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कभी बनते-बनते रह गए थे CM, तृणमूल से बीजेपी तक का सफर, कौन हैं मणिपुर के नए मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह?

Who is Yumnam Khemchand Singh: तृणमूल कांग्रेस से राजनीति की शुरुआत करने वाले युमनाम खेमचंद सिंह मणिपुर के नए मुख्यमंत्री बने हैं. जानिए उनका राजनीतिक सफर, 2022 में सीएम रेस और जातीय समीकरण.

Who is Yumname Khemchand Singh

Who is Yumnam Khemchand Singh: मंगलवार (3 फरवरी) को दिल्ली स्थित बीजेपी मुख्यालय में मणिपुर के विधायकों ने अपना नेता चुन लिया. बीजेपी विधायक दल की बैठक में युमनाम खेमचंद सिंह को मणिपुर का नया मुख्यमंत्री चुना गया (Manipur CM Yumnam Khemchand Singh). इसका साफ मतलब है कि पिछले एक साल से राष्ट्रपति शासन के अधीन चल रहा मणिपुर अब सीएम युमनाम खेमचंद सिंह के नेतृत्व में चलेगा.

मणिपुर के नए मुख्यमंत्री के रूप में युमनाम खेमचंद सिंह के चुनाव ने एक बार फिर बीजेपी की चयन प्रक्रिया को चर्चा में ला दिया है. अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि युमनाम खेमचंद सिंह कौन हैं और बीजेपी ने उन्हें मुख्यमंत्री क्यों चुना, आइए जानते हैं.

कौन हैं युमनाम खेमचंद सिंह

युमनाम खेमचंद सिंह मणिपुर बीजेपी के अनुभवी नेताओं में शामिल हैं. वह वर्तमान में मणिपुर की राजधानी इंफाल की सिंगजामेई विधानसभा सीट से विधायक हैं और वर्ष 2012 से लगातार इस सीट से जीत दर्ज कर रहे हैं.

हालांकि, उनकी राजनीतिक शुरुआत तृणमूल कांग्रेस से हुई थी. 2012 में उन्होंने इसी पार्टी के टिकट पर पहली बार विधानसभा चुनाव जीता. बाद में वे भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए और 2017 व 2022 में बीजेपी के टिकट पर चुनाव लड़कर जीत हासिल की. 2017 के चुनाव में भाजपा ने उन्हें मणिपुर विधानसभा का स्पीकर भी नियुक्त किया और वे राज्य में भाजपा की सरकार बचाने में अहम भूमिका निभाने वाले नेता बने.

पहले भी मुख्यमंत्री की रेस में रह चुके हैं

बताया जाता है कि युमनाम खेमचंद सिंह बाद में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के भी करीबी बने. 2022 के विधानसभा चुनाव के बाद, जब बीजेपी ने 32 सीटें जीती थीं, मुख्यमंत्री पद को लेकर पार्टी के भीतर कड़ी खींचतान देखने को मिली थी.

उस समय तत्कालीन मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह को थोंगम बिस्वजीत सिंह से चुनौती मिल रही थी. इसी दौरान खेमचंद सिंह को भी दिल्ली बुलाए जाने और उनके नाम पर मुख्यमंत्री पद के लिए विचार होने की चर्चाएं सामने आई थीं. हालांकि, बाद में एन. बीरेन सिंह ने अपनी स्थिति मजबूत की और सीएम बने. इसके बाद बीरेन सिंह सरकार में खेमचंद सिंह को शिक्षा, आवास विकास और नगरीय प्रशासन जैसे महत्वपूर्ण विभाग सौंपे गए.


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मुख्यमंत्री के चयन के पीछे जातीय समीकरण? (Why BJP Choose Yumnam Khemchand Singh) 

मणिपुर के नए मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह मैतेई समुदाय से आते हैं. बता दें कि मणिपुर में जारी हिंसा की शुरुआत 3 मई 2023 को हुई थी, जो मुख्य रूप से मैतेई और कुकी यह दो समुदायों के बीच चल रही है. हिंसा की जड़ में मैतेई समुदाय की अनुसूचित जनजाति (ST) दर्जे की मांग है, जिसका कुकी आदिवासी समुदाय विरोध कर रहा है.

मणिपुर में जातीय आबादी के अनुपात को देखें तो मैतेई समुदाय का पलड़ा भारी माना जाता है. राज्य की कुल जनसंख्या में मैतेई समुदाय की हिस्सेदारी लगभग 55 प्रतिशत है, जो मुख्य रूप से इंफाल घाटी में निवास करता है. वहीं, कुकी समुदाय करीब 16 से 18 प्रतिशत आबादी का प्रतिनिधित्व करता है और अधिकतर पहाड़ी क्षेत्रों में रहता है. इसके अलावा नगा समुदाय की आबादी लगभग 20 से 22 प्रतिशत मानी जाती है, जबकि शेष हिस्सेदारी अन्य छोटे आदिवासी समुदायों की है.

-भारत एक्सप्रेस



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