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महिला कांग्रेस अध्यक्ष अलका लांबा को बड़ी राहत, राऊज एवेन्यू कोर्ट ने एक साल के प्रोबेशन पर किया रिहा

राऊज एवेन्यु कोर्ट से महिला कांग्रेस के अध्यक्ष अलका लांबा को बड़ी राहत मिली है. कोर्ट ने अलका लांबा को एक साल के प्रोबेशन पर रिहा करने का आदेश दिया है. साथ ही कोर्ट ने एक लाख रुपए का मुचलका जमानत करने का निर्देश दिया है.कोर्ट ने महिला आरक्षण की मांग को लेकर जंतर मंतर पर 2024 में हुए प्रदर्शन के मामले में दोषी करार दिया था.

कोर्ट अलका लांबा को बीएनएस की प्रावधानों के तहत अधिकारियों को बाधा पहुचाने और सार्वजनिक सड़क अवरुद्ध करने का दोषी ठहराया था. इससे पहले अलका लांबा को दिल्ली हाई कोर्ट से झटका लगा था. कोर्ट ने उनके ओर से दायर पुनर्विचार याचिका को खारिज कर दिया था. अलका लांबा ने जंतर मंतर पर हुए प्रदर्शन के दौरान पुलिसकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की, आदेश की अवहेलना और सार्वजनिक मार्ग को बाधित करने के मामले में बीएनएस की विभिन्न धाराओं के तहत तय किए गए आरोप को चुनौती दी थी.

कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा था कि वीडियो में अलका लांबा को बैरिकेड्स कूदते, पुलिसकर्मियों को धक्का देते और प्रदर्शनकारियों को भी बैरिकेड्स पार करने के लिए संकेत करते हुए देखा जा सकता है. 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले संसद में महिला आरक्षण लागू करने की मांग को लेकर जंतर मंतर पर हुए प्रदर्शन के दौरान पुलिस पर हमले का आरोप है.

कोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि इस कोर्ट की सोची-समझी राय है कि पहली नजर में आरोपी अलका लांबा के खिलाफ बीएनएस की धारा 132/221/223 (a)/ 285 के तहत मामला बनता है. इसलिए ऊपर बताए गए प्रोविजन के तहत आरोपी के खिलाफ आरोप तय करने का निर्देश दिया जाता है. साथ ही कोर्ट ने उनके द्वारा मामले से बरी किए जाने की मांग वाली अर्जी को खारिज कर दिया था.

शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दावे को कोर्ट ने स्वीकार नहीं किया

अदालत ने पुलिस के वीडियो साक्ष्यों, शिकायतकर्ता और अन्य पुलिसकर्मियों के बयानों का संज्ञान लेते हुए कहा कि रिकॉर्ड पर मौजूद सामग्री प्रथम दृष्टया संदेह पैदा करती है. हालांकि मामले की सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष की ओर से पेश वकील ने दलील देते हुए कहा था कि प्रदर्शन शांतिपूर्ण था और तय क्षेत्र में ही हुआ. कोई स्वतंत्र गवाह या चोट के सबूत नहीं हैं.

वीडियो में भी हमला या सड़क जाम नहीं दिखता. लेकिन कोर्ट ने इन दलीलों को मानने से इनकार करते हुए आरोप तय कर दिए थे.

यह भी पढ़ें: ISI को सीक्रेट्स देने वाली यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका, जमानत याचिका खारिज

-भारत एक्सप्रेस

गोपाल कृष्ण

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