रुस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध के बीच फंसे 26 भारतीयों को लेकर केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में अपना जवाब दाखिल कर दिया है. केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया है कि रूस-यूक्रेन युद्ध मे रूसी सेना में शामिल 49 भारतीय नागरिकों की मौत हो गई है.
केंद्र सरकार के मुताबिक करीब 217 भारतीय नागरिक रूसी सेना में शामिल हुए थे. जिसमें से राजनयिक बातचीत के बाद 139 भारतीय नागरिकों को रिहा कराया गया. जिसमें से 6 भारतीय नागरिक अब भी लापता बताए गए. परिवारों की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट सुनवाई कर रहा है. केंद्र ने यह भी बताया कि 26 मामलों में से 14 भारतीय नागरिकों की मौत की पुष्टि की है. 11 भारतीय नागरिक अब भी लापता, एक व्यक्ति आपराधिक मामले में जेल में है. 8 मृतकों के शव भारत लाए गए, बाकी मामलों में डीएनए मिलान प्रक्रिया जारी है.
पिछली सुनवाई में सीजेआई सूर्यकांत ने कहा था कि इस मामले को समझदारी से निपटाने की आवश्यकता है. एएसजी भाटी ने बताया कि कुल 215 भारतीय रूस गए हैं, जिनमें से 26 के परिवार के सदस्य सुप्रीम कोर्ट आए हैं. केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को यह भी बताया था कि मंत्रालय लगातार परिवार के संपर्क में है. इसपर सीजेआई ने कहा था कि यूक्रेन युद्ध में एक व्यक्ति की मौत की जानकारी समाचार पत्र के जरिए हासिल हुई है. एएसजी भाटी ने कहा था कि वह याचिककर्ताओ में से एक के परिवार के सदस्य था. एएसजी भाटी ने कहा था कि सरकार ने शव को वापस लाने की व्यवस्था कर ली है. लेकिन संबंधित परिवार के असहयोग के कारण कठिनाइयों का सामना करना पड़ा.
एएसजी भाटी ने इस बात पर जोर दिया था कि सरकार विदेश में संकट में फंसे प्रत्येक भारतीय नागरिक की सहायता के लिए प्रतिबद्ध है. कोर्ट ने विदेश मंत्रालय से अभी तक उठाए गए कदमों का विस्तृत रिपोर्ट देने को कहा था. यह याचिका 26 भारतीय नागरिकों के परिवार वालों की ओर से दायर की गई है. सीजेआई सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल एम पंचोली की पीठ दायर याचिका पर सुनवाई कर रही है. यह याचिका वकील ऋत्विक भनोत, अध्ययन गुप्ता और आयुष शंकर द्वारा दायर की गई है.
दायर याचिका में केंद्र सरकार के साथ राजस्थान, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और पंजाब की सरकारों और भारत में स्थित रूसी दूतावास को भी पक्षकार बनाया गया है. दायर याचिका में कहा गया है कि इन लोगों को रूस में बंधक बनाकर जबरन युद्ध लड़ने के लिए भेज दिया गया है. ये सभी भारतीय छात्र या पर्यटक वीजा पर रुस गए थे.
दायर याचिका में उन सभी भारतीय नागरिकों के कथित प्रत्यर्पण के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है. जो छात्र या पर्यटक वीजा पर रुस गए थे और अब कथित तौर पर यूक्रेन के खिलाफ चल रहे युद्ध में भाग लेने के लिए मजबूर किए जा रहे हैं.
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-भारत एक्सप्रेस
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