लीगल

दिल्ली के प्राइवेट स्कूलों को राहत, अब सत्र 2026-27 से लागू होगा नया फीस रेगुलेशन कानून

दिल्ली एजुकेशन अधिनियम 2025 को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई के दौरान दिल्ली सरकार की ओर से पेश एडिशनल सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू ने कोर्ट को बताया कि निजी स्कूल फीस विनियमित कानून को नए सत्र यानी 2026-26 से लागू किया जाएगा. इसके जस्टिस पी. एस नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की बेंच कहा कि अब अधिसूचना से संबंधित मुद्दा है, जो दिल्ली हाई कोर्ट लंबित है.

पिछली सुनवाई के दौरान कोर्ट ने दिल्ली सरकार से कहा था कि वह निजी स्कूलों की फीस तय करने वाले कानून को अप्रैल 2026 तक टालने पर विचार करें. क्योंकि शैक्षणिक सत्र में इसे लागू करना व्यवहारिक नही है. पिछली सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से पेश वरिष्ठ वकील मुकुल रोहतगी ने कहा था कि यह कानून संसद के बनाए दिल्ली स्कूल एडुकेशन एक्ट 1973 से टकराता है. नया कानून कहता है कि स्कूल खुद फीस तय नहीं करेंगे, सिर्फ प्रस्ताव देंगे. लेकिन 24 दिसंबर को जारी सर्कुलर इस कानून के खिलाफ है. जारी अधिसूचना के मुताबिक 1 अप्रैल 2025 से शुरू हुए सत्र की फीस भी अब समिति तय करेगी, यानी पीछे की तारीख से लागू होगी, जो गलत है.

जस्टिस नरसिम्हा ने कहा था कि कानून जनता के हित में है, फीस बहुत ज्यादा हो गई है. लेकिन जल्दबाजी में इसे लागू करने से स्कूलों की व्यवस्था बिगड़ सकती है. समिति बनाना ठीक है, लेकिन फीस को पीछे की तारीख से लागू करना सही नहीं लगता. आप 2025-26 के लिए फीस अभी से तय करना चाहते हैं, जबकि सत्र पहले ही शुरू हो चुका है, यह बहुत उलझा हुआ है.

कोर्ट ने उठाया सवाल

वही दिल्ली सरकार की ओर से पेश एडिशनल सॉलिसिटर जनरल एस. वी राजू ने कहा था इस साल के लिए एक बार की व्यवस्था है. जो फीस अभी ली जा रही है. वही प्रस्तावित मानी जाएगी. फिर समिति उसे मंजूरी देगी. सरकार चाहती है कि यह व्यवस्था इसी सत्र (2025-26) में लागू हो. इसपर जस्टिस नरसिम्हा ने कहा था कि अगर आप फीस पीछे से लागू करेंगे, तो स्कूलों से वसूली भी करनी पड़ेगी. यह अव्यवहारिक होगा. अच्छा कानून है, अच्छे उद्देश्य के लिए है, लेकिन इसे सही तरीके से लागू कीजिए.

दिल्ली सरकार ने राजधानी में निजी प्राइवेट स्कूलों की मनमानी फीस बढोत्तरी को लगाम लगाने के लिए दिल्ली स्कूल एजुकेशन ट्रांसपेरेंसी इन फिक्सेशन एंड रेगुलेशन ऑफ फीस बिल 2025 लाया गया हैं. 1973 के दिल्ली स्कूल शिक्षा अधिनियम और नियमों के साथ-साथ लागू होगा.

मनमानी फीस बढ़ी तो तुरंत कार्रवाई

सरकार द्वारा लाए गए यह कानून शिक्षा विभाग अधिनियम व नियमों में निर्धारित सभी प्रक्रियाओं जैसे स्कूलों से फीस प्रस्तावों की जांच, अनुमतियां, रिपोर्टिंग और निगरानी को लागू करना शुरू करेगा. नए कानून में फीस निर्धारण और संशोधन की प्रक्रिया में अभिभवकों की अनिवार्य भागीदारी, स्कूलों द्वारा वित्तीय विवरण, खर्च, निधि उपयोग और फीस संरचना का अनिवार्य एवं सार्वजनिक खुलासा, स्पष्ट और मजबूत शिकायत नियंत्रण तंत्र, किसी भी अनधिकृत या अवैध फीस में बढ़ोतरी पर तुरंत कार्रवाई, फीस वृद्धि से पहले विस्तृत प्रक्रिया और सरकार की पूर्व स्वीकृति आवश्यक जैसी प्रमुख बातों को इसमें शामिल किया गया है.

ये भी पढ़ें: ‘खुद ICU में भर्ती हुई ताकि पुलिस से बच सके’, धौला कुंआ हादसे में गगनप्रीत पर जांच भटकाने का आरोप; चार्जशीट पेश

-भारत एक्सप्रेस

गोपाल कृष्ण

Recent Posts

काशी में ‘पाकिस्तानेश्वर’ महादेव मंदिर का बदला नाम, सिंधी समाज के विरोध के बाद अब कहलाएंगे ‘सिंधु गंगेश्वर’

वाराणसी के छोटी शीतला घाट स्थित शिव मंदिर का नाम 'पाकिस्तानेश्वर' से बदलकर 'सिंधु गंगेश्वर…

35 minutes ago

आसमान में तैनात होगा भारत का स्वदेशी ‘जासूस’, DRDO ने HAPS एयरशिप का किया कामयाब ट्रायल

DRDO ने 21 किमी की ऊंचाई पर 'हाई एल्टीट्यूड प्लेटफॉर्म सिस्टम' (HAPS) का सफल परीक्षण…

1 hour ago

पूर्व ऑस्ट्रेलियाई पीएम केविन रुड बोले- वैश्विक मंच पर भारत की स्थिति मजबूत, पीएम मोदी के हुए मुरीद

ऑस्ट्रेलिया के पूर्व पीएम केविन रुड ने कहा कि डोनाल्ड ट्रंप के मन में पीएम…

2 hours ago

योगी सरकार का सोलर कमाल: 2,942 मेगावाट पहुंची रूफटॉप क्षमता, ‘PM सूर्य घर योजना’ में उत्तर प्रदेश नंबर-1

उत्तर प्रदेश में 'प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना' से 2,942 मेगावाट क्षमता के रूफटॉप सोलर लग…

2 hours ago

SIR और चुनाव आयोग के खिलाफ INDIA ब्लॉक का हल्लाबोल, पुलिस ने राहुल गांधी को हिरासत में लिया

चुनाव आयोग के काम करने के तरीके और वोटर लिस्ट के स्पेशल गहन रिवीजन यानी…

2 hours ago

‘पाकिस्तानी हों या बांग्लादेशी, बख्शे नहीं जाएंगे’ अमित शाह की नीति का असर, घाटी से 150 अवैध विदेशी बाहर

गृह मंत्री अमित शाह की 'जीरो टॉलरेंस' नीति के तहत जम्मू-कश्मीर से 150 अवैध बांग्लादेशी…

3 hours ago