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जगदीप धनखड़ के इस्तीफे के बाद अब आगे क्या? जानिए उपराष्ट्रपति चुनाव प्रक्रिया

Vice President Election: जगदीप धनखड़ के उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफे के बाद अब इस बात की चर्चा होने लगी है कि इससे आगे क्या होने वाला है. जानिए उपराष्ट्रपति के चुनाव की पूरी प्रक्रिया क्या है?

Jagdeep Dhankhar Vice President Election Process

उपराष्ट्रपति चुनाव प्रक्रिया

भारत में उपराष्ट्रपति का पद एक महत्वपूर्ण संवैधानिक पद है, जो राष्ट्रपति के बाद देश के दूसरे सबसे उच्चतम पद को धारण करता है. उपराष्ट्रपति राज्यसभा के पदेन सभापति भी होते हैं और जरूरत पड़ने पर राष्ट्रपति के रूप में भी काम करते हैं. उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने स्वास्थ्य कारणों से अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. ऐसे में अब इस पद को भरने के लिए चुनाव कराए जाएंगे. आइये जानें क्या इस पद के लिए चुनाव प्रक्रिया?

उपराष्ट्रपति का चुनाव अप्रत्यक्ष रूप से एक निर्वाचक मंडल के माध्यम से किया जाता है, जिसमें संसद के दोनों सदनों के सदस्य शामिल होते हैं. चुनाव एकल संक्रमणीय मत की आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली के माध्यम से किया जाता है. इसमें गुप्त मतदान की व्यवस्था होती है. उपराष्ट्रपति बनने के लिए उम्मीदवार का भारतीय नागरिक होना आवश्यक है और उसकी आयु कम से कम 35 वर्ष होनी चाहिए. उसे राज्यसभा का सदस्य बनने के योग्य भी होना चाहिए और किसी लाभ के पद पर आसीन नहीं होना चाहिए.

चुनाव की प्रक्रिया

  • उपराष्ट्रपति के चुनाव में लोकसभा और राज्यसभा के सभी सांसद हिस्सा लेते हैं, जिनमें मनोनीत सदस्य भी शामिल होते हैं.
  • चुनाव आनुपातिक प्रतिनिधि पद्धति से होता है जिसमें सिंगल ट्रांसफरेबल वोट सिस्टम का उपयोग किया जाता है.
  • वोटर को अपनी पसंद के आधार पर प्रत्याशियों की प्राथमिकता नंबरिंग करनी होती है.

उपराष्ट्रपति बनने की योग्यताएं

  • उपराष्ट्रपति का चुनाव लड़ने के लिए भारत का नागरिक होना जरूरी है.
  • उम्मीदवार की उम्र कम से कम 35 साल होनी चाहिए.
  • वह राज्यसभा का सदस्य चुने जाने की सभी योग्यताओं को पूरा करता हो.
  • चुनाव लड़ने के लिए उम्मीदवार को 15 हजार रुपये की जमानत राशि जमा करानी होती है.

वाइस प्रसिडेंट का कार्यकाल पांच वर्ष का होता है. वे अपना कार्यकाल पूरा होने से पहले इस्तीफा दे सकते हैं या पद से हटाए जा सकते हैं. उपराष्ट्रपति को पद से हटाने के लिए राज्यसभा को बहुमत से एक प्रस्ताव पारित करना होगा और फिर लोकसभा को भी इस प्रस्ताव पर सहमत होना होगा. उपराष्ट्रपति के पद रिक्त होने पर चुनाव उस तिथि के 6 महीने के भीतर करवा लिया जाता है.

वोटों की गिनती

  • चुनाव के लिए एक कोटा तय होता है जो कुल वोटों की संख्या को दो से भाग देकर और फिर एक जोड़कर निकाला जाता है.
  • जीतने के लिए उम्मीदवार को इस कोटा के बराबर या अधिक वोट मिलने जरूरी हैं.
  • अगर पहले दौर में कोई विजेता नहीं होता तो सबसे कम वोट वाले उम्मीदवार को बाहर कर दिया जाता है और उनके वोट दूसरी प्राथमिकता के आधार पर अन्य उम्मीदवारों में ट्रांसफर कर दिए जाते हैं.

चुनाव से पहले क्या होगा?

अभी चुनाव कराने के लिए 6 महीने का वक्त है. इससे पहले चुनाव कराए जाने हैं. ऐसे में अगर जगदीप धनखड़ के इस्तीफे से सबसे बड़ा कोई काम रुकना है तो केवल राज्यसभा की कार्रवाई है. हालांकि, इसके लिए भी संविधान में व्यवस्था बनाई गई है. जब तक नए उपराष्ट्रपति का चुनाव नहीं हो जाता है तब तक राज्यसभा की कार्रवाई उपसभापति संभालने वाले हैं.



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