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ISI को सीक्रेट्स देने वाली यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका, जमानत याचिका खारिज

ज्योति मल्होत्रा से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी है. उन पर पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI को संवेदनशील जानकारी देने के आरोप हैं और वे मई 2025 से जेल में बंद हैं.

यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा

यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा

पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई को संवेदनशील जानकारी मुहैया कराने के आरोप में गिरफ्तार ज्योति मल्होत्रा को सुप्रीम कोर्ट से झटका लगा है. कोर्ट ने ज्योति मल्होत्रा की ओर से दायर जमानत याचिका को खारिज कर दिया है. जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा की पीठ ने यह आदेश दिया है.

पंजाब हरियाणा हाई कोर्ट से राहत नही मिलने के बाद मल्होत्रा ने सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर कर जमानत की गुहार लगाई थी. हाई कोर्ट ने मामले की गंभीरता और उपलब्ध प्रथम दृष्टया साक्ष्यों को देखते हुए ज्योति मल्होत्रा की ओर से दायर जमानत याचिका को खारिज कर दिया था. कोर्ट ने साफ किया था कि मामला राष्ट्रीय संप्रभुता से जुड़ा हुआ है, इसलिए आरोपी को कोई राहत नहीं दी जा सकती.

ऑपरेशन सिंदूर के बाद सुरक्षा कार्रवाई

बता दें कि भारत की पाकिस्तान पर ऑपरेशन सिंदूर एयर स्ट्राइक के बाद जासूसी के शक में हरियाणा और पंजाब से कई जासूस पकड़े जा चुके है.ऑपरेशन सिंदूर के बाद 11 दिन में ही 7 जासूस दोनों राज्यों से पकड़े गए थे. इसमें सबसे चर्चित केस हिसार से पकड़ी गई जासूस ज्योति मल्होत्रा का रहा. ज्योति मल्होत्रा Travel with Jo नाम से एक लोकप्रिय यूट्यूब चैनल चलाती है. उसके यूट्यूब पर करीब 3.94 लाख सब्सक्राइब और इंस्टाग्राम पर 1.3 लाख से ज्यादा फॉलोअर्स है. वो अक्सर अपनी विदेश यात्राओं, खासकर पाकिस्तान के ब्लॉग्स शेयर करती थी. उनके चैनल पर इंडियन गर्ल इन पाकिस्तान और एक्सप्लोरिंग लाहौर जैसे कई वीडियो मौजूद है.

जासूसी गतिविधियों के आरोप में मई 2025 से जेल में बंद ज्योति ने अपनी रिहाई के लिए हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था.

एफआईआर के अनुसार यह मामला मई 2025 में प्राप्त एक खुफिया जानकारी से जुड़ा है. आरोप है कि ज्योति मल्होत्रा वर्ष 2023 में पाकिस्तान उच्चायोग नई दिल्ली वीजा आवेदन के लिए गई थीं, जहां उनकी मुलाकात पाकिस्तानी अधिकारी अहसान-उर-रहीम उर्फ दानिश से हुई. उन पर भारत से संबंधित संवेदनशील सूचनाओ के आदान प्रदान का आरोप है.

इस मामले में उनके खिलाफ आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है.

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-भारत एक्सप्रेस



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