देश

हां में हां मिलाने लगीं ममता बनर्जी, महीनों की ना के बाद U-टर्न; वक्फ कानून पर आदेश जारी

Mamata Banerjee On Waqf Law: CAA, NRC हो या SIR हर मामले पर केंद्र सरकार की धुर विरोधी ममता बनर्जी इन दिनों थोड़ा सॉफ्ट नजर आ रही हैं. कुछ समय पहले पास हुए वक्फ संशोधन बिल के जरिए बने नए वक्फ कानून को पहले तो उन्होंने मामले से सिरे से इनकार कर दिया था. अब इस मुद्दे पर वो पीएम मोदी सरकार के हां में हां मिलती नजर आ रही हैं. वक्फ कानून को लेकर कुछ दिनों पहले पश्चिम बंगाल सरकार ने 8 बिंदुओं को निर्देश जारी किया है. ऐसे में अब सियासी गलियों में इसके अलग-अलग मायने निकाले जा रहे हैं.

इन दिनों ममता बनर्जी (West bengal Mamata Banerjee) SIR को लेकर आवाज बुलंद किए हुए हैं. इस बीच बंगाल में नया वक्फ कानून लागू करने का यू‑टर्न लेते हुए पश्चिम बंगाल सरकार ने केंद्र के वक्फ संशोधन अधिनियम 2025 को स्वीकार कर लिया है.

जिलों को जारी किए गए निर्देश (Mamata Banerjee Order For Waqf)

राज्य के सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि करीब 82,000 वक्फ संपत्तियों का विवरण 6 दिसंबर 2025 तक केंद्रीय पोर्टल umeedminority.gov.in पर अपलोड करें. अल्पसंख्यक विकास विभाग के सचिव पीबी सलीम ने आठ बिंदुओं वाला एक्शन प्लान जारी किया है.

अल्पसंख्यक विकास विभाग के निर्देशों में मुतवल्लियों, इमामों और मदरसा शिक्षकों के साथ बैठक कर पोर्टल की जानकारी देना और तकनीकी सहायता केंद्र स्थापित करना शामिल है. यह कदम केंद्र के समयबद्ध निर्देशों का पालन करने और राज्य में वक्फ संपत्तियों के निर्विवाद विवरण को सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है.

ये भी पढ़ें: कर्नाटक सियासी संकट! ब्रेकफास्ट मीटिंग में क्या-क्या हुआ? सिद्धारमैया-शिवकुमार का बयान आया सामने

क्यों यह फैसला अहम है?

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पहले कहा था कि वह इस कानून को बंगाल में लागू नहीं होने देंगी, क्योंकि राज्य में 33% मुस्लिम आबादी है और उनका संरक्षण उनका कर्तव्य है. लेकिन कानूनी लड़ाई में राहत न मिलने के बाद सरकार ने यू‑टर्न ले लिया. में अब पश्चिम बंगाल में स्थित सभी वक्फ संपत्तियों का रखरखाव और उसकी जानकारी का अपडेशन नए कानून के अनुसार किया जाएगा.

Shyamdatt Chaturvedi

श्यामदत्त चतुर्वेदी एक अनुभवी मीडिया पेशेवर हैं. वर्तमान में नोएडा 'भारत एक्सप्रेस' में पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में सात वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले श्यामदत्त ने हिंदी डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के लिए कंटेंट राइटिंग, रिपोर्टिंग, एडिटिंग और डेटा एनालिसिस में गहरी विशेषज्ञता हासिल की है. इससे पहले उन्होंने जी न्यूज, ईटीवी भारत, टीएफआई मीडिया, वे2न्यूज और सैफायर मीडिया लिमिटेड (इंडिया डेली लाइव) जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं. उन्होंने स्थानीय पंचायत से लेकर विधानसभा, लोकसभा तक की व्यापक कवरेज की. उन्होंने इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय (IGNTU), अमरकंटक से पत्रकारिता और जनसंचार में स्नातक (BJMC) करने के बाद, प्रतिष्ठित माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में मास्टर डिग्री (M.A.) हासिल की है.

Recent Posts

‘मुझे पति से बचा लो…’, पहले दिया तीन तलाक, फिर देवरों से कराया हलाला

अलीगढ़ में तीन तलाक के बाद महिला से दो देवरों द्वारा जबरन हलाला कराने का…

3 hours ago

सुप्रीम कोर्ट में प्रमोट हुए जज तो इन तीन बड़े हाईकोर्ट्स में बदले गए कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश, देखिए पूरी लिस्ट

केंद्र सरकार ने 5 अक्टूबर 2026 को दिल्ली, गुजरात और तेलंगाना हाईकोर्ट में कार्यवाहक मुख्य…

4 hours ago

20 रुपये में इतने कम मोमोज? छात्र के सवाल पूछते ही ठेलेवाले ने चेहरे पर फेंका खोलता तेल

ग्वालियर में 20 रुपये के मोमोज की संख्या कम होने पर सवाल पूछना एक छात्र…

4 hours ago

नवी मुंबई एयरपोर्ट से अब सफर होगा बेहद आसान, अडानी ग्रुप ने शुरू कीं ई-शिवाई बसें

नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर विंटर शेड्यूल से पहले सस्ती बसों, ऐप टैक्सियों और फ्री…

5 hours ago

उमेश पाल हत्याकांड: UP पुलिस की रिमांड से बचा इनामी अरमान बिहारी, वापस गया बिहार जेल

उमेश पाल ट्रिपल मर्डर केस के 5 लाख के इनामी आरोपी अरमान बिहारी को प्रयागराज…

6 hours ago

जब पीएम मोदी ने स्विस राष्ट्रपति को दिया ‘देसी चीज़’ और कश्मीरी कला का अनूठा तोहफा, जानिए क्या है खास?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्विट्जरलैंड के राष्ट्रपति गाइ परमेलिन को भारत की समृद्ध विरासत और…

6 hours ago