लीगल

UGC Regulations: विरोध प्रदर्शन पर दिल्ली हाई कोर्ट ने अखिलेश-राहुल समेत 11 नेताओं के विरुद्ध कार्यवाही रोकी

दिल्ली हाई कोर्ट ने यूजीसी के नए नियमों के खिलाफ 6 फरवरी 2026 को जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन के मामले में चल रही अदालती कार्यवाही पर रोक लगा दी है. इस मामले में लोकसभा में नेता विपक्ष अखिलेश यादव, राहुल गांधी, कनिमोझी, ए. राजा समेत 11 नेताओं के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई थी.

हाई कोर्ट ने निचली अदालत की कार्यवाही रोकी

जस्टिस अनूप जयराम भंभानी की बेंच ने तमिलनाडू विधायक और डीएमके छात्र संघ के सचिव सीवीएमपी एझिलारासन की याचिका पर सुनवाई की. सुनवाई के बाद हाई कोर्ट ने राऊज एवेन्यू कोर्ट में चल रही पूरी कार्यवाही पर रोक लगा दी.

पुलिस की चार्जशीट पर सवाल

इससे पहले राऊज एवेन्यू कोर्ट ने दिल्ली पुलिस की जांच पर सवाल उठाए थे. कोर्ट ने एसएचओ और एसीपी से पूछा था कि उन्होंने किस आधार पर चार्जशीट दाखिल की. कोर्ट ने यह भी पूछा कि अन्य 10 आरोपियों को जांच का नोटिस क्यों नहीं भेजा गया जबकि एक को भेजा गया था.

किन धाराओं में चार्जशीट दाखिल हुई

दिल्ली पुलिस ने 11 नेताओं के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 223(क) यानी सरकारी आदेश की अवज्ञा और धारा 3(5) यानी सामान्य इरादे से किया गया आपराधिक कृत्य के तहत चार्जशीट दाखिल की है. पुलिस का आरोप है कि प्रदर्शन बिना अनुमति के आयोजित किया गया था.

यूजीसी के नए नियम क्या हैं

विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने नए नियम बनाए हैं. इनके तहत सभी विश्वविद्यालयों, कॉलेजों और उच्च शिक्षण संस्थानों को 24 घंटे हेल्पलाइन शुरू करनी होगी. साथ ही इक्विटी ऑपर्चुनिटी सेंटर बनाना होगा. इक्विटी कमिटी और इक्विटी स्क्वाड भी गठित करने होंगे.

यूजीसी ने साफ कहा है कि नियमों का पालन न करने पर संस्थान की मान्यता रद्द की जा सकती है या फंड रोके जा सकते हैं.

यूजीसी का तर्क

यूजीसी का कहना है कि साल 2020 से 2025 के बीच जातिगत भेदभाव की शिकायतों में 100 प्रतिशत से ज्यादा बढ़ोतरी हुई है. रोहित वेमुला और पायल तड़वी जैसे मामलों में सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणियों के बाद यह व्यवस्था जरूरी हो गई.

तमिलनाडू विधानसभा का प्रस्ताव

तमिलनाडू विधानसभा ने 9 जनवरी 2026 को इन नए नियमों के खिलाफ प्रस्ताव पास किया था. इसमें यूजीसी से इन नियमों को वापस लेने की मांग की गई थी.

कई याचिकाएं दायर

इन नियमों को असंवैधानिक बताते हुए दर्जनों याचिकाएं अदालत में दायर की जा चुकी हैं. सभी याचिकाओं में एक ही मांग है कि नए नियम रद्द किए जाएं.

कुछ लोग अक्सर पूछते हैं कि हम किसके पक्ष में हैं? मेरा जवाब…हम भारत के साथ हैं: पीएम मोदी

गोपाल कृष्ण

Recent Posts

बांग्लादेश में फिर सड़कों पर उतरे लोग, राजधानी ढाका समेत गाजीपुर में क्यों लगाई आग, क्या है वजह?

Bangladesh Protest: बांग्लादेश में गारमेंट कर्मचारियों का वेतन बढ़ाने को लेकर आंदोलन उग्र हो गया…

43 minutes ago

‘ज्ञानेश कुमार रात में सो नहीं पा रहे होंगे’, महारैली में राहुल गांधी का CEC पर हमला

INDIA Alliance Rally: रामलीला मैदान में INDIA गठबंधन की रैली में राहुल गांधी ने मुख्य…

1 hour ago

‘मोहब्बत की दुकान में सिर्फ नफरत’, राहुल गांधी की ‘मॉक पार्लियामेंट’ पर बरसे अमित शाह

चंडीगढ़ पहुंचे गृह मंत्री अमित शाह ने राहुल गांधी की 'मॉक पार्लियामेंट' पर तंज कसते…

2 hours ago

रामलीला मैदान में विपक्ष का शक्ति प्रदर्शन: अखिलेश बोले- ‘1.27 करोड़ वोट काटकर हार छुपाना चाहती है बीजेपी’

दिल्ली के रामलीला मैदान में INDIA ब्लॉक की महारैली में अखिलेश यादव ने बीजेपी पर…

2 hours ago

INDIA गठबंधन की महारैली से गरमाई सियासत: राहुल गांधी का आरोप- कनॉट प्लेस में जबरन बंद कराई गईं दुकानें

INDIA Alliance Rally: INDIA गठबंधन की महारैली के बीच राहुल गांधी ने बीजेपी पर कनॉट…

2 hours ago

उमर अब्दुल्ला-निधि राजदान की शादी से फिर उठा सवाल, अमीर-गरीब के लिए अलग क्यों है समाज का नजरिया?

Omar Abdullah Nidhi Razdan Marriage: जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने वरिष्ठ पत्रकार निधि राजदान…

3 hours ago