खेल

टीम इंडिया से बाहर, लेकिन फॉर्म में अंदर! ऋतुराज गायकवाड़ का शतक, सेलेक्टर्स के चयन पर सवाल?

शतक जड़ने के बावजूद अगर किसी बल्लेबाज को भारतीय वनडे टीम से बाहर किया जाए, तो वह फैसला किसी के करियर को तोड़ सकता है. लेकिन ऋतुराज गायकवाड़ के लिए यही नजरअंदाजी उनकी सबसे बड़ी ताकत बन गई. विजय हजारे ट्रॉफी (VHT) में उन्होंने एक बार फिर साबित कर दिया कि क्लास कभी फॉर्म की मोहताज नहीं होती. 134 रनों की नाबाद और आक्रामक पारी खेलते हुए गायकवाड़ ने न सिर्फ अपना 15वां लिस्ट-ए शतक पूरा किया, बल्कि रिकॉर्ड बुक में अपना नाम और गहराई से दर्ज करा दिया.

शतकीय पारी की हाइलाइट

जयपुर में गोवा के खिलाफ महाराष्ट्र के आखिरी लीग मुकाबले में ऋतुराज गायकवाड़ ने एक यादगार शतक जड़ते हुए इतिहास रच दिया. इस पारी के साथ उन्होंने देश की प्रमुख घरेलू 50 ओवर प्रतियोगिता में सबसे ज्यादा शतकों के सर्वकालिक रिकॉर्ड की बराबरी कर ली.

नंबर पांच पर बल्लेबाजी करने उतरे गायकवाड़ उस वक्त क्रीज पर आए, जब महाराष्ट्र की हालत 3 विकेट पर सिर्फ 2 रन थी. एक छोर से विकेट गिरते रहे, लेकिन उन्होंने संयम और समझदारी के साथ पारी संभाले रखी. विक्की ओस्तवाल के साथ सातवें विकेट के लिए की गई 108 रनों की अहम साझेदारी ने टीम को संकट से बाहर निकाला. अंत तक नाबाद रहते हुए गायकवाड़ ने 131 गेंदों पर 134 रन की शानदार पारी खेली.

टीम इंडिया में नहीं मिला मौका

न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज के लिए टीम इंडिया से बाहर किए जाने के बाद ऋतुराज गायकवाड़ ने विजय हजारे ट्रॉफी में शानदार शतक जड़कर जोरदार जवाब दिया है. यह पारी इसलिए भी अहम रही क्योंकि पिछले महीने रायपुर में उन्होंने भारत के लिए अपना पहला वनडे शतक लगाया था, फिर भी 11 जनवरी से बड़ौदा में शुरू हो रही तीन मैचों की वनडे सीरीज के लिए उन्हें टीम में शामिल नहीं किया गया. श्रेयस अय्यर की फिटनेस में वापसी के कारण गायकवाड़ को बाहर बैठना पड़ा, जिस फैसले पर कई पूर्व खिलाड़ियों और क्रिकेट विशेषज्ञों ने सवाल उठाए हैं.


ये भी पढ़ें: T20 वर्ल्ड कप से पहले टीम इंडिया को बड़ा झटका! तिलक वर्मा पहुंचे अस्पताल, क्या शुभमन गिल की होगी अचानक एंट्री?


ऋतुराज गायकवाड़ की दानेदारी मजबूत

भारतीय जर्सी से दूर रहकर भी ऋतुराज के रन किसी शिकायत की तरह नहीं, बल्कि एक मजबूत जवाब की तरह सामने आ रहे हैं. इसी बीच तिलक वर्मा की चोट ने टीम चयन के समीकरण बदल दिए हैं, और ऐसे हालात में गायकवाड़ की यह शानदार फॉर्म टीम इंडिया में वापसी की सबसे मजबूत दावेदारी बनकर उभरी है. अब चर्चा यह नहीं रह गई है कि ऋतुराज गायकवाड़ फिट हैं या नहीं, असली सवाल यह है कि टीम इंडिया उन्हें और कितने समय तक नजरअंदाज कर पाएगी.

-भारत एक्सप्रेस

Sahil Singh

पढ़ने-लिखने से शुरू हुआ सफर खबरों तक ले गया. पत्रकारिता को करियर बनाने का एक मात्र उद्देश्य—पढ़ना, साथ ही नई-नई चीज़ों को जानने की जिज्ञासा रखना था. आज से पहले ‘आज तक’ चैनल, उसके बाद दायित्व वेबसाइट, और अब भारत एक्सप्रेस में बतौर सब-एडिटर की भूमिका निभा रहा हूं.

Recent Posts

पहलगाम की अरु घाटी में बुनियादी सुविधाओं का घोर अभाव, आधे सफर से लौटने को मजबूर सैलानी; स्थानीय कारोबार प्रभावित

पहलगाम की अरु घाटी में मोबाइल नेटवर्क, एटीएम, स्वास्थ्य और शौचालय की भारी कमी। सैलानी…

3 hours ago

द ग्रेट मंडल बनाम कमंडल संघर्ष: वह दिन जब बिहार ने आडवाणी की रथ यात्रा रोक दी

Mandal Vs Kamandal: एलके आडवाणी की रथ यात्रा 25 सितंबर 1990 को गुजरात के सोमनाथ…

4 hours ago

स्टूडेंट हॉस्टल से CM हाउस तक: वह रात जब लालू ने बिहार की कमान संभाली

Lalu Prasad Yadav: लालू प्रसाद यादव के उभार की कहानी सिर्फ एक राजनेता की जीवनी…

4 hours ago

35 से ज्यादा लग्जरी घड़ियां, अकूत जमीन और 500-500 के नोटों की गड्डियां… बिहार के इस पावर कपल के ठिकानों पर पड़ा छापा

VIGILANCE RAID ON BIHAR OFFICER COUPLE: बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी अन्वेषण ब्यूरो (Vigilance)…

4 hours ago

ठहाका, तेवर और तूफानी राजनीति! जानिए कैसे लालू यादव ने हमेशा के लिए बदल दिए भारतीय लोकतंत्र के नियम

Lalu Prasad Yadav: भारतीय लोकतंत्र में लालू प्रसाद यादव की पहचान एक खास राजनीतिक शैली…

4 hours ago

बदायूं के दोहरे हत्याकांड में चार दोषियों की फांसी की सजा रद्द, जानिए हाईकोर्ट ने क्‍यों उनको किया बाइज्जत बरी

बदायूं के चर्चित दोहरे हत्याकांड (ऑनर किलिंग के मामले) में सेशन कोर्ट द्वारा सुनाई गई…

4 hours ago