Sanchayika Day 2024
Sanchayika Day 2024: राष्ट्रीय बचत संस्थान (NSI) की ओर से हर साल 15 सितंबर को संचायिका दिवस के रूप में बनाया जाता है. इसका उद्देश्य बच्चों को बैंकिंग और अकाउंटिंग सिस्टम की जानकारी देने के साथ उनमें सेविंग की आदत को बढ़ावा देना है, जिससे वे अपने भविष्य में सेविंग कर अच्छे नागरिक बन देश के विकास में योगदान दे सके.
संचायिका एक धन प्रणाली है. कह सकते हैं कि इसके जरिए बच्चों को बचत का ककहरा सिखाया जाता है. बचत का महत्व समझ पाते हैं. इस योजना के तहत बच्चे खाते में पैसे जमा कर सकते हैं और उस पर ब्याज प्राप्त कर सकते हैं. इस योजना का विचार पहली बार 1960 के दशक में आया था.
संचायिका नाम से एक बैंक भी है जो कि छात्रों द्वारा छात्रों के लिए चलाया जाता है. राष्ट्रीय बचत संस्थान की वेबसाइट पर दी गई जानकारी के मुताबिक, संचायिका बैंक में छात्रों द्वारा एकत्रित की जाने वाली राशि पोस्ट ऑफिस सेविंग्स अकाउंट मे जमा किया जाता है.
इस खाते को बोर्ड ऑफ ट्रस्टी द्वारा चलाया जाता है, जिसमें स्कूल के प्रिंसिपल या हेड मास्टर और स्कूल या कॉलेज के दो छात्र होते हैं. इस खाते के लिए छात्रों से संग्रह किसी एक निश्चित दिन किया जाता है और इसकी एंट्री भी पासबुक में की जाती है और फिर पासबुक को छात्रों को लौटा दिया जाता है. इस खाते में जमा राशि पर बच्चों को ब्याज भी दिया जाता है.
ये भी पढ़ें: Metro Card का नो झंझट, दिल्ली मेट्रो ने जारी किया नया QR टिकट, स्मार्ट कार्ड की तरह मिलेगा डिस्काउंट
संचायिका दिवस को केंद्र सरकार के ज्यादातर स्कूल और कॉलेजों में मनाया जाता है. इस दिन को छात्रों में बचत की आदत शुरू करने के दिन के रूप में देखा जाता है. इससे छात्र कम उम्र में ही पैसे बचाने के महत्व को समझ जाते हैं.
-भारत एक्सप्रेस
त्रिपुरा में BSF जवानों पर हुए जानलेवा हमले के बाद प्रशासन सख्त नजर आ रहा…
बलोचिस्तान पाकिस्तान का सबसे बड़ा प्रांत है, जो प्राकृतिक संसाधनों, विशाल पहाड़ों और रणनीतिक रूप…
भारत ने न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले वनडे में 5 विकेट से शानदार जीत दर्ज की.…
ईरान में सत्ता बदलने की ट्रंप और नेतन्याहू की कोशिश क्यों नाकाम हुई? खामेनेई के…
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर में 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' पदयात्रा को…
सुप्रीम कोर्ट ने बेंगलुरु के फाइव-स्टार होटलों पर समान प्रॉपर्टी टैक्स व्यवस्था को बरकरार रखा…