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सूर्या का पत्ता साफ, श्रेयस अय्यर ही क्यों बने टी-20 के नए बॉस? जानें वो 3 बड़े कारण जिसने पलट डाली पूरी बाजी

भारतीय टी-20 टीम में सूर्यकुमार यादव का कप्तानी युग खत्म होने की खबर ने क्रिकेट जगत में खलबली मचा दी है. वर्ल्ड कप जिताने वाले कप्तान को हटाकर श्रेयस अय्यर को कप्तानी (Shreyas Iyer T20 Captain) सौंपने की तैयारी की जा रही है. हर कोई हैरान है कि आखिर सेलेक्टर्स ने सूर्या की जगह श्रेयस अय्यर को ही क्यों चुना?

इसके पीछे कोई अंदरूनी खींचतान नहीं बल्कि बीसीसीआई (BCCI) की एक सोची-समझी रणनीति और श्रेयस अय्यर का दमदार कप्तानी रिकॉर्ड है. आइए समझते हैं वो 3 मुख्य कारण, जिनकी वजह से श्रेयस अय्यर ने सूर्या को पछाड़कर टीम इंडिया की कमान हासिल की.

KKR को चैंपियन बनाने वाला कप्तानी का ‘एक्स-फैक्टर’

श्रेयस अय्यर को कप्तानी सौंपने की सबसे बड़ी वजह उनका बेजोड़ लीडरशिप ट्रैक रिकॉर्ड है. अय्यर ने आईपीएल 2024 में कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) को अपनी कप्तानी में चैंपियन बनाकर यह साबित कर दिया था कि वे दबाव के क्षणों में बेहतरीन फैसले ले सकते हैं.

इससे पहले वे दिल्ली कैपिटल्स को भी फाइनल तक ले जा चुके हैं. श्रेयस के पास ऑन-फील्ड कप्तानी का जो शातिर दिमाग और रणनीति है, उसकी तुलना में सूर्यकुमार यादव आईपीएल या घरेलू स्तर पर कप्तानी के मामले में काफी पीछे नजर आते हैं.

मैदान के बाहर का गंभीर एटीट्यूड(Shreyas Iyer T20 Captain)

एक कप्तान सिर्फ मैदान पर रन नहीं बनाता बल्कि वो पूरी टीम का चेहरा होता है. प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सूर्यकुमार यादव का च्युइंग गम चबाते हुए मीडिया के गंभीर सवालों का मजाकिया लहजे में मखौल उड़ाना बोर्ड के आला अधिकारियों को पसंद नहीं आ रहा था.

इसके विपरीत, श्रेयस अय्यर अपनी बातचीत और एटीट्यूड में बेहद गंभीर, प्रोफेशनल और परिपक्व नजर आते हैं. बीसीसीआई को ‘मिशन 2028’ के लिए एक ऐसा कप्तान चाहिए था जो अनुशासन के मामले में सख्त हो और मीडिया के सामने टीम इंडिया की गरिमा को मजबूती से रखे.

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‘मिस्टर 360’ का महा-फ्लॉप शो बनाम अय्यर की स्थिरता

कप्तानी में बदलाव का सबसे बड़ा पैमाना खिलाड़ियों की मौजूदा फॉर्म रही. जहाँ सूर्या टी-20 वर्ल्ड कप और फिर आईपीएल 2026 में मुंबई इंडियंस के लिए रन बनाने को तरस गए (13 पारियों में मात्र 270 रन), वहीं श्रेयस अय्यर मुश्किल परिस्थितियों में टीम को संभालना बखूबी जानते हैं.

सूर्या का अति-आक्रामक और गैर-जिम्मेदाराना स्ट्रोक मेकिंग उनके पतन का कारण बना, जबकि अय्यर मिडिल ऑर्डर में एंकर की भूमिका निभाकर टीम को स्थिरता देते हैं. सेलेक्टर्स का मानना है कि अय्यर की कप्तानी में युवा खिलाड़ियों को ज्यादा सुरक्षा और भरोसा मिलेगा.

-भारत एक्सप्रेस

 

Rohit Agrawal

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