लाइफस्टाइल

क्या है Pseudobulbar नामक दुर्लभ बीमारी? जिसके कारण बाहुबली एक्ट्रेस अनुष्का शेट्टी हुई इसका शिकार

Rare Laughing Disease: साउथ इंडस्ट्री का जाना-माना चेहरा अनुष्का शेट्टी की पॉपुलैरिटी हिंदी ऑडियंस के बीच भी रही है. प्रभास को तो लोग बाहुबली के बाद से जानते हैं लेकिन अनुष्का शेट्री को लोग बाहुबली के पहले से जानते हैं. एक्ट्रेस ने कई सारी साउथ फिल्मों में काम किया है. हाल ही में एक्ट्रेस ने अपनी हेल्थ को लेकर एक शॉकिंग रिविलेशन किया है. उन्होंने बताया है कि वे इन दिनों स्यूडो बुलबार (Pseudobulbar) नामक बीमारी का सामना कर रही है.

इसमें होता ये है कि एक्ट्रेस हंसना शुरू करती हैं तो रुक नहीं पाती और हंसती जाती है. उन्हें नॉर्मल होने के लिए 15-20 मिनट तक का समय लगता है. खास बात ये है कि इस बीमारी से ग्रसित ज्यादातर लोगों में इसे डिप्रेशन के हाई स्टेज के रूप में देखा जा रहा है. ऐसे में आज हम आपको इस बीमारी के बारे में बताएंगे.

क्या है Pseudobulbar नामक दुर्लभ बीमारी?

स्यूडो बुलबार (Pseudobulbar Affect) यानी PBA नामक बीमारी की बात की जाए तो इस बीमारी में शिकार हुए लोगों को कभी भी अचानक से हंसना और रोना आ जाता है. इस तरह के व्यक्ति वास्तविक स्थिति से बिल्कुल अलग होते है जिनका कोई पता नहीं चलता है. इसे लेकर स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं कि PBA चुनौतियों पर ध्यान देते हैं क्योंकि ये बीमारी आपको कभी भी हो सकती है. ये आपके दैनिक जीवन और देखभाल करने वालों के जीवन पर काफी प्रभाव डाल सकता है.

Pseudobulbar Affect यानी PBA के लक्षण

पीबीए (Pseudobulbar Affect) के लक्षण की बात करें तो इसमें अक्सर लोगों को अचानक से हंसना और रोना आ जाता है जो आपकी भावनात्मक स्थिति को और खराब कर देती है. ऐसे लोगों में हंसी अक्सर आंसू में बदल जाती है. ऐसे लोगों में कभी मूड अच्छा दिखाई देगा तो कभी एकदम से बिगड़ जाएगा. हालांकि रोना हंसने की तुलना में पीबीए का संकेत माना जाता है.

इस प्रकार रोगी की भावनात्मक अनुभव के बीच समानता नहीं होती. जिसके कारण रोगी, परिवार और देखभाल करने वालों के लिए हाई सेंसिटिव हो जाता है क्योंकि उन्हें समझ नहीं आता कि रोगी कब क्या करेगा. इस तरह से ये बीमारी एक गंभीर डिसऑर्डर के रूप में देखा जाता है. इसके अलावा पीबीए से लगभग 30-35 रोगी डिप्रेशन से पीड़ित पाए गए है.

ये भी पढ़ें: क्या आप भी बढ़ाना चाहते हैं अपनी ब्रेन पावर? तो आज से ही अपनाएं ये आदतें

क्या है इस बीमारी का इलाज?

इस बीमारी को आसान भाषा में हंसने की बीमारी कह सकते हैं इसके लिए कोई दवाई नहीं है बल्कि इंसान को खुद पर कंट्रोल करना जरूरी होता है. ऐसे में अगर आप हंसते समय गहरी और धीमी सांस लें तो इससे आपको हंसी रोकने में मदद मिल सकती है. इसके अलावा अगर आप इस बीमारी के खरते से बचना चाहते हैं तो अपने दिमाग को दूसरी जगह लगाने की कोशिश करें इस स्थिति से बाहर निकलने में मदद मिलती है. अगर स्थिति गंभीर हो जाए तो तुरंत डॉक्टर की सलाह लें और नियमित चेकअप कराएं.

-भारत एक्सप्रेस 

Akansha

Recent Posts

‘पीएम मोदी का नेतृत्व दुनिया के लिए मिसाल…’; अमेरिकी गवर्नर ने की जमकर तारीफ

भारत में एक ट्रेड मिशन पर आए मोंटाना के गवर्नर ग्रेग जियानफोर्टे ने बुधवार प्रधानमंत्री…

2 minutes ago

जनता जानती है..! नवादा में गरजे प्रशांत किशोर, अनंत सिंह पर खुला PK का राज

Prashant Kishor In Nwada: नवादा पहुंचे जन सुराज के संस्थापर प्रशांत किशोर यानी PK ने…

18 minutes ago

मां के संघर्षों की मिसाल बनी रामगढ़ की कविता, बच्चों के लिए साड़ी में नंगे पांव दौड़ी 1600 मीटर

झारखंड के रामगढ़ की कविता देवी ने पति के निधन के बाद दो बच्चों के…

24 minutes ago

दिनदहाड़े गोलियों की तड़तड़ाहट से दहला बेगूसराय! बस स्टैंड के पास बदमाशों ने 3 लोगों को मारी गोली

बेगूसराय बस स्टैंड के पास अचानक हुई ताबड़तोड़ फायरिंग से इलाके में हड़कंप मच गया.…

24 minutes ago

मंदिर के नाम मुस्लिम महिला की ‘वसीयत’, संभल में पति के इंतकाल के बाद आखिर क्या हुआ?

Sambhal Muslim Woman Temple Will: संभल में पति के निधन के बाद मुस्लिम महिला लुबना…

38 minutes ago

पसमांदा समुदाय की शिक्षा, गरिमा और समान अवसरों के लिए सामूहिक संकल्प का मंच बना “पसमांदा संवाद”

राष्ट्रीय अल्पसंख्यक शैक्षिक संस्थान आयोग (NCMEI) के कार्यवाहक अध्यक्ष प्रो. (डॉ.) शाहिद अख़्तर, उत्तर प्रदेश…

1 hour ago