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मणिपुर को नया मुख्यमंत्री: युमनाम खेमचंद सिंह ने ली शपथ, दो उपमुख्यमंत्री भी बने

Manipur New CM Yumnam Khemchand Singh: मणिपुर को नया मुख्यमंत्री मिल गया है. बीजेपी विधायक दल के नेता युमनाम खेमचंद सिंह (Yumnam Khemchand Singh) ने राज्य के मुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली है. मणिपुर के राज्यपाल अजय कुमार भल्ला ने उन्हें मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाई. उनके साथ नेमचा किपगेन (Nemcha Kipgen) और लोसी डिखो (Losi Dikho) ने उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण की. लोसी डिखो नागा पीपल्स फ्रंट (NPF) के विधायक हैं.

मुख्यमंत्री पद की यह शपथ ऐसे समय में हुई है, जब मणिपुर लंबे समय से राजनीतिक और सामाजिक अस्थिरता से गुजर रहा है. पिछले साल राज्य में गैर-आदिवासी मैतेई और आदिवासी कुकी समुदायों के बीच भड़की जातीय हिंसा ने हालात बेहद गंभीर बना दिए थे.

मणिपुर के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने के बाद युमनाम खेमचंद सिंह ने कहा, “मणिपुर विकसित भारत 2047 में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा. मणिपुर में 36 समुदाय हैं, और हम राज्य में शांतिपूर्ण वातावरण लाने की आशा करते हैं.”

कौन हैं युमनाम खेमचंद सिंह (Who is Yumnam Khemchand Singh)

युमनाम खेमचंद सिंह मणिपुर बीजेपी के अनुभवी नेताओं में शामिल हैं. वह वर्तमान में मणिपुर की राजधानी इंफाल की सिंगजामेई विधानसभा सीट से विधायक हैं और वर्ष 2012 से लगातार इस सीट से जीत दर्ज कर रहे हैं.

हालांकि, उनकी राजनीतिक शुरुआत तृणमूल कांग्रेस से हुई थी. 2012 में उन्होंने इसी पार्टी के टिकट पर पहली बार विधानसभा चुनाव जीता. बाद में वे भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए और 2017 व 2022 में बीजेपी के टिकट पर चुनाव लड़कर जीत हासिल की. 2017 के चुनाव में भाजपा ने उन्हें मणिपुर विधानसभा का स्पीकर भी नियुक्त किया और वे राज्य में भाजपा की सरकार बचाने में अहम भूमिका निभाने वाले नेता बने.

मणिपुर में राष्ट्रपति शासन

इसी हिंसा और कानून-व्यवस्था की बिगड़ती स्थिति के बीच तत्कालीन मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह ने 9 फरवरी 2025 को अपने पद से इस्तीफा दे दिया था. उनके इस्तीफे के चार दिन बाद, 13 फरवरी से मणिपुर में राष्ट्रपति शासन लागू कर दिया गया था.


ये भी पढ़ें: कभी बनते-बनते रह गए थे CM, तृणमूल से बीजेपी तक का सफर, कौन हैं मणिपुर के नए मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह?


अब युमनाम खेमचंद सिंह के नेतृत्व में नई सरकार के गठन से राज्य में राजनीतिक स्थिरता और शांति बहाल होने की उम्मीद जताई जा रही है. नई सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती राज्य में भरोसे की बहाली, कानून-व्यवस्था को मजबूत करना और जातीय तनाव को खत्म करना होगी.

-भारत एक्सप्रेस

Sahil Singh

पढ़ने-लिखने से शुरू हुआ सफर खबरों तक ले गया. पत्रकारिता को करियर बनाने का एक मात्र उद्देश्य—पढ़ना, साथ ही नई-नई चीज़ों को जानने की जिज्ञासा रखना था. आज से पहले ‘आज तक’ चैनल, उसके बाद दायित्व वेबसाइट, और अब भारत एक्सप्रेस में बतौर सब-एडिटर की भूमिका निभा रहा हूं.

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