Mirzapur 6000 page charge sheet: उत्तर प्रदेश में मिर्जापुर के जिम में महिलाओं से दोस्ती कर उनकी अश्लील वीडियो बनाकर वसूली करने और धर्मांतरण का दबाव बनाने के गंभीर मामले में पुलिस ने करीब 6000 पन्नों की चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की है. इस मामले में जिला जज स्तर पर आरोपियों की जमानत याचिका पहले ही खारिज हो चुकी है और अब मजिस्ट्रेट कोर्ट में आगे की सुनवाई के तहत गवाहों के बयान दर्ज किए जाएंगे. ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर एक केस की फाइल हजारों पन्नों तक कैसे पहुंच जाती है?
यह मामला 19 जनवरी को देहात कोतवाली में दर्ज हुआ था, जब दो युवतियों ने आरोप लगाया कि जिम में कुछ लोगों ने उनसे दोस्ती कर उनकी आपत्तिजनक वीडियो बनाई और फिर उन्हें ब्लैकमेल कर पैसे वसूले गए. आरोप है कि केजीएन (ख्वाजा गरीब नवाज) से जुड़े तीन जिम बी फिट और आयरन फायर में जिम संचालक और ट्रेनर लड़कियों पर धर्मांतरण का दबाव भी बनाते थे, उन्हें बुरका पहनाकर और मजार पर ले जाकर कलमा पढ़वाने की कोशिश की जाती थी. अब पुलिस की विस्तृत जांच और सैकड़ों सबूतों के आधार पर यह 6000 पन्नों की बड़ी चार्जशीट तैयार हुई है, जिसमें पूरे मामले की तह तक जानकारी दर्ज है.
6000 पन्नों की चार्जशीट किसी एक दस्तावेज की बजाय पूरी जांच का विस्तृत रिकॉर्ड होती है, जिसे पुलिस लंबी जांच के बाद अदालत में पेश करती है. इसमें FIR, गवाहों के बयान, मोबाइल कॉल डिटेल्स, चैट रिकॉर्ड, CCTV फुटेज, फॉरेंसिक रिपोर्ट, मेडिकल रिपोर्ट और अन्य तकनीकी सबूत शामिल होते हैं. हर छोटे-बड़े सबूत और गवाही को लिखित रूप में दर्ज किया जाता है, ताकि अदालत में पूरा केस पारदर्शी तरीके से प्रस्तुत किया जा सके.
इतनी बड़ी चार्जशीट इसलिए बन जाती है क्योंकि जांच में सैकड़ों गवाह, हजारों पेज के दस्तावेज और कई तकनीकी रिपोर्ट शामिल होती हैं. हर सबूत की अलग कॉपी, विश्लेषण और विवरण जोड़ने से फाइल का आकार हजारों पन्नों तक पहुंच जाता है. इसका मतलब यह नहीं कि केस कमजोर या मजबूत है, बल्कि यह दर्शाता है कि जांच बहुत विस्तृत और गहराई से की गई है, जिसे अदालत में सभी तथ्यों के साथ पेश किया जा सके.
इस मामले में पुलिस ने शुरुआत में आठ लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया था और जांच के दौरान धीरे-धीरे सभी आरोपियों की गिरफ्तारी की गई. सबसे पहले मोहम्मद शेख अली आलम, फैजल खान, जहीर और शादाब को पकड़ा गया, इसके बाद आयरन फायर जिम के संचालक जीआरपी सिपाही इरशाद और फरीद अहमद को भी गिरफ्तार किया गया. मुख्य आरोपी इमरान खान के खिलाफ लुक आउट नोटिस जारी हुआ और उसे दिल्ली एयरपोर्ट से 25 हजार के इनामी के साथ गिरफ्तार किया गया, जबकि धर्मांतरण के लिए कथित रूप से प्रेरित करने वाले मौलवी खलीलुर्रहमान को भी पकड़ा गया.
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सभी आरोपियों की जमानत याचिकाएं पहले निचली अदालत और फिर जिला जज स्तर पर खारिज हो चुकी हैं. पुलिस ने गहन जांच के बाद 18 अप्रैल को इस पूरे मामले में करीब 6000 पन्नों की चार्जशीट अदालत में दाखिल की, जिसके बाद अब केस की सुनवाई मजिस्ट्रेट कोर्ट में आगे बढ़ेगी.
-भारत एक्सप्रेस
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