इलाहाबाद हाईकोर्ट ने क्रेच की सुविधा की मांग में दाखिल जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि क्रेच (बाल देखभाल केंद्र) उच्च न्यायालय की मुख्य इमारत में होना चाहिए.
मुख्य न्यायमूर्ति अरुण भंसाली तथा न्यायमूर्ति क्षितिज शैलेंद्र की खंडपीठ ने यह टिप्पणी एडवोकेट जाह्नवी सिंह की जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान की. उच्च न्यायालय की ओर से कहा गया कि क्रेच नवनिर्मित भवन में खोला जाना प्रस्तावित है.
अधिवक्ता जाह्नवी सिंह ने जनहित याचिका में उच्च न्यायालय के कर्मचारियों एवं महिला अधिवक्ताओं के हित में क्रेच सुविधा की मांग की है. तर्क दिया कि दिल्ली और देश के अन्य उच्च न्यायालयों में उच्च गुणवत्ता वाली क्रेच सुविधाएं संचालित हो रही हैं. उसी तर्ज पर इलाहाबाद उच्च न्यायालय में भी ऐसी सुविधा उपलब्ध कराई जानी चाहिए.
पूर्व में कोर्ट ने हाईकोर्ट प्रशासन से इस विषय पर जानकारी मांगी थी. कोर्ट ने अगली सुनवाई की तिथि 25 जुलाई 2025 नियत करते हुए हाईकोर्ट के अधिवक्ता को इस मामले में ठोस जानकारी प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है.
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भारत एक्सप्रेस
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