कर्नाटक पुलिस ने तेलंगाना के एक बिजनेस मैन की हत्या के मामले को सुलझा लिया है, जिसकी जलती हुई लाश कोडागु जिले में एक कॉफी एस्टेट में पाई गई थी. पुलिस ने मृतक की दूसरी पत्नी और दो अन्य लोगों को गिरफ्तार किया है. जांच में पता चला कि महिला ने 8 करोड़ रुपये की संपत्ति को हासिल करने के लिए उसकी हत्या की थी. 8 अक्तूबर को पुलिस को कोडागु में एक लावारिस शव मिला था. जांच के बाद मृतक की पहचान 54 वर्षीय रमेश के रूप में हुई थी.
पुलिस ने इस मामले में मृतक की दूसरी पत्नी निहारिका पी (29), उसके सहयोगी डॉ. निखिल (पशु चिकित्सक), और बेंगलुरु निवासी अंकुर राणा को गिरफ्तार किया है.
घटना के संबंध में बताया जाता है कि शव मिलने के बाद पुलिस की चार विशेष टीमों के 16 अधिकारियों ने सुरागों का पीछा किया. जांचकर्ताओं ने घटना के समय क्षेत्र में आए वाहनों की जानकारी को संकलित करने के लिए सैकड़ों सीसीटीवी फुटेज की समीक्षा की. यह स्थान राजमार्ग से केवल एक किलोमीटर दूर था, जिससे पुलिस ने मैकडेरी, सुंटिकोप्पा, कुशलनगर और माधापुर में हजारों वाहनों के डेटा को खंगाला. अंत में पुलिस ने रमेश के नाम पर पंजीकृत एक लाल बेंज कार की पहचान की, जो हाल ही में लापता हो गया था.
कोडागु पुलिस ने फिर तेलंगाना पुलिस के साथ मिलकर रमेश की पृष्ठभूमि और व्यक्तिगत संबंधों के बारे में जानकारी जुटाई. जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी, निहारिका, उसके सहयोगी डॉ. निखिल और दोस्त अंकुर राणा पर संदेह गहरा गया. पुलिस के मुताबिक, जब निहारिका को हिरासत में लिया गया तो उसने अपराध को स्वीकार कर लिया. महिला तेलंगाना के मोंगीर नगर की रहने वाली है.
निहारिका जब 16 साल की थी, तब उसके पिता का निधन हो गया था. जिसके बाद उसकी मां ने दूसरी शादी कर ली. निहारिका की कम उम्र में ही शादी हो गई थी. लेकिन बाद में वैवाहिक समस्याओं के कारण तलाक ले लिया. पुलिस के अनुसार, निहारिका इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है और कई कंपनियों में काम भी कर चुकी है, जहां उसे अच्छी सैलरी मिलती थी.
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हालांकि, हरियाणा में रहने के दौरान वह एक वित्तीय धोखाधड़ी में शामिल हो गई और गिरफ्तार हुई. रिहा होने के बाद, उसने बेंगलुरु लौटकर 2018 में रमेश से शादी की. लेकिन जब उसने 8 करोड़ रुपये की मांग की, तो उनके बीच विवाद बढ़ गया. जिसके बाद निहारिका ने अंकुर की मदद से रमेश की हत्या की योजना बनाई.
पुलिस के मुताबिक, उसने 1 अक्टूबर को रमेश को हैदराबाद के उप्पल में बुलाया, जहां उसकी गला घोंटकर हत्या कर दी. निहारिका और उसके सहयोगियों ने शव को लगभग 840 किलोमीटर दूर कोडागु में ले जाकर एक कॉफी बागान में छोड़ा, उसे कंबल से ढककर आग लगा दी, ताकि सबूत मिट जाए. इधर, निहारिका ने रमेश की गुमशुदगी की रिपोर्ट भी दर्ज करा दी थी. जांच के दौरान, अधिकारियों ने अंकुर की पत्नी की संदिग्ध गुमशुदगी में भी उसकी संभावित संलिप्तता की जांच की, जिससे यह मामला एक व्यापक आपराधिक पैटर्न का हिस्सा बनने की संभावना बढ़ गई.
-भारत एक्सप्रेस
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