फोटो-सोशल मीडिया
Rajya Sabha Election 2024: लोकसभा चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं. जहां एक ओर उनके गठबंधन से रालोद प्रमुख जयंत चौधरी उनका साथ छोड़कर चले गए हैं तो दूसरी ओर स्वामी प्रसाद मौर्य ने भी राष्ट्रीय महासचिव पद से इस्तीफा दे दिया और अब खबर सामने आ रही है कि, सपा की सहयोगी अपना दल (कमेरावादी) की नेता पल्लवी पटेल भी झटका देने वाली हैं. बताया जा रहा है कि पल्लवी भी अखिलेश से नाराज हैं और उन्होंने साफ कर दिया है कि वो राज्यसभा में सपा के प्रत्याशी को वोट नहीं देंगी. कहा जा रहा है कि, सपा ने जिन तीन लोगों को प्रत्याशी बनाया है, पल्लवी उन नामों से बिल्कुल भी खुश नहीं हैं.
मालूम हो कि सपा ने राज्यसभा के लिए जया बच्चन के साथ ही रामजीलाल सुमन और आलोक रंजन के नाम की घोषणा की है. तो वहीं पल्लवी पटेल ने जया बच्चन और आलोक रंजन को लेकर नाराजगी जताई है.
उन्होंने एक निजी चैनल से बात करते हुए स्पष्ट तौर पर कहा है कि, “अखिलेश यादव पीडीए की लड़ाई को अगर बच्चन या रंजन बनाने की कोशिश करेंगे तो वो उनका साथ नहीं देंगी.” इसी के साथ ही पल्लवी ने ये भी कहा है कि,” ये कोई फ़िल्मी लड़ाई नहीं है. ये लड़ाई गांव, गरीब, पिछड़ा और अल्पसंख्यक की हो रही है. अगर उनके हक और अधिकारों के साथ धोखा होगा तो आवाज उठानी ज़रूरी है. मैं इस धोखेबाज़ी में शामिल नहीं हूं.” इसी के साथ ही पल्लवी ने अखिलेश पर पीडीए को धोखा देने का भी आरोप लगाया है.
पल्लवी पटेल ने अखिलेश पर पीडीए को धोखा देने का आरोप लगाते हुए कहा, “यहां पिछड़े दलित और अल्पसंख्यकों की भागीदारी होनी चाहिए. जब आप उनका वोट लेने की बात कर रहे हैं और ईमानदारी से उनकी भागीदारी नहीं हैं तो इस धोखे में मैं सम्मिलित नहीं हूं. सपा ने पीडीए को फ़ॉलो नहीं किया है.
हम इनकी राजनीति करते हैं और हम इसके लिए प्रतिबद्ध हैं.” इसी के साथ ही पल्लवी ने अखिलेश को खरी-खरी सुनाते हुए कहा कि, “मैं किसी को जिताने के लिए नहीं हूं. मैं अपनी आवाज़ उनके लिए उठा रही हूं.” इसी के साथ ही कहा कि,” हम अगर गठबंधन का हिस्सा है तो हमारा भी मत और राय होनी चाहिए. जितने भी लोग ये समझते हैं कि पिछड़ों और दलितों के नाम पर धोखा हो रहा है उन्हें इसका प्रतिकार करना चाहिए.”
इसी के साथ ही पल्लवी ने स्वामी प्रसाद मौर्य को लेकर कहा कि, “वो लगातार मेरे संपर्क में हैं, पार्टी के कई नेताओं ने उन पर कटाक्ष किए हैं. स्वामी प्रसाद मौर्य का जो क़द है, उस क़द के नेता के लिए ये बहुत बेइज़्ज़ती वाली बात है.” इसी के साथ ही पल्लवी ने स्वामी प्रसाद मौर्य का पक्ष लेते हुए कहा कि,” जिस तरह से उन पर हमले हुए हैं. सपा बहुत अहम और वहम में है उनको पिछड़ों को मजबूर करके उनके हक़ों को छीनना बंद कर देना चाहिए.”
इसी के साथ ही पल्लवी ने कहा कि, वो ईमान की राजनीति करती रहेंगी चाहे उनकी सदस्यता चली जाए. मालूम हो कि, पल्लवी पटेल पिछड़ों के जाने-माने नेता रहे सोनेलाल पटेल की बेटी हैं और अपना दल एस की नेता व केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल की छोटी बहन हैं. गौरतलब है कि, दोनों बहनों के बीच अक्सर ही वर्चस्व की लड़ाई देखी जाती रही है. ये भी बात सामने आ रही है कि पल्लवी पटेल अपनी माँ कृष्णा पटेल को राज्यसभा भेजना चाहती थी. इसी कारण वह अखिलेश से नाराज हैं और अब माना जा रहा है कि पल्लवी की ये नाराजगी आने वाले समय में अखिलेश के लिए भारी पड़ सकती है.
-भारत एक्सप्रेस
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