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कुछ लोग अक्सर पूछते हैं कि हम किसके पक्ष में हैं? मेरा जवाब…हम भारत के साथ हैं: पीएम मोदी

पीएम मोदी ने कहा— भारत से दूर, विश्व के विभिन्न हिस्सों में युद्ध हो रहे हैं, लेकिन आज के परस्पर जुड़े परिवेश में कोई भी देश इनके प्रतिकूल परिणामों से अछूता नहीं रह सकता. कई देशों में स्थिति और बिगड़ गई है.

PM Modi on Bihar Diwas wishes people of Bihar
Vijay Ram Edited by Vijay Ram

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज भारत नए आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहा है. अब चुनौतियों को टालने के बजाय भारत उनका डटकर सामना कर रहा है. कोरोना महामारी की शुरुआत से ही चुनौतियां लगातार बढ़ती ही जा रही हैं. महामारी के बाद से एक भी वर्ष ऐसा नहीं बीता है, जिसने भारत और उसके लोगों की परीक्षा न ली हो. प्रधानमंत्री सोमवार को दिल्ली में ‘व्हाट इंडिया थिंक्स टुडे समिट-2026’ को संबोधित कर रहे थे.

उन्होंने कहा कि भारत आज वह देश है, जिसकी अर्थव्यवस्था तेजी से आगे बढ़ रही है. 2014 से पहले की स्थितियों को पीछे छोड़कर आज भारत एक नए आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहा है. अब भारत चुनौतियों को टालता नहीं है, बल्कि चुनौतियों से टकराता है. आज विश्व जिन गंभीर परिस्थितियों से गुजर रहा है, वे बेहद चिंताजनक हैं. आज जब दुनिया संघर्ष के कारण उलझी हुई है और इसका प्रभाव पूरी दुनिया पर दिख रहा है, ऐसे में भारत और विश्व की बात करना बहुत ही प्रासंगिक हो जाता है.

भारत हर आपदा का सामना कर आगे बढ़ रहा

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि 140 करोड़ भारतीयों के एकजुट प्रयास से भारत हर आपदा का सामना करते हुए आगे बढ़ रहा है. इस समय युद्ध की परिस्थितियों में भी भारत की नीति और रणनीति देखकर, भारत का सामर्थ्य देखकर दुनिया के अनेकों देश हैरान हैं.

उन्होंने कहा कि पिछले 23 दिनों में भारत ने संबंध निर्माण, निर्णय लेने और संकट प्रबंधन में उल्लेखनीय क्षमता का प्रदर्शन किया है. ऐसे समय में जब दुनिया कई गुटों में बंटी हुई है, भारत ने खाड़ी देशों से लेकर पश्चिमी देशों तक, और दक्षिण देशों से लेकर अपने पड़ोसियों तक, असाधारण संबंध स्थापित किए हैं. आज भारत सभी के लिए एक विश्वसनीय सहयोगी के रूप में खड़ा है. लोग अक्सर पूछते हैं, “हम किसके पक्ष में हैं?” मेरा जवाब है, “हम भारत के साथ हैं. हम भारत के हितों के साथ हैं. हम शांति और संवाद के साथ हैं.”

भारत ने अभूतपूर्व और अकल्पनीय सेतु बनाए

उन्होंने कहा कि आज जब दुनिया इतने सारे खेमों में बंटी हुई है, भारत ने अभूतपूर्व और अकल्पनीय सेतु बनाए हैं. खाड़ी से लेकर ग्लोबल वेस्ट तक, ग्लोबल साउथ से लेकर पड़ोसी देशों तक, भारत सभी का विश्वसनीय साथी है. कुछ लोग पूछते हैं, हम किसके साथ हैं? तो उनका जवाब यही है, हम भारत के साथ हैं, हम भारत के हितों के साथ हैं, शांति के साथ हैं, और संवाद के साथ हैं. उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि यह जानते हुए भी कि तेल बांड का फैसला गलत है, जो रिमोट कंट्रोल से सरकार चला रहे थे, उन लोगों ने अपनी सत्ता बचाने के लिए यह गलत निर्णय किया, क्योंकि जवाबदेही उस समय नहीं होनी थी, उस बांड पर रीपेमेंट 2020 के बाद होनी थी. बीते 5-6 वर्षों में हमारी सरकार ने कांग्रेस सरकार के उस पाप को धोने का काम किया है और इस धुलाई का खर्च कम नहीं आया है. ऐसी लॉन्ड्री आपने देखी नहीं होगी.

