राखी कितने दिन बाद उतारनी चाहिए
Rakshabandhan 2026: भाई-बहन के प्यार का महापर्व रक्षाबंधन देशभर में बहुत ही धूमधाम से मनाया जाता है. इस दिन बहनें भाई की कलाई पर रक्षासूत्र यानी राखी बांधती हैं, जिसमें ढेर सारा प्यार, सुरक्षा का वादा और अच्छी सेहत की कामनाएं छिपी होती हैं. लेकिन त्योहार खत्म होने के बाद अक्सर लोगों के मन में एक आम सवाल जरूर आता है कि कलाई पर बंधी इस राखी को कितने दिनों तक रखना चाहिए और बाद में इसका क्या करना चाहिए? आइए जानते हैं कि परंपरा के अनुसार राखी को उतारने और उसके विसर्जन का सही तरीका क्या है.
धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक, राखी को तुरंत कलाई से नहीं काटा जाता है. आम तौर पर इसे 3 से 7 दिनों तक या फिर कई लोग तो भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव यानी जन्माष्टमी तक कलाई पर बांधे रखते हैं. हालांकि इसके लिए कोई सख्त नियम नहीं है. आप अपनी पारिवारिक परंपरा या सुविधा के हिसाब से इसे रख सकते हैं. बस इस दौरान थोड़ी सावधानी बरतें कि नहाते वक्त या रोजमर्रा के कामों में यह गंदी या खंडित न हो.
जब भी आपको राखी हटानी हो तो उसे अचानक खींचकर या गुस्से में न निकालें. राखी उतारने से पहले भगवान का मन में स्मरण करें और प्यार से उसकी गांठ खोलकर उसे किसी साफ थाली या कपड़े पर रखें. सबसे जरूरी बात यह है कि राखी को कभी भी भूलकर कचरे के डिब्बे या इधर-उधर न फेंकें क्योंकि इसे बेहद पवित्र माना जाता है.
अगर आपकी राखी सूती धागे, रेशम या प्राकृतिक चीजों से बनी है, तो आप इसे किसी पवित्र नदी में प्रवाहित कर सकते हैं या फिर घर के गमले या बगीचे की साफ मिट्टी में दबा सकते हैं.
मेटल या प्लास्टिक की राखियों का क्या करें? आजकल बाजार में धातु, मोती या प्लास्टिक वाली फैंसी राखियां भी मिलती हैं. इन्हें पानी में नहीं डालना चाहिए ताकि प्रदूषण न फैले. ऐसी राखियों के धागे या फूलों को अलग करके जल या मिट्टी में विसर्जित कर दें और धातु वाली राखी को संभालकर रख सकते हैं. अगर चांदी या सोने की राखी है, तो उसे हमेशा के लिए संभालकर संदूक या तिजोरी में रखा जा सकता है.
ये भी पढ़ें- बहुला चतुर्थी 2026: कब रखा जाएगा व्रत? जानें पूजा, चंद्रोदय का समय और धार्मिक महत्व
कई बार काम करते वक्त या पानी लगने से राखी अपने आप टूट जाती है या ढीली होकर गिर जाती है. इसे लेकर मन में किसी भी तरह का डर या अपशकुन न पालें. धागा पुराना होने पर ऐसा होना आम बात है. बस टूटे हुए धागे को आदर के साथ उठाकर किसी सुरक्षित जगह रख लें और बाद में नियम से उसका विसर्जन कर दें.
Also Follow Bharat Express on Youtube
-भारत एक्सप्रेस
Supreme Court: पश्चिम बंगाल के पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की परेशानी कम होने का नाम…
Jammu Kashmir news: जम्मू-कश्मीर के पुंछ में पुलिस ने ज्वेलरी दुकान पर छापेमारी की. तलाशी…
Supreme Court EV Remarks: इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने चार्जिंग…
चंडीगढ़ में 'राजा डी किंग' नामक शख्स द्वारा अनोखे 'आईफोन लंगर' का ऐलान किया गया…
Mamata Banerjee Setback: पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को लगातार दो दिनों में…
Gen Z Cafe Business Story: दिल्ली की 21 वर्षीय युवती ने 15 लाख रुपये सालाना…