शतक जड़ने के बावजूद अगर किसी बल्लेबाज को भारतीय वनडे टीम से बाहर किया जाए, तो वह फैसला किसी के करियर को तोड़ सकता है. लेकिन ऋतुराज गायकवाड़ के लिए यही नजरअंदाजी उनकी सबसे बड़ी ताकत बन गई. विजय हजारे ट्रॉफी (VHT) में उन्होंने एक बार फिर साबित कर दिया कि क्लास कभी फॉर्म की मोहताज नहीं होती. 134 रनों की नाबाद और आक्रामक पारी खेलते हुए गायकवाड़ ने न सिर्फ अपना 15वां लिस्ट-ए शतक पूरा किया, बल्कि रिकॉर्ड बुक में अपना नाम और गहराई से दर्ज करा दिया.
शतकीय पारी की हाइलाइट
जयपुर में गोवा के खिलाफ महाराष्ट्र के आखिरी लीग मुकाबले में ऋतुराज गायकवाड़ ने एक यादगार शतक जड़ते हुए इतिहास रच दिया. इस पारी के साथ उन्होंने देश की प्रमुख घरेलू 50 ओवर प्रतियोगिता में सबसे ज्यादा शतकों के सर्वकालिक रिकॉर्ड की बराबरी कर ली.
नंबर पांच पर बल्लेबाजी करने उतरे गायकवाड़ उस वक्त क्रीज पर आए, जब महाराष्ट्र की हालत 3 विकेट पर सिर्फ 2 रन थी. एक छोर से विकेट गिरते रहे, लेकिन उन्होंने संयम और समझदारी के साथ पारी संभाले रखी. विक्की ओस्तवाल के साथ सातवें विकेट के लिए की गई 108 रनों की अहम साझेदारी ने टीम को संकट से बाहर निकाला. अंत तक नाबाद रहते हुए गायकवाड़ ने 131 गेंदों पर 134 रन की शानदार पारी खेली.
🚨 RUTURAJ GAIKWAD SMASHED 134* (131) IN THE VIJAY HAZARE TROPHY. 🚨
– Maharashtra were 52/6 at one stage, then the captain stepped up.
Rutu, despite playing such crucial knocks, will be ignored by the selectors. 💔 pic.twitter.com/Wj2RZto3U3
— Mufaddal Vohra (@mufaddal_vohra) January 8, 2026
टीम इंडिया में नहीं मिला मौका
न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज के लिए टीम इंडिया से बाहर किए जाने के बाद ऋतुराज गायकवाड़ ने विजय हजारे ट्रॉफी में शानदार शतक जड़कर जोरदार जवाब दिया है. यह पारी इसलिए भी अहम रही क्योंकि पिछले महीने रायपुर में उन्होंने भारत के लिए अपना पहला वनडे शतक लगाया था, फिर भी 11 जनवरी से बड़ौदा में शुरू हो रही तीन मैचों की वनडे सीरीज के लिए उन्हें टीम में शामिल नहीं किया गया. श्रेयस अय्यर की फिटनेस में वापसी के कारण गायकवाड़ को बाहर बैठना पड़ा, जिस फैसले पर कई पूर्व खिलाड़ियों और क्रिकेट विशेषज्ञों ने सवाल उठाए हैं.
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ऋतुराज गायकवाड़ की दानेदारी मजबूत
भारतीय जर्सी से दूर रहकर भी ऋतुराज के रन किसी शिकायत की तरह नहीं, बल्कि एक मजबूत जवाब की तरह सामने आ रहे हैं. इसी बीच तिलक वर्मा की चोट ने टीम चयन के समीकरण बदल दिए हैं, और ऐसे हालात में गायकवाड़ की यह शानदार फॉर्म टीम इंडिया में वापसी की सबसे मजबूत दावेदारी बनकर उभरी है. अब चर्चा यह नहीं रह गई है कि ऋतुराज गायकवाड़ फिट हैं या नहीं, असली सवाल यह है कि टीम इंडिया उन्हें और कितने समय तक नजरअंदाज कर पाएगी.
-भारत एक्सप्रेस
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