बतौर उपराष्ट्रपति आखिरी फैसला
Jagdeep Dhankhar Last Decision: पिछले कई दिनों से संसद के मानसून सत्र को लेकर चर्चा हो रही थी. देश में यह बात हो रही थी कि सरकार इस सत्र में कौन से बिल पेश करने वाली है. विमान हादसे, ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा की उम्मीद थी. हालांकि, पहले ही दिन उपराष्ट्रपति का इस्तीफा आ गया है. उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. उन्होंने इसका आधार स्वास्थ्य कारणों को बताया है. अब चर्चा शुरू हो गई है कि देश का अगला उपराष्ट्रपति कौन होगा? इसपर कयास लगाए जा रहे हैं. हालांकि, धनखड़ ने अपने कार्यकाल के आखिरी रोज एक बड़े फैसले पर मुहर लगाई है. इसे उनका आखिरी फैसला कहा जा रहा है.
अभी उपराष्ट्रपति का इस्तीफा राष्ट्रपति के पास गया है. इसे वो मंजूर करेंगी या नहीं यह उनके विवेक पर निर्भर करता है. संभव है कि राष्ट्रपति को ओर से कुछ समय के लिए उन्हें पद पर बने रहने के लिए कहा जाए. ऐसे हालात में यह उनका आखिरी फैसला नहीं होगा. हालांकि, इसकी संभावना कम ही है क्योंकि, उन्होंने अपने पत्र में कहा है कि वह तत्काल प्रभाव से इस्तीफा दे रहे हैं. इस्तीफा मंजूर हो जाता है तो आज किए फैसले बतौर उपराष्ट्रपति उनके आखिरी फैसले होंगे.
बतौर उपराष्ट्रपति आखिरी फैसला?
21 जुलाई को सदन का कार्रवाई शुरू होते उपराष्ट्रपति (Vice President Jagdeep Dhankhar) ने सदन को जानकारी दी की उन्होंने सोमवार को राज्यसभा सदस्य संजीव अरोड़ा का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है. राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ ने सोमवार जानकारी दी की आम आदमी पार्टी (आप) नेता संजीव अरोड़ा का इस्तीफा एक जुलाई से प्रभावी माना जाएगा. अब उनके इसी फैसले को बतौर उप राष्ट्रपति आखिरी फैसला माना जा रहा है.
संजीव अरोड़ा ने क्यों दिया इस्तीफा
संजीव अरोड़ा पंजाब से राज्यसभा सदस्य थे. उनको 10 अप्रैल 2022 को पहली राज्यसभा के लिए चुना गया था. अभी उनका कार्यकाल 9 अप्रैल 2028 तक का था. हालांकि, उन्होंने समय से पहले इस्तीफा दे दिया है. इसके पीछे का कारण है कि पंजाब की लुधियाना पश्चिम विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में उन्होंने जीत हासिल की है.
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