उन्होंने कहा कि आप जरा याद कीजिए, 2004 से 2010 के बीच क्या हुआ था? तब कांग्रेस सरकार में पेट्रोल, डीजल और गैस की कीमतों का संकट आया था. तब कांग्रेस ने देश की नहीं, अपनी सत्ता की चिंता की. उस समय कांग्रेस ने 1,48,000 करोड़ रुपए के ऑइल बांड जारी किए थे. उस समय के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने खुद कहा था कि वह आने वाली पीढ़ी पर कर्ज का बोझ डाल रहे हैं.

उन्होंने कहा कि जब राजनीति में व्यक्तिगत हित हावी हो जाते हैं तो लोग देश के भविष्य की बजाय अपने भविष्य पर ध्यान केंद्रित करते हैं. 2004 से 2010 के बीच क्या हुआ?

उन्होंने कहा कि भारत से दूर, विश्व के विभिन्न हिस्सों में युद्ध हो रहे हैं, लेकिन आज के परस्पर जुड़े परिवेश में कोई भी देश इनके प्रतिकूल परिणामों से अछूता नहीं रह सकता. कई देशों में स्थिति और बिगड़ गई है. इन चुनौतियों के बीच, कुछ राजनीतिक दल स्वार्थवश इन परिस्थितियों का राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश कर रहे हैं.

पहले भी योजनाएं थीं, लेकिन परिणाम आज दिखते हैं

पहले भी योजनाएं बनती थीं, लेकिन आज परिणाम दिखते हैं. पहले गति धीमी थी. आज भारत फास्ट ट्रैक पर है. पहले संभावनाएं अंधकार में थीं. आज संकल्प सिद्धियों में बदल रहे हैं. इसलिए दुनिया को भी संदेश मिल रहा है कि यह नया भारत है. यह अपने विकास के लिए कोई कोर-कसर नहीं छोड़ रहा.

उन्होंने सीएम ममता बनर्जी सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि आयुष्मान भारत योजना, पीएम सूर्य घर बिजली योजना, पीएम आवास योजना, और चाय बागान श्रमिकों के लिए शुरू हुई योजनाओं पर ब्रेक लगाया हुआ है. यानी विकास और जनकल्याण से ज्यादा प्राथमिकता निर्मम सरकार अपने राजनीतिक स्वार्थ को दे रही है. पश्चिम बंगाल एक समय में संस्कृति, शिक्षा, उद्योग और व्यापार का हब हुआ करता था. पिछले 11 वर्षों में केंद्र सरकार ने पश्चिम बंगाल के विकास के लिए बड़ी मात्रा में निवेश किया है, लेकिन दुर्भाग्य से वहां ऐसी निर्मम सरकार है, जो विकास पर ब्रेक लगाकर बैठी है.

प्रधानमंत्री ने कहा कि कांग्रेस पार्टी की राजनीति का मुख्य केंद्र विकास का विरोध करना रहा है. गुजरात में मेरे कार्यकाल से ही उनका यही निरंतर दृष्टिकोण रहा है. वर्षों तक गुजरात की जनता ने हमें स्पष्ट जनादेश दिया, फिर भी कांग्रेस पार्टी ने बार-बार जनता की इच्छा को मानने से इनकार कर दिया.



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