उपराष्ट्रपति चुनाव प्रक्रिया
भारत में उपराष्ट्रपति का पद एक महत्वपूर्ण संवैधानिक पद है, जो राष्ट्रपति के बाद देश के दूसरे सबसे उच्चतम पद को धारण करता है. उपराष्ट्रपति राज्यसभा के पदेन सभापति भी होते हैं और जरूरत पड़ने पर राष्ट्रपति के रूप में भी काम करते हैं. उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने स्वास्थ्य कारणों से अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. ऐसे में अब इस पद को भरने के लिए चुनाव कराए जाएंगे. आइये जानें क्या इस पद के लिए चुनाव प्रक्रिया?
उपराष्ट्रपति का चुनाव अप्रत्यक्ष रूप से एक निर्वाचक मंडल के माध्यम से किया जाता है, जिसमें संसद के दोनों सदनों के सदस्य शामिल होते हैं. चुनाव एकल संक्रमणीय मत की आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली के माध्यम से किया जाता है. इसमें गुप्त मतदान की व्यवस्था होती है. उपराष्ट्रपति बनने के लिए उम्मीदवार का भारतीय नागरिक होना आवश्यक है और उसकी आयु कम से कम 35 वर्ष होनी चाहिए. उसे राज्यसभा का सदस्य बनने के योग्य भी होना चाहिए और किसी लाभ के पद पर आसीन नहीं होना चाहिए.
वाइस प्रसिडेंट का कार्यकाल पांच वर्ष का होता है. वे अपना कार्यकाल पूरा होने से पहले इस्तीफा दे सकते हैं या पद से हटाए जा सकते हैं. उपराष्ट्रपति को पद से हटाने के लिए राज्यसभा को बहुमत से एक प्रस्ताव पारित करना होगा और फिर लोकसभा को भी इस प्रस्ताव पर सहमत होना होगा. उपराष्ट्रपति के पद रिक्त होने पर चुनाव उस तिथि के 6 महीने के भीतर करवा लिया जाता है.
अभी चुनाव कराने के लिए 6 महीने का वक्त है. इससे पहले चुनाव कराए जाने हैं. ऐसे में अगर जगदीप धनखड़ के इस्तीफे से सबसे बड़ा कोई काम रुकना है तो केवल राज्यसभा की कार्रवाई है. हालांकि, इसके लिए भी संविधान में व्यवस्था बनाई गई है. जब तक नए उपराष्ट्रपति का चुनाव नहीं हो जाता है तब तक राज्यसभा की कार्रवाई उपसभापति संभालने वाले हैं.
Acharya Pramod Krishnam: कल्कि धाम के पीठाधीश्वर आचार्य प्रमोद कृष्णम को जान से मारने की…
Ranchi Monkey Viral News: रांची के ओरमांझी में एक बंदरिया शराब की दुकान में घुस…
FSSAI Junk Food Ban: FSSAI स्कूलों के 50 मीटर के दायरे में चिप्स, कोल्ड ड्रिंक,…
Kedarnath Waste Crisis 2026: केदारनाथ में अप्रैल से अगस्त 2026 के बीच 50.30 मीट्रिक टन…
Nagaland Spurious Liquor Deaths: साल 1990 से पूर्ण शराबबंदी वाले राज्य नागालैंड में मिलावटी और…
Kab Hai Sarva Pitru Amavasya: पितृ पक्ष का समापन सर्वपितृ अमावस्या के साथ होता है.वर्ष…