वक्फ कानून पर ममता बनर्जी सरकार का आदेश
Mamata Banerjee On Waqf Law: CAA, NRC हो या SIR हर मामले पर केंद्र सरकार की धुर विरोधी ममता बनर्जी इन दिनों थोड़ा सॉफ्ट नजर आ रही हैं. कुछ समय पहले पास हुए वक्फ संशोधन बिल के जरिए बने नए वक्फ कानून को पहले तो उन्होंने मामले से सिरे से इनकार कर दिया था. अब इस मुद्दे पर वो पीएम मोदी सरकार के हां में हां मिलती नजर आ रही हैं. वक्फ कानून को लेकर कुछ दिनों पहले पश्चिम बंगाल सरकार ने 8 बिंदुओं को निर्देश जारी किया है. ऐसे में अब सियासी गलियों में इसके अलग-अलग मायने निकाले जा रहे हैं.
इन दिनों ममता बनर्जी (West bengal Mamata Banerjee) SIR को लेकर आवाज बुलंद किए हुए हैं. इस बीच बंगाल में नया वक्फ कानून लागू करने का यू‑टर्न लेते हुए पश्चिम बंगाल सरकार ने केंद्र के वक्फ संशोधन अधिनियम 2025 को स्वीकार कर लिया है.
जिलों को जारी किए गए निर्देश (Mamata Banerjee Order For Waqf)
राज्य के सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि करीब 82,000 वक्फ संपत्तियों का विवरण 6 दिसंबर 2025 तक केंद्रीय पोर्टल umeedminority.gov.in पर अपलोड करें. अल्पसंख्यक विकास विभाग के सचिव पीबी सलीम ने आठ बिंदुओं वाला एक्शन प्लान जारी किया है.
अल्पसंख्यक विकास विभाग के निर्देशों में मुतवल्लियों, इमामों और मदरसा शिक्षकों के साथ बैठक कर पोर्टल की जानकारी देना और तकनीकी सहायता केंद्र स्थापित करना शामिल है. यह कदम केंद्र के समयबद्ध निर्देशों का पालन करने और राज्य में वक्फ संपत्तियों के निर्विवाद विवरण को सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है.
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क्यों यह फैसला अहम है?
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पहले कहा था कि वह इस कानून को बंगाल में लागू नहीं होने देंगी, क्योंकि राज्य में 33% मुस्लिम आबादी है और उनका संरक्षण उनका कर्तव्य है. लेकिन कानूनी लड़ाई में राहत न मिलने के बाद सरकार ने यू‑टर्न ले लिया. में अब पश्चिम बंगाल में स्थित सभी वक्फ संपत्तियों का रखरखाव और उसकी जानकारी का अपडेशन नए कानून के अनुसार किया जाएगा.
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