उत्तर प्रदेश

महानगर नियोजन समिति का चुनाव कराने की कार्यवाही करने का राज्य चुनाव आयोग को निर्देश

प्रदेश में महानगर नियोजन समिति का चुनाव नहीं कराने पर इलाहाबाद हाई कोर्ट ने गंभीर रुख अपनाया है. न्यायमूर्ति सरल श्रीवास्तव और न्यायमूर्ति अरुण कुमार सिंह देशवाल की खंडपीठ ने राज्य चुनाव आयुक्त को निर्देशित किया है कि वह महानगर नियोजन समिति का चुनाव कराने के लिए 10 दिनों की अवधि के भीतर प्रमुख सचिव, नगर विकास को पत्र लिखें. प्रमुख सचिव इस पत्र के परिपेक्ष्य में आयोग को अपेक्षित दस्तावेजी जानकारी दो सप्ताह की अवधि के भीतर उपलब्ध कराएं. ऐसा नहीं होने की स्थिति में अगली सुनवाई तिथि 29 अगस्त को संयुक्त आयुक्त राज्य चुनाव आयोग और प्रमुख सचिव, शहरी विकास उ प्र हाजिर हो.

कोर्ट ने प्रयागराज निवासी कमलेश कुमार सिंह व दो अन्य की याचिका पर यह आदेश दिया है. खंडपीठ को बताया गया कि इलाहाबाद हाई कोर्ट आठ सितंबर 2021 को इस संबंध में आदेश पारित कर चुका है, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है. संविधान के अनुच्छेद 243 जेड ई तथा उत्तर प्रदेश नगर निगम अधिनियम, 1959 की धारा 57-ए के अंतर्गत प्रावधानित महानगरीय नियोजन के लिए समिति गठित करने के लिए राज्यपाल ने उत्तर प्रदेश महानगर नियोजन समिति (प्रक्रिया का विनियमन और इसके कार्यों का निष्पादन) नियम, 2011 अधिसूचित किया है.

कोर्ट ने जताई नाराज़गी

इसके नियम सात के अंतर्गत, राज्य चुनाव आयोग को समिति के अध्यक्ष और सदस्यों के चुनाव के लिए मतदाता सूची तैयार करने और उनके संचालन के लिए अधीक्षण, निर्देशन और नियंत्रण की शक्ति प्रदान की गई है. 22 मई 2014 की एक अन्य अधिसूचना द्वारा महानगरीय क्षेत्र के लिए महानगर योजना समिति की सदस्य संख्या 30 निर्धारित की गई है. राज्य सरकार ने 29 जनवरी 2015 को पत्र भेज राज्य चुनाव आयोग से महानगर योजना समिति के गठन के लिए कार्यवाही शुरू करने का अनुरोध किया था. कोर्ट को अवगत कराया गया कि सितंबर 2021 में जनहित याचिका (संख्या 4735/2016) की सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट राज्य सरकार के इसी पत्र के आधार पर चुनाव आयोग को महानगर योजना समिति के गठन के लिए शीघ्र कदम उठाने का निर्देश दे चुकी है.

अधिकारियों की कोर्ट में पेशी तय

याचीगण कहना है कि लगभग पांच वर्ष बीत जाने के बावजूद, राज्य चुनाव आयोग ने महानगर योजना समिति के गठन के लिए कोई कदम नहीं उठाया है. यह संविधान और क़ानून द्वारा सौंपे गए कर्तव्य और ज़िम्मेदारी का पूर्णतः परित्याग है. कोर्ट को राज्य चुनाव आयोग के अधिवक्ता ने बताया कि 27 अगस्त 2024 को प्रमुख सचिव, नगरीय विकास को पत्र भेज महानगर नियोजन समिति के चुनाव हेतु कुछ जानकारी मांगी गई है. अब फिर पत्र लिखा जाएगा. कोर्ट ने कहा कि भारत के संविधान के अनुच्छेद 243-ZE के तहत प्रदत्त संवैधानिक अधिदेश की अनदेखी की गई है.

ये भी पढ़े: मोदी सरकार ने वापस लिया आयकर विधेयक 2025, जानें क्या है इसके पीछे की वजह

भारत एक्सप्रेस

विशाल तलवार

Recent Posts

प्रधानमंत्री मोदी ने शेयर किया खास संस्कृत सुभाषित, आत्मनिर्भरता और सेवा का दिया संदेश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पर एक संस्कृत सुभाषित साझा कर देशवासियों को आत्मनिर्भरता…

9 minutes ago

‘सब कुछ आपकी मर्जी से नहीं चलेगा…’: उज्जैन में बोले डॉ. मोहन भागवत- अहंकार छोड़ नियमों को अपनाएं युवा

Yuva Dharma Sansad Ujjain Mohan Bhagwat: उज्जैन में तीन दिवसीय युवा धर्म संसद का उद्घाटन…

10 minutes ago

अफगानिस्तान के खिलाफ क्यों नहीं मिला वैभव को मौका? कोच गौतम गंभीर ने बताई वजह

IND vs AFG T20I सीरीज में वैभव सूर्यवंशी को तीनों मैचों में प्लेइंग-11 में जगह…

27 minutes ago

संतान सप्तमी व्रत कथा: संतान की सुख-समृद्धि के लिए करें शिव-पार्वती की पूजा, पढ़ें पूरी पौराणिक कथा

Santan Saptami Vrat Katha: संतान सप्तमी का व्रत संतान के अच्छे स्वास्थ्य, दीर्घायु और सुख-समृद्धि…

35 minutes ago

DUSU Elections 2026: दिल्ली यूनिवर्सिटी में मतदान शुरू, कड़े सुरक्षा पहरे के बीच किस्मत आजमा रहे 20 उम्मीदवार

दिल्ली यूनिवर्सिटी छात्रसंघ चुनाव 2026 के तहत आज दो शिफ्टों में मतदान कराया जा रहा…

45 minutes ago

Home & Wellness: घर की खूबसूरती से लेकर Brain Health तक, क्यों बढ़ रहा है Wellness का फोकस

Wellness Lifestyle Trend: Home & Wellness का ट्रेंड तेजी से लोकप्रिय हो रहा है, जिसमें…

55 minutes ago