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कर्नाटक सियासी संकट! ब्रेकफास्ट मीटिंग में क्या-क्या हुआ? सिद्धारमैया-शिवकुमार का बयान आया सामने

Karnataka Congress Political Crisis: कर्नाटक कांग्रेस और सरकार में इन दिनों गहरा नाटक चल रहा है. इस बीच शनिवार को सीएम सिद्धारमैया-डीके शिवकुमार की ब्रेकफास्ट मीटिंग हुई. आइये जानें इसमें क्या-क्या हुआ?

Karnataka Congress Political Crisis What Happened In CM Siddaramaiah DK Shivakumar Breakfast meeting

ब्रेकफास्ट मीटिंग में क्या-क्या हुआ?

Karnataka Congress Political Crisis: बिहार चुनाव के बाद इन दिनों देश के सियासी बाजार में कर्नाटक की राजनीति सुर्खियों में हैं. मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार के बीच बने ‘जंगी’ हालात किसी से छुपे नहीं है. पार्टी अध्यक्ष के साथ-साथ आलाकमान की बैठक हो रही रही हैं. दोनों नेताओं के समर्थक विधायक दिल्ली का दौरा कर रहे हैं. ऐसे में बेंगलूरू से लेकर कर्नाटक तक महौल गरम है. हालांकि, आधिकारिक रूप से फिलहाल किसी की ओर से कोई बयान नहीं आ रहा है. हालांकि, शनिवार को दोनों नेता ब्रेकफास्ट मीटिंग में मिले. इसमें गहरे गुल खिलाए गए.

आज सुबह 10 बजे CM सिद्धारमैया (CM Siddaramaiah) और डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार (DK Shivakumar) की मुलाकात ब्रेकफास्ट में हुई. माना जा रहा है ये प्लान बैठक कर्नाटक में मुख्यमंत्री की कुर्सी को लेकर चल रही खींचतान को खत्म करने के लिए हुई थी. आइये जानें इस बैठक के बाद दोनों नेताओं ने क्या कहा?

उम्मीद के मुताबिक नहीं आया बयान

इस बैठक से पहले भी दोनों नेताओं ने कई बयान दिए थे. उनमें साफ झलक रहा था की खींचतान तगड़ी चल रही है. हालांकि, इस संबंध में पार्टी ने कुछ नहीं बोला. बल्कि, विधायक अपने-अपने नेताओं का झंडा लेकर दिल्ली पहुंच गए थे. ऐसे में यह बैठक काफी अहम थी. दोनों नेता नास्ते में मिले और उसके बयान X पर पोस्ट किया.

मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने पोस्ट कर लिखा ‘आज सुबह डिप्टी चीफ मिनिस्टर डी.के. शिवकुमार के साथ नाश्ता किया और थोड़ी बातचीत की’

वहीं डीके शिवकुमार ने लिखा ‘आज सुबह कावेरी रेसिडेंस पर माननीय CM से ब्रेकफ़ास्ट मीटिंग के लिए मिला. कर्नाटक की प्रायोरिटीज और आगे के रास्ते पर अच्छी चर्चा हुई.’

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क्या है कुर्सी की खींचतान? (Karnataka Political Crisis)

कर्नाटक में मुख्यमंत्री पद को लेकर सिद्धारमैया और शिवकुमार के बीच तनाव 2023 में आए परिणाम के बाद से है. दावा किया जा रहा है कि कांग्रेस की सरकार बनी तो मुख्यमंत्री पद के लिए 2.5-2.5 साल की डील तय हुई थी. 20 नवंबर को 2.5 साल का कार्यकाल पूरा होने के बाद कुछ विधायक डीके शिवकुमार के समर्थन में आवाज उठाने लगे और दिल्ली पहुंच गए. जानकारी के अनुसार, सिद्धारमैया कैबिनेट फेरबदल के लिए सहमत है जबकि, शिवकुमार पहले नेतृत्व परिवर्तन को लेकर बड़े हुए हैं.



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