिए एक पोर्टल (Portal) तथा मोबाइल ऐप भी तैयार किया गया है, जिससे कि पंजीकरण, अपील आदि की समस्त सुविधाएं जन सामान्य को ऑनलाइन माध्यम से सुलभ हो सके.
-भारत एक्सप्रेस
